
Noida News (चेतना मंच)। ऑयल इंडिया लिमिटेड कंपनी में कार्यरत जनरल मैनेजर को मुंबई से अपनी कार लॉरी से नोएडा मंगवाना इतना भारी पड़ गया कि उन्हें अब पुलिस और कोर्ट के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
सेक्टर 21 जलवायु विहार में रहने वाले ज्योतिर्मय भट्टाचार्य ऑयल इंडिया लिमिटेड कंपनी में जनरल मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने अपनी हुंडई आई-10 कार मुंबई से नोएडा लाने के लिए सेफ ट्रांसवे लॉजिस्टिक पैकर्स प्राइवेट लिमिटेड की सेवाएं ली थी। ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर नरेंद्र सिंह ने कार को लॉरी में लादकर नोएडा लाने के लिए उनसे 12000 रूपये ट्रांसपोर्टेशन चार्ज के रूप में लिए थे। गत 2 मार्च को उनके घर नोएडा में कार की डिलीवरी दे दी गई और पेट्रोल हैंडलिंग व अन्य चार्ज के रूप में उनसे 3000 रूपये और ले लिए गए। कार का अगला बंपर क्षतिग्रस्त देखकर उन्होंने जब पूछा तो ट्रांसपोर्टरों ने बताया कि कार को लॉरी में चढ़ाने उतारने के दौरान बंपर हल्का क्षतिग्रस्त हो गया है।
ज्योतिर्मय भट्टाचार्य ने बताया कि उन्हें 14 मार्च को पता चला कि उक्त कंपनी के लोग उनकी कार को लॉरी पर लाने के बजाए सड़क मार्ग से कार को चलाकर लाए हैं। इस दौरान कार का रास्ते में एक्सीडेंट हो गया जिसमें राजस्थान में मुकदमा कायम है। दुर्घटना के कारण राजस्थान पुलिस कार को उनके घर से अपनी कस्टडी में ले गई। करीब 1 माह बाद न्यायालय के निर्देश पर कार को छुड़वाया गया। इस बारे में जब ट्रांसपोर्ट के मालिक से बात की गई तो उसने अपनी गलती मानते हुए हर्जाना देने की बात कही।
पीड़ित ने बताया कि कुछ समय बीतने के पश्चात ट्रांसपोर्टर नरेंद्र सिंह राठौर ने उसका फोन उठाना बंद कर दिया। उन्होंने इसकी शिकायत थाना सेक्टर-20 पुलिस से की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। थक हारकर उन्होंने न्यायालय में वाद दायर कर रिपोर्ट दर्ज कराने की गुहार लगाई।