गौतमबुद्ध नगर समेत पूरे उत्तर प्रदेश में स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अब ड्राइविंग टेस्ट में असफल होने वाले आवेदकों को दोबारा परीक्षा देने के बजाय निर्धारित प्रशिक्षण लेना होगा।

Noida News : गौतमबुद्ध नगर समेत पूरे उत्तर प्रदेश में स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अब ड्राइविंग टेस्ट में असफल होने वाले आवेदकों को दोबारा परीक्षा देने के बजाय निर्धारित प्रशिक्षण लेना होगा। इसके लिए आवेदक को 6 हजार रुपये शुल्क जमा करना पड़ेगा। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उसे दोबारा ड्राइविंग टेस्ट दिए बिना स्थायी लाइसेंस जारी किया जाएगा। परिवहन विभाग के मुताबिक, नई व्यवस्था को लेकर शासनादेश जारी हो चुका है और अब इसी के आधार पर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। Noida News
नई व्यवस्था के तहत स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस की परीक्षा में असफल होने वाले आवेदक को मान्यता प्राप्त ड्राइविंग प्रशिक्षण एवं परीक्षण केंद्र पर एक महीने का वाहन चलाने का प्रशिक्षण लेना होगा। प्रशिक्षण के दौरान चालक को वाहन संचालन में दक्ष बनाया जाएगा। इसके बाद प्रशिक्षण पूरा करने वाले आवेदक को दोबारा परीक्षा में शामिल होने की जरूरत नहीं होगी और नियमानुसार स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाएगा। पहले टेस्ट में असफल होने वाले आवेदकों के लिए दोबारा परीक्षा देने का विकल्प था। इसके लिए करीब एक सप्ताह बाद 300 रुपये का री-टेस्ट शुल्क जमा कर परीक्षा दी जा सकती थी। अब इस व्यवस्था में बदलाव किया गया है। गौतमबुद्धनगर में शासन से मान्यता प्राप्त ड्राइविंग प्रशिक्षण एवं परीक्षण केंद्रों पर यह व्यवस्था लागू होगी। दादरी क्षेत्र में प्रमुख रूप से दो केंद्र संचालित हैं। इनमें शिवम मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर, बिसाहड़ा रोड दादरी (प्यावली) और वाईबी बिल्डर्स ड्राइविंग प्रशिक्षण एवं परीक्षण केंद्र, जीटी रोड बाईपास दादरी शामिल हैं। Noida News
परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 के बीच गौतमबुद्ध नगर में 3,345 आवेदक ड्राइविंग टेस्ट में असफल हुए थे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे आवेदकों को निर्धारित प्रशिक्षण लेना होगा। मोटर वाहन निरीक्षक संजय सिंह के अनुसार, शासनादेश लागू हो चुका है और अब ड्राइविंग टेस्ट में असफल होने वाले आवेदकों के लिए इसी व्यवस्था के तहत आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यदि 3,345 आवेदकों को 6 हजार रुपये प्रशिक्षण शुल्क के आधार पर देखा जाए तो कुल रकम करीब 2.01 करोड़ रुपये बैठती है। हालांकि, यह राशि केंद्रों की वास्तविक आय या मुनाफे के बराबर नहीं मानी जा सकती, क्योंकि इसमें प्रशिक्षण से जुड़े खर्च और अन्य व्यय शामिल हो सकते हैं। Noida News
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