नोएडा और ग्रेटर नोएडा में किसान नेताओं और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के मामले में सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (सीटू) ने उत्तर प्रदेश सरकार और गौतम बुद्ध नगर पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।

गौतम बुद्ध नगर में शांतिपूर्ण किसान आंदोलन को दबाने का आरोप, सरकार और पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा
Noida News : गौतम बुद्ध नगर में किसानों के शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे किसान नेताओं और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के मामले में सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (सीटू) ने उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन की कड़ी निंदा की है। सीटू ने गिरफ्तार किसानों और कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा करने तथा किसानों की जायज मांगों का समाधान बातचीत के माध्यम से करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होने पर किसान-मजदूर संगठनों के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन किया जाएगा। Noida News
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प्राप्त प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आबादी की जमीन के मामलों का निस्तारण, 10 प्रतिशत विकसित भूखंड देने और नए भूमि अधिग्रहण कानून को लागू कराने सहित विभिन्न मांगों को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा, किसान परिषद और किसान एकता संघ ने यमुना प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन का आह्वान किया था। सीटू का आरोप है कि प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे किसानों को पुलिस ने जबरन हिरासत में लेकर जेल भेजा। इसके अलावा कई लोगों को अलग-अलग थानों और रास्तों में रोक दिया गया, जबकि कुछ लोगों को उनके घरों में नजरबंद किए जाने की कार्रवाई भी की गई। Noida News
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सीटू जिला सचिव गंगेश्वर दत्त शर्मा, जिला कमेटी सदस्य अरुण कुमार पटेल और जनवादी महिला समिति की नेता रेखा चौहान सहित कई कार्यकर्ताओं को नोएडा के थाना सेक्टर-49 पुलिस ने रास्ते से हिरासत में ले लिया। प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, इन कार्यकर्ताओं को दिनभर सेक्टर-47 स्थित पुलिस चौकी पर बैठाए रखा गया और देर शाम रिहा किया गया। रिहाई के बाद सीटू जिला सचिव गंगेश्वर दत्त शर्मा ने उत्तर प्रदेश सरकार और गौतम बुद्ध नगर पुलिस की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। Noida News
गंगेश्वर दत्त शर्मा ने कहा कि अपनी जायज मांगों और अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना किसानों और आम नागरिकों का लोकतांत्रिक अधिकार है। इस अधिकार को दबाने के लिए गिरफ्तारी, हिरासत और नजरबंदी जैसी कार्रवाई करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने मांग की कि आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए सभी किसानों और कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा किया जाए तथा शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने की कार्रवाई बंद की जाए। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान पुलिस कार्रवाई के बजाय सरकार और संबंधित प्राधिकरण के साथ बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए। Noida News
सीटू जिला सचिव ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की तत्काल रिहाई और उनकी मांगों के समाधान की दिशा में उचित कदम नहीं उठाए गए, तो किसान-मजदूर संगठनों को साथ लेकर व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाले हालात की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। Noida News
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