दिल्ली में प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन से पहले नोएडा में किसान नेता अशोक चौहान और कांग्रेस के पूर्व महानगर अध्यक्ष शाहबुद्दीन ने पुलिस पर उन्हें घर में नजरबंद करने का आरोप लगाया है। नेताओं का दावा है कि उन्हें प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई।

Noida News : दिल्ली में शनिवार को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन से पहले नोएडा में किसान और कांग्रेस से जुड़े नेताओं को घरों में नजरबंद किए जाने के दावे सामने आए हैं। ग्राम विकास संगठन नोएडा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अशोक चौहान और नोएडा महानगर कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष शाहबुद्दीन ने पुलिस पर उन्हें घर में रोकने का आरोप लगाया है। नेताओं का दावा है कि उन्हें दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई। हालांकि, मामले में पुलिस प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। Noida News :
ग्राम विकास संगठन नोएडा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अशोक चौहान के मुताबिक, पुलिस प्रशासन ने उन्हें सुबह से ही घर में नजरबंद कर रखा है। उनका आरोप है कि दिल्ली में प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन में नोएडा के किसानों की भागीदारी रोकने के लिए किसान नेताओं को घरों में रोका जा रहा है। अशोक चौहान ने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि किसान अपने हक और अधिकारों की लड़ाई जारी रखेंगे। उनका कहना है कि सरकार को जनता की समस्याएं सुननी चाहिए और लोगों से संवाद करना चाहिए। इसके बजाय, अपनी मांगों को उठाने वाले लोगों को रोकने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दिल्ली में मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदियों और किसान नेताओं को घरों में रोके जाने का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति बन रही है। हालांकि, यह उनकी व्यक्तिगत प्रतिक्रिया है। इस संबंध में प्रशासन की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना बाकी है। Noida News :
नोएडा महानगर कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष शाहबुद्दीन ने भी खुद को पुलिस द्वारा हाउस अरेस्ट किए जाने का आरोप लगाया है। उनके अनुसार, नोएडा के सेक्टर-5 और थाना फेस-1 क्षेत्र से जुड़ी झुंडपुरा चौकी तथा सेक्टर-11 की पुलिस ने उन्हें उनके घर पर नजरबंद किया है। शाहबुद्दीन ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखना, जनता के अधिकारों के लिए आवाज उठाना और सरकार से सवाल पूछना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनहित के मुद्दे उठाने वाले लोगों को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस नेता ने अपने संदेश में कहा कि वे न डरेंगे और न झुकेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित के मुद्दों पर अपनी आवाज उठाते रहेंगे। उनके इस बयान के बाद दिल्ली प्रदर्शन से पहले नोएडा में हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले किसान और कांग्रेस नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों ने पुलिस की कार्रवाई और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अशोक चौहान का कहना है कि किसानों को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने से रोका जा रहा है, जबकि शाहबुद्दीन ने भी अपनी बात रखने के अधिकार का हवाला दिया है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों नेताओं के खिलाफ कोई औपचारिक नजरबंदी आदेश जारी किया गया था या उन्हें किस कानूनी आधार पर रोका गया। पुलिस प्रशासन की ओर से भी इस मामले में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
फिलहाल, नोएडा में किसान नेता अशोक चौहान और कांग्रेस के पूर्व महानगर अध्यक्ष शाहबुद्दीन की ओर से हाउस अरेस्ट किए जाने के दावों के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। अब नजर पुलिस प्रशासन के पक्ष पर है। अधिकारियों की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही कार्रवाई के कारणों और परिस्थितियों को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी। Noida News :
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