जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। इस मामले में नामजद नोएडा की नाबालिग छात्रा की मां ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए भावुक अपील की है।

Noida News : दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। इस मामले में नामजद नोएडा की नाबालिग छात्रा की मां ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने उनकी बेटी को माफ कर बड़ा दिल दिखाया है। अब वह उसकी पढ़ाई और भविष्य संवारने में भी मदद करें। Noida News
एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में छात्रा की मां ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस उदारता का परिचय दिया है, उसके लिए पूरा परिवार उनका आभारी है। उन्होंने भावुक होकर कहा, "जैसे आप देशभर में लोगों का जीवन बेहतर बनाने का प्रयास कर रहे हैं, वैसे ही मेरी बेटी का भी भविष्य संवार दीजिए। उससे गलती हुई है, जिसके लिए हम शर्मिंदा हैं और हाथ जोड़कर माफी मांगते हैं।" Noida News
छात्रा की मां ने कहा कि उनकी बेटी ने गलती स्वीकार कर ली है और सार्वजनिक रूप से माफी भी मांग चुकी है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री की ओर से माफी की बात कहे जाने के बाद उनकी बेटी को ऐसा महसूस हुआ कि उसे जीवन में नई शुरुआत का अवसर मिल गया है। उन्होंने कहा कि बेटी के जन्मदिन पर इससे बड़ा कोई उपहार नहीं हो सकता था। Noida News
छात्रा की मां ने कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया के प्रभाव को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि किशोर आसानी से भटक सकते हैं और गलत संगत या भ्रामक सामग्री के प्रभाव में आ सकते हैं। उन्होंने मांग की कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर सख्त निगरानी और प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए। मां ने अपनी बेटी के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर भी पुनर्विचार की अपील की। उनका कहना है कि उनकी बेटी 15 वर्ष की नाबालिग है और उसकी उम्र से जुड़ी जानकारी एफआईआर में सही दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की मांग की। Noida News
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश में कहा था कि प्रदर्शन के दौरान आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने वाले बच्चे गुमराह हो सकते हैं। उन्होंने दंडात्मक कार्रवाई के बजाय उन्हें सही मार्गदर्शन देने और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया था। प्रधानमंत्री के संदेश के बाद छात्रा का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें उसने अपने व्यवहार पर खेद जताते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उसने कहा कि उससे गलती हुई और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी। Noida News
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