यमुना अथॉरिटी और एनएचएआई संबंधित डिवीजन की संयुक्त अगुवाई में यह परियोजना तेजी से प्रगति कर रही है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार एक्सप्रेसवे का लगभग 60 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है और जून 2027 तक इसे संचालन के लिए खोलने का लक्ष्य है।

यमुना प्राधिकरण की मानें तो परियोजना के लिए आवश्यक लगभग सारी जमीन अधिग्रहित की जा चुकी है केवल कुछ छोटे-पॉकेट अंतिम चरण में हैं। नया कॉरिडोर ईपीई से जुड़ेगा, जिससे हरियाणा के प्रमुख जिले सोनीपत, पलवल, झज्जर, करनाल, पानीपत जेवर एयरपोर्ट से एक तेज, सीधा मार्ग प्राप्त करेंगे। इसका सबसे बड़ा लाभ भारी और लॉजिस्टिक ट्रैफिक को दिल्ली या नोएडा में प्रवेश करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एक्सप्रेसवे को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा ताकि आगरा, मथुरा, अलीगढ़, बांदा, लखनऊ के यात्रियों को जेवर एयरपोर्ट का बिना रुकावट सीधा मार्ग मिल सके। इससे यमुना एक्सप्रेसवे का ट्रैफिक भी बेहतर तरीके से विभाजित होगा।