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नोएडा में आग से सुरक्षा और लोगों की जान-माल की हिफाजत को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। अब नोएडा और ग्रेटर नोएडा के होटल, रेस्तरां और ऐसे व्यावसायिक प्रतिष्ठान जहां शराब परोसी जाती है, उन्हें लाइसेंस लेने से पहले दमकल विभाग से फायर एनओसी लेना अनिवार्य होगा।

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Noida News : नोएडा में आग से सुरक्षा और लोगों की जान-माल की हिफाजत को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। अब नोएडा और ग्रेटर नोएडा के होटल, रेस्तरां और ऐसे व्यावसायिक प्रतिष्ठान जहां शराब परोसी जाती है, उन्हें लाइसेंस लेने से पहले दमकल विभाग से फायर एनओसी लेना अनिवार्य होगा। बिना फायर एनओसी के अब ऐसे संस्थानों को शराब परोसने की अनुमति नहीं मिलेगी। जिला प्रशासन का यह कदम नोएडा में बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियों, भीड़भाड़ वाले आतिथ्य केंद्रों और आग से जुड़ी संभावित घटनाओं को देखते हुए उठाया गया है। प्रशासन का साफ संदेश है कि नोएडा में अब कारोबार के साथ सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं होगा।
अब तक नोएडा में कई होटल और रेस्तरां अस्थायी लाइसेंस लेकर शराब परोस रहे थे, लेकिन फायर सेफ्टी क्लियरेंस हर बार अनिवार्य नहीं था। नई व्यवस्था के तहत अब यदि कोई होटल या रेस्तरां एक दिन का भी शराब लाइसेंस लेना चाहता है, तो उसे आवेदन के साथ फायर विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र लगाना होगा। अधिकारियों का मानना है कि नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा इंतजामों की अनदेखी भारी पड़ सकती है। इसी वजह से यह सख्ती लागू की गई है।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बड़ी संख्या में होटल, कैफे, बैंक्वेट और रेस्तरां संचालित हो रहे हैं। इनमें से कई प्रतिष्ठान रोजाना या विशेष आयोजनों के दौरान शराब परोसने के लिए अस्थायी लाइसेंस लेते हैं। एक दिन के लाइसेंस के लिए 11 हजार रुपये फीस निर्धारित है। आबकारी विभाग के मुताबिक, जिले में प्रतिदिन 30 से 40 अस्थायी लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं। इनमें करीब 20 लाइसेंस होटल और रेस्तरां से जुड़े होते हैं। अब ऐसे सभी आवेदनों में फायर एनओसी जरूरी दस्तावेज के रूप में शामिल होगी।
जिला आबकारी विभाग ने साफ कर दिया है कि यदि आवेदन के साथ दमकल विभाग की एनओसी नहीं लगाई गई, तो लाइसेंस का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। यानी अब नोएडा में शराब परोसने के लिए सिर्फ फीस जमा करना काफी नहीं होगा, बल्कि सुरक्षा मानकों पर खरा उतरना भी जरूरी होगा। प्रशासन का कहना है कि पहले कई स्थानों पर आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में भीड़भाड़ वाले होटल-रेस्तरां में सुरक्षा उपकरण, आपात निकास, अग्निशमन व्यवस्था और मानक तैयारियों की जांच जरूरी है।
हालांकि जिला प्रशासन का यह नया नियम फिलहाल हर तरह के आयोजनों पर लागू नहीं किया गया है। शादी समारोह, निजी कार्यक्रमों और अन्य अस्थायी आयोजनों के लिए पहले की तरह लाइसेंस जारी होते रहेंगे। ऐसे आयोजकों को फिलहाल फायर एनओसी देने की अनिवार्यता से बाहर रखा गया है। यानि यह सख्ती खास तौर पर नोएडा और ग्रेटर नोएडा के उन होटल-रेस्तरां पर केंद्रित है, जहां नियमित या वाणिज्यिक रूप से शराब परोसी जाती है। Noida News
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