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Noida News: हालात ऐसे हैं कि कुछ बसों में पूरे दिन में मुश्किल से 10 यात्री ही सफर कर रहे हैं। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह लोगों तक सेवा की जानकारी न पहुंच पाना और बसों की टाइमिंग को लेकर बनी असमंजस की स्थिति बताई जा रही है।

Noida E-Bus Service: नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई इलेक्ट्रिक बस सेवा को फिलहाल यात्रियों का अपेक्षित समर्थन नहीं मिल रहा है। शहर में 100 ई-बसों का संचालन शुरू होने के बावजूद बसों में यात्रियों की संख्या बेहद कम दिखाई दे रही है। हालात ऐसे हैं कि कुछ बसों में पूरे दिन में मुश्किल से 10 यात्री ही सफर कर रहे हैं। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह लोगों तक सेवा की जानकारी न पहुंच पाना और बसों की टाइमिंग को लेकर बनी असमंजस की स्थिति बताई जा रही है।
सोमवार से ई-बस सेवा के लिए रूट और समय सारिणी तय कर दी गई थी। उम्मीद थी कि शहर के लोग बड़ी संख्या में इस सेवा का उपयोग करेंगे लेकिन शुरुआती दिनों में तस्वीर कुछ अलग ही नजर आ रही है। कई यात्रियों को अभी तक यह पता ही नहीं है कि उनके इलाके में ई-बस सेवा शुरू हो चुकी है। बस चालकों का कहना है कि पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं होने के कारण लोग अभी भी पुराने परिवहन साधनों पर निर्भर हैं। यही वजह है कि बसें स्टॉप से गुजर रही हैं लेकिन उनमें सवार होने वाले यात्रियों की संख्या बेहद कम है।
ई-बस सेवा के संचालन में एक और चुनौती सामने आई है। कुछ चालक हाल ही में दूसरे शहरों से यहां आए हैं और उन्हें स्थानीय रूट की पूरी जानकारी नहीं है। ऐसे में उन्हें गूगल मैप और आसपास के लोगों की मदद लेकर बस चलानी पड़ रही है। चालकों का कहना है कि, जब तक रूट और स्टॉपेज की पूरी जानकारी नहीं होगी तब तक संचालन को पूरी तरह सुचारु बनाना आसान नहीं होगा। इसका असर यात्रियों के अनुभव पर भी पड़ सकता है।
सेक्टर-37 से चार मूर्ति रूट पर चलने वाली एक बस के परिचालक ने बताया कि उन्होंने लगभग एक घंटे तक यात्रियों का इंतजार किया लेकिन पहले फेरे में एक भी यात्री बस में नहीं चढ़ा। दिनभर की स्थिति भी बहुत बेहतर नहीं रही और यात्रियों की संख्या बेहद सीमित रही। बस स्टाफ का मानना है कि यदि लोगों को रूट, किराया और समय की स्पष्ट जानकारी मिले तो आने वाले दिनों में यात्रियों की संख्या बढ़ सकती है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट और नोएडा के कई इलाकों में लोग अभी भी ऑटो और साझा वाहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं। नियमित रूप से यात्रा करने वाले लोगों का कहना है कि उन्हें ई-बस की टाइमिंग और उपलब्धता की स्पष्ट जानकारी नहीं है। ऐसे में वे वही साधन चुन रहे हैं जिनका उपयोग वे पहले से करते आ रहे हैं। यात्रियों का मानना है कि यदि बसों का समय तय हो और उसकी जानकारी आसानी से उपलब्ध हो तो वे भी इस सुविधा का लाभ लेना पसंद करेंगे।
ई-बस सेवा शुरू होने के बाद कई यात्रियों ने इसकी सराहना की है, लेकिन बसों की टाइमिंग अभी भी सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के एक मूर्ति और चार मूर्ति जैसे प्रमुख स्थानों पर लोगों ने बसों का उपयोग तो किया लेकिन यह स्पष्ट नहीं था कि अगली बस कब आएगी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब तक बसों की समय सारिणी सार्वजनिक नहीं होगी तब तक बड़ी संख्या में लोग इस सेवा को अपनाने से हिचकिचाएंगे।
यात्रियों की समस्याओं को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने यूपीएसआरटीसी को अगले 10 दिनों के भीतर ऑनलाइन डैशबोर्ड तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस डैशबोर्ड के माध्यम से यात्रियों को बसों की लाइव लोकेशन, टाइमिंग, फ्रीक्वेंसी और स्टॉपेज की जानकारी मिल सकेगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल सुविधा शुरू होने के बाद लोगों का भरोसा बढ़ेगा और ई-बसों में यात्रियों की संख्या भी तेजी से बढ़ सकती है।
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