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Noida News: इसके लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी किया जा चुका है। चयनित कंपनी अगले 20 वर्षों तक पार्क का संचालन और रखरखाव करेगी। यह पहली बार होगा जब किसी पार्क का संचालन इस तरह किसी निजी कंपनी के माध्यम से किया जाएगा।

नोएडा में आवारा कुत्तों को लेकर लंबे समय से चल रही समस्या को कम करने के लिए प्राधिकरण ने बड़ा फैसला लिया है। शहर के अलग-अलग इलाकों में 18 डॉग शेल्टर बनाए जाएंगे। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन के तहत लिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से आवारा कुत्तों के कारण होने वाले विवादों में कमी आएगी और उनके रखरखाव की बेहतर व्यवस्था हो सकेगी।
इस योजना को लागू करने से पहले प्राधिकरण ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चार डॉग शेल्टर तैयार किए थे। इन शेल्टरों के अनुभव और परिणामों का आकलन करने के बाद अब पूरे शहर में 18 डॉग शेल्टर बनाने की दिशा में काम आगे बढ़ाया जा रहा है। इनका संचालन और देखभाल संबंधित सेक्टर और हाउसिंग सोसायटी की एओए (Association of Apartment Owners) की ओर से की जाएगी।
डॉग शेल्टर के साथ-साथ नोएडा के सेक्टर-137 में एक आधुनिक डॉग पार्क भी तैयार किया गया है। इसके संचालन के लिए प्राधिकरण जल्द ही एक कंपनी का चयन करेगा। इसके लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी किया जा चुका है। चयनित कंपनी अगले 20 वर्षों तक पार्क का संचालन और रखरखाव करेगी। यह पहली बार होगा जब किसी पार्क का संचालन इस तरह किसी निजी कंपनी के माध्यम से किया जाएगा।
सेक्टर-137 में तैयार यह डॉग पार्क करीब 3.85 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। इसके निर्माण पर लगभग 3.86 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। पार्क में डॉग्स और उनके मालिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक व्यवस्थाएं की गई हैं। हालांकि पार्क का संचालन करने वाली कंपनी को विज्ञापन या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति मिलेगी या नहीं इसका फैसला कंपनी के चयन के दौरान किया जाएगा।
इस डॉग पार्क को इस तरह तैयार किया गया है कि यहां पालतू कुत्तों के साथ आने वाले लोगों को भी किसी तरह की परेशानी न हो। बड़े और छोटे डॉग्स के लिए अलग-अलग क्षेत्र बनाए गए हैं। पीने के पानी के लिए वाटर फाउंटेन, बैठने के लिए बेंच, वाटर पॉन्ड, डॉग्स के खेलने के लिए रबर टाइल वाला क्षेत्र, डॉग वेस्ट डिस्पोजल स्टेशन और चिकित्सीय सुविधा जैसी व्यवस्थाएं भी पार्क में उपलब्ध कराई गई हैं। इन सुविधाओं का उद्देश्य पालतू जानवरों के लिए सुरक्षित और साफ-सुथरा माहौल उपलब्ध कराना है।
उद्यान निदेशक आनंद मोहन सिंह के अनुसार, देश का पहला प्रमाणित डॉग पार्क तेलंगाना के ग्रेटर हैदराबाद में बनाया गया था। वह पार्क करीब 1.3 एकड़ क्षेत्र में फैला है और उसके निर्माण पर लगभग 1.1 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। नोएडा का डॉग पार्क आकार और सुविधाओं के लिहाज से काफी आधुनिक माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना शहर में पशु कल्याण और बेहतर शहरी प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
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