नोएडा प्राधिकरण कर्मियों की हुई बल्ले-बल्ले, अब इलाज की चिंता होगी दूर

नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस निर्णय से प्राधिकरण में कार्यरत करीब 4800 आउटसोर्स कर्मियों को सीधा फायदा मिलेगा। लंबे समय से मेडिकल सुविधा की मांग कर रहे कर्मचारियों के लिए यह फैसला किसी बड़ी राहत से कम नहीं माना जा रहा है।

नोएडा प्राधिकरण का बड़ा फैसला
नोएडा प्राधिकरण का बड़ा फैसला
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar12 Mar 2026 04:50 PM
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Noida News : नोएडा प्राधिकरण से जुड़े हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। नोएडा प्राधिकरण ने श्रमशक्ति आपूर्तिकर्ता एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों के लिए मेडिकल इंश्योरेंस सुविधा को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद अब कर्मचारी और उनके आश्रित परिवारजन सालाना 5 लाख रुपये तक कैशलेस या बीमा आधारित इलाज का लाभ उठा सकेंगे। नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस निर्णय से प्राधिकरण में कार्यरत करीब 4800 आउटसोर्स कर्मियों को सीधा फायदा मिलेगा। लंबे समय से मेडिकल सुविधा की मांग कर रहे कर्मचारियों के लिए यह फैसला किसी बड़ी राहत से कम नहीं माना जा रहा है।

नोएडा में हजारों परिवारों को मिलेगा स्वास्थ्य सुरक्षा कवच

नोएडा प्राधिकरण के इस फैसले के तहत श्रमशक्ति आपूर्तिकर्ता एजेंसियों के माध्यम से तैनात कर्मचारियों के पांच आश्रित सदस्यों को भी मेडिकल कवर दिया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक की वार्षिक मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया जनरल इंश्योरेंस कंपनी को चुना गया है। प्राधिकरण की ओर से प्रति कर्मचारी 10 हजार रुपये सालाना प्रीमियम का भुगतान किया जाएगा। यह भुगतान श्रमशक्ति आपूर्तिकर्ता एजेंसी के माध्यम से किया जाएगा।

2024 की बोर्ड बैठक में लिया गया था अहम फैसला

इस मेडिकल बीमा योजना की नींव 26 अक्टूबर 2024 को आयोजित नोएडा प्राधिकरण की 215वीं बोर्ड बैठक में रखी गई थी। उसी बैठक में आउटसोर्स कर्मियों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। अब इस फैसले को अमलीजामा पहनाते हुए प्राधिकरण ने बीमा कंपनी को अंतिम स्वीकृति दे दी है। नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में बड़ी संख्या में कर्मचारी बुनियादी सेवाओं, सफाई व्यवस्था, रखरखाव और अन्य जरूरी कार्यों में लगे हुए हैं। ऐसे में उनके लिए स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित करना प्रशासनिक दृष्टि से भी अहम कदम माना जा रहा है।

ESI सीमा से बाहर होने के बाद बढ़ी थी परेशानी

दरअसल, ईएसआई विभाग की ओर से मेडिकल सुविधा के लिए निर्धारित वेतन सीमा 21 हजार रुपये तक तय होने के बाद नोएडा प्राधिकरण के बड़ी संख्या में कर्मचारी इस सुविधा से बाहर हो गए थे। इसके बाद कर्मचारियों के सामने इलाज को लेकर गंभीर मुश्किलें खड़ी हो गई थीं। इसी वजह से पिछले काफी समय से आउटसोर्स कर्मी मेडिकल सुविधा बहाल करने की मांग कर रहे थे। अब नोएडा प्राधिकरण के इस फैसले ने उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा कर दिया है।

पहले दिन से मिलेगा इलाज

प्राधिकरण के अनुसार, चुनी गई बीमा कंपनी कर्मचारियों को पॉलिसी के पहले दिन से ही इलाज की सुविधा देगी। खास बात यह है कि इस मेडिकल इंश्योरेंस में सिर्फ सामान्य उपचार ही नहीं, बल्कि गंभीर बीमारियों का इलाज भी शामिल रहेगा। नोएडा और दिल्ली के अधिकांश बड़े अस्पताल इस बीमा पैनल से जुड़े बताए जा रहे हैं। इससे कर्मचारियों को बेहतर अस्पतालों में उपचार कराने में आसानी होगी और इलाज का आर्थिक बोझ भी काफी हद तक कम होगा।

कई कंपनियों के प्रस्तावों में SBI General का हुआ चयन

नोएडा प्राधिकरण ने कर्मचारियों को मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कई बीमा कंपनियों से प्रस्ताव मांगे थे। इस प्रक्रिया में SBI General Insurance, United India Insurance, HDFC और Bajaj Allianz जैसी कंपनियों ने अपने प्रस्ताव दिए थे। इन प्रस्तावों पर विचार करने के बाद प्राधिकरण ने तय नीति के आधार पर SBI General Insurance Company का चयन किया। अब इसी कंपनी के माध्यम से नोएडा प्राधिकरण के हजारों कर्मियों को स्वास्थ्य बीमा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। Noida News

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नोएडा में Solar Spider साइबर मॉड्यूल का भंडाफोड़, दो विदेशी गिरफ्तार

गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस के मुताबिक, यह नेटवर्क कथित रूप से ‘Solar Spider’ नाम के थ्रेट एक्टर से जुड़ा हुआ है और इसकी गतिविधियों का केंद्र नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में सक्रिय मॉड्यूल के जरिए संचालित किया जा रहा था।

नोएडा पुलिस की बड़ी कार्रवाई (4)
नोएडा पुलिस की बड़ी कार्रवाई
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar12 Mar 2026 04:26 PM
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Noida News : गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस ने साइबर अपराध के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए दो विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह देश के को-ऑपरेटिव बैंकों को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर साइबर ठगी की साजिश रच रहा था। गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस के मुताबिक, यह नेटवर्क कथित रूप से ‘Solar Spider’ नाम के थ्रेट एक्टर से जुड़ा हुआ है और इसकी गतिविधियों का केंद्र नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में सक्रिय मॉड्यूल के जरिए संचालित किया जा रहा था।

साइबर टीमों ने पकड़ी बड़ी साजिश

गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट की साइबर यूनिट ने थाना साइबर क्राइम, थाना नॉलेज पार्क और मेरठ जोन की साइबर कमांडो टीमों के साथ मिलकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस को इंटेलिजेंस इनपुट मिला था कि बीते कुछ दिनों से एक संदिग्ध साइबर मॉड्यूल दोबारा सक्रिय हुआ है, जो बैंकिंग सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाने की तैयारी में है। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि यह गिरोह खासतौर पर ऐसे को-ऑपरेटिव बैंकों को चुन रहा था, जहां साइबर सुरक्षा के मानक अपेक्षाकृत कमजोर हों। नोएडा पुलिस की सतर्कता के चलते इस नेटवर्क की गतिविधियों पर नजर रखी गई और समय रहते बड़ी कार्रवाई की गई। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों की योजना बेहद सुनियोजित थी। यह मॉड्यूल लक्षित बैंकों से 60 से 80 करोड़ रुपये तक की रकम अवैध रूप से अलग-अलग म्यूल खातों में ट्रांसफर करना चाहता था। इसके बाद उस धनराशि को क्रिप्टोकरेंसी के जरिए देश से बाहर भेजने की रणनीति तैयार की गई थी। अधिकारियों का कहना है कि अगर समय रहते इस नेटवर्क पर शिकंजा नहीं कसा जाता, तो कई बैंक भारी आर्थिक नुकसान की चपेट में आ सकते थे।

गुजरात के को-ऑपरेटिव बैंक से 7 करोड़ रुपये ट्रांसफर

पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह ने 7 और 8 मार्च के सप्ताहांत के दौरान गुजरात स्थित एक को-ऑपरेटिव बैंक को निशाना बनाकर करीब 7 करोड़ रुपये की रकम विदेशी बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी जानबूझकर ऐसे ट्रांजेक्शन वीकेंड पर अंजाम देते थे, जब बैंकिंग निगरानी सीमित रहती है और धोखाधड़ी का पता चलने में देरी हो सकती है। यही वजह रही कि नोएडा पुलिस ने इस मामले को केवल एक सामान्य साइबर फ्रॉड नहीं, बल्कि बैंकिंग सेक्टर पर संभावित बड़े हमले के रूप में लिया।

Noida Police ने I4C और बैंकों को तुरंत किया अलर्ट

मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच टीम ने तुरंत Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) और संबंधित बैंकों को अलर्ट भेजा। उद्देश्य यह था कि आगे होने वाले किसी भी संदिग्ध ट्रांसफर को समय रहते रोका जा सके। पुलिस को जांच के दौरान ऐसे संकेत भी मिले कि गिरफ्तार आरोपी पहले भी इसी तरह के साइबर हमलों से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा रहे हैं। गौतमबुद्धनगर की डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि पकड़े गए दोनों विदेशी नागरिकों के तार नाइजीरिया और दक्षिण अफ्रीका से जुड़े साइबर अपराध नेटवर्क से जुड़े पाए गए हैं। उनसे पूछताछ के आधार पर अब इस पूरे रैकेट की अंतरराष्ट्रीय कड़ियों को खंगाला जा रहा है।

को-ऑपरेटिव बैंकों के लिए एडवाइजरी जारी करेगी नोएडा पुलिस

इस कार्रवाई के बाद गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट की ओर से को-ऑपरेटिव बैंकों के लिए एक विशेष एडवाइजरी जारी करने की तैयारी भी की जा रही है। इसमें बैंकों को अपने साइबर सुरक्षा तंत्र की समीक्षा करने, सिस्टम की कमजोरियों की जांच कराने और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाने की सलाह दी जाएगी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते दायरे में छोटे और मध्यम वित्तीय संस्थानों को साइबर सुरक्षा पर अतिरिक्त ध्यान देने की जरूरत है, ताकि ऐसे अंतरराष्ट्रीय गिरोहों की घुसपैठ को रोका जा सके। Noida News

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कैसे काम करता है नोएडा प्राधिकरण? जानिए शहर के विकास का पूरा सिस्टम

लेकिन नोएडा की इस बदली हुई तस्वीर के पीछे जिस संस्था की सबसे बड़ी भूमिका रही, वह है नोएडा प्राधिकरण। यही वह संस्था है जिसने एक साधारण भू-भाग को योजनाबद्ध तरीके से विकसित कर आज के आधुनिक, व्यवस्थित और आकर्षक नोएडा में बदलने का काम किया।

नोएडा प्राधिकरण का कार्यालय
नोएडा प्राधिकरण का कार्यालय
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar12 Mar 2026 03:48 PM
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Noida News : राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली एनसीआर में जब भी तेज रफ्तार विकास, सुनियोजित शहरी विस्तार और आधुनिक बुनियादी ढांचे की बात होती है तो नोएडा का नाम सबसे आगे नजर आता है। आज का नोएडा सिर्फ एक शहर नहीं बल्कि सुनियोजित विकास की ऐसी मिसाल बन चुका है, जिसे देश के उभरते शहरी मॉडल के तौर पर देखा जाता है। चौड़ी सड़कें, व्यवस्थित सेक्टर, कॉरपोरेट दफ्तर, आधुनिक हाउसिंग सोसाइटी, हरित क्षेत्र और लगातार बढ़ता निवेश इन सबने मिलकर नोएडा को नई पहचान दी है। लेकिन नोएडा की इस बदली हुई तस्वीर के पीछे जिस संस्था की सबसे बड़ी भूमिका रही, वह है नोएडा प्राधिकरण। यही वह संस्था है जिसने एक साधारण भू-भाग को योजनाबद्ध तरीके से विकसित कर आज के आधुनिक, व्यवस्थित और आकर्षक नोएडा में बदलने का काम किया।

दूरदर्शी योजना से शुरू हुआ नोएडा का सफर

आज का विकसित नोएडा कभी गांवों, खेतों और खुली जमीनों वाला इलाका हुआ करता था। 1970 के दशक में दिल्ली पर लगातार बढ़ते जनसंख्या दबाव और औद्योगिक विस्तार की जरूरत ने एक नए योजनाबद्ध शहर की मांग पैदा की। इसी सोच ने नोएडा के जन्म की नींव रखी। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए 17 अप्रैल 1976 को नोएडा प्राधिकरण का गठन किया गया। उद्देश्य साफ था ऐसा शहर विकसित करना, जहां उद्योगों को बेहतर माहौल मिले, लोगों को रोजगार के अवसर मिलें और रहने के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस शहरी ढांचा तैयार हो। समय के साथ यह सोच जमीन पर उतरती गई और नोएडा देश के सबसे व्यवस्थित शहरों में शुमार हो गया।

सेक्टर प्लानिंग ने नोएडा को दिया अलग दर्जा

नोएडा की सबसे बड़ी खासियत इसकी सेक्टर आधारित विकास व्यवस्था है। शहर को इस तरह डिजाइन किया गया कि आवासीय, औद्योगिक, संस्थागत और व्यावसायिक जरूरतों के लिए अलग-अलग क्षेत्र तय रहें। इस मॉडल ने नोएडा को अनियोजित विस्तार से बचाया और संतुलित विकास की राह पर बनाए रखा। इसी का नतीजा है कि नोएडा में विकास बेतरतीब नहीं दिखता, बल्कि हर सेक्टर एक स्पष्ट योजना का हिस्सा नजर आता है। चौड़ी सड़कें, बेहतर ट्रैफिक मूवमेंट, सार्वजनिक सुविधाओं की आसान उपलब्धता और खुलापन ये सभी चीजें नोएडा को अन्य शहरों से अलग पहचान देती हैं।

निवेश और उद्योगों के लिए भरोसेमंद केंद्र बना नोएडा

नोएडा प्राधिकरण ने शुरुआत से ही शहर को केवल रिहायशी क्षेत्र बनाकर नहीं छोड़ा, बल्कि इसे एक मजबूत औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के तौर पर विकसित करने पर जोर दिया। इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, मीडिया, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर से जुड़ी कंपनियों को नोएडा में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया गया। धीरे-धीरे यह रणनीति सफल हुई और देश-विदेश की कई बड़ी कंपनियों ने नोएडा में अपने दफ्तर, यूनिट और कारोबारी केंद्र स्थापित किए। इसका सीधा फायदा रोजगार के रूप में सामने आया। हजारों युवाओं के लिए नोएडा अवसरों की नई जमीन बन गया और शहर ने उत्तर भारत के बड़े आर्थिक केंद्र के रूप में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।

मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर ने नोएडा की साख बढ़ाई

किसी भी शहर की पहचान उसके इंफ्रास्ट्रक्चर से बनती है और इस मामले में नोएडा ने लगातार अपनी मजबूत छवि बनाई है। शहर में सड़क नेटवर्क, फ्लाईओवर, जल आपूर्ति व्यवस्था, सीवर सिस्टम, सार्वजनिक पार्क, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लगातार बेहतर किया गया। नोएडा प्राधिकरण ने सिर्फ निर्माण तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि शहरी ढांचे को कार्यशील और प्रभावी बनाए रखने पर भी जोर दिया। यही वजह है कि नोएडा आज कामकाज, निवेश और बेहतर जीवनशैली तीनों के लिए एक भरोसेमंद शहर माना जाता है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच पर्यावरण संतुलन बनाए रखना आसान नहीं होता, लेकिन नोएडा में हरियाली को भी विकास की योजना का अहम हिस्सा बनाया गया। शहर के अलग-अलग हिस्सों में पार्क, ग्रीन बेल्ट और खुले स्थान विकसित किए गए, जिससे नोएडा का शहरी ढांचा अधिक संतुलित नजर आता है। नोएडा की यही हरित पहचान उसे कंक्रीट के जंगल में बदलने से रोकती है। यह हरियाली सिर्फ शहर की सुंदरता नहीं बढ़ाती, बल्कि लोगों को बेहतर वातावरण और राहत भी देती है। इसी वजह से नोएडा को आधुनिकता और पर्यावरण के संतुलन वाले शहर के रूप में भी देखा जाता है।

नागरिक सुविधाओं के प्रबंधन में भी अहम है नोएडा प्राधिकरण

नोएडा प्राधिकरण की भूमिका केवल मास्टर प्लान बनाने तक सीमित नहीं है। शहर की रोजमर्रा की बुनियादी जरूरतों को बनाए रखना भी इसकी बड़ी जिम्मेदारी है। जलापूर्ति, सड़क रखरखाव, पार्कों का संरक्षण, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार जैसे कई महत्वपूर्ण काम इसी संस्था के जरिए संचालित होते हैं। इन्हीं सतत प्रयासों का असर है कि नोएडा को अक्सर एक ऐसे शहर के तौर पर देखा जाता है, जहां शहरी प्रबंधन अपेक्षाकृत ज्यादा व्यवस्थित और प्रभावी है।

आने वाले समय में और मजबूत होगा नोएडा

नोएडा का विकास अब भी जारी है। नए सेक्टरों का विस्तार, बेहतर कनेक्टिविटी, निवेश को आकर्षित करने वाली नीतियां और आधुनिक शहरी सुविधाओं का विस्तार आने वाले वर्षों में नोएडा को और अधिक ताकत दे सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि जिस गति से नोएडा ने पिछले दशकों में अपना ढांचा मजबूत किया है, उसी रफ्तार से यह आगे भी एनसीआर ही नहीं, बल्कि देश के प्रमुख विकास केंद्रों में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।  Noida News

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