दिवाली और त्योहारों के बीच गौतमबुद्धनगर में खाद्य कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग के विशेष अभियान में ऐसी बड़ी कार्रवाई हुई है, जिसके आंकड़े जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। आखिर किन खाद्य पदार्थों पर प्रशासन ने की सख्ती?

Noida News : त्योहारों के दौरान लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले खाद्य कारोबारियों के खिलाफ गौतमबुद्धनगर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। शारदीय नवरात्रि और दीपावली के मद्देनजर चलाए गए विशेष अभियान में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने 6,425 किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त की है। इसकी अनुमानित कीमत 70 लाख 83 हजार 900 रुपये बताई गई है। इसके अलावा 1,025 किलोग्राम मिठाई, खोया और अन्य खाद्य सामग्री को मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए जाने पर नष्ट कराया गया है। विभाग ने गंभीर अनियमितताओं के चलते चार खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस और पंजीकरण भी निलंबित किए हैं। जिलाधिकारी के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने 9 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष जांच और छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और परिवहन से जुड़े प्रतिष्ठानों की जांच की गई। अभियान का उद्देश्य त्योहारों के दौरान लोगों को मिलावट रहित और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना था।
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने बताया कि मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों के तहत चलाए गए अभियान में विभागीय टीमों ने कुल 129 खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए। इन सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच के दौरान खाद्य प्रतिष्ठानों में मिली कमियों के आधार पर 35 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए गए। वहीं, गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर चार प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस और पंजीकरण निलंबित कर दिए गए।
अभियान के दौरान कई स्थानों पर प्रथम दृष्टया मिलावट की आशंका, मिथ्याछाप और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामले सामने आए। इसके बाद विभागीय टीमों ने करीब 70 लाख 83 हजार 900 रुपये मूल्य की 6,425 किलोग्राम खाद्य सामग्री सीज कर दी। इसके अलावा करीब 2 लाख 96 हजार 500 रुपये मूल्य की 1,025 किलोग्राम विनश्वर खाद्य सामग्री को नष्ट कराया गया। इसमें मिठाई और खोया सहित अन्य खाद्य पदार्थ शामिल थे। अस्वच्छ एवं अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में निर्माण, भंडारण, बिक्री और परिवहन किए जाने के कारण यह सामग्री मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाई गई थी।
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने बताया कि जनपद में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे खाद्य सामग्री की खरीद केवल लाइसेंसधारी और पंजीकृत आपूर्तिकर्ताओं से ही करें। इसके साथ ही कारोबारियों को खरीद के बिल सुरक्षित रखने और खाद्य सामग्री की निर्माण तिथि, बैच नंबर तथा अन्य जरूरी विवरणों की जांच करने के बाद ही उसका भंडारण और बिक्री करने की हिदायत दी गई है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनपदवासियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप शुद्ध और सुरक्षित खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसके लिए आगे भी जांच और छापेमारी अभियान जारी रहेगा। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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