Noida News: थाना सेक्टर-24 क्षेत्र में जमीन दिलाने के नाम पर 4.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

नोएडा में हाल के दिनों में दिनदहाड़े सामने आ रही आपराधिक घटनाओं ने शहर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार बढ़ती वारदातों और बेखौफ अपराधियों की सक्रियता ने आम नागरिकों के बीच चिंता और असुरक्षा का माहौल पैदा किया है। ऐसे समय में पत्रकारिता की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। हमारा उद्देश्य किसी भी घटना को सनसनी बनाकर पेश करना नहीं, बल्कि तथ्यों की गहराई से पड़ताल कर निष्पक्ष और प्रमाणिक रिपोर्ट आपके सामने रखना है। हम हर खबर को बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के साथ प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि पाठक अपने शहर की सच्चाई को स्पष्ट रूप से समझ सकें और हर महत्वपूर्ण घटनाक्रम से समय पर अपडेट रहें।
थाना सेक्टर-24 क्षेत्र में जमीन दिलाने के नाम पर 4.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सेक्टर-34 निवासी डॉ. इंदु कौशिक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका भाई अनुज कौशिक सिजोफ्रेनिया से पीड़ित हैं। वह अपने मित्र संसार चंद दुबे और राजेश कुमार महलवाल के संपर्क में था। दोनों ने उनके भाई को जमीन दिलाने का भरोसा दिलाया और इसके लिए रुपये की मांग की।
पीड़िता के अनुसार, 29 जून 2026 को अनुज कौशिक ने फोन कर बताया कि जमीन का सौदा पूरा करने के लिए तत्काल 4.50 लाख रुपये की आवश्यकता है। भाई की बात पर भरोसा करते हुए उन्होंने अपने
एसबीआई बैंक खाते से आरोपियों द्वारा बताए गए खाते में 4,50,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में उन्हें पता चला कि न तो उनके भाई को कोई जमीन दिलाई गई और न ही भेजी गई रकम वापस की गई। इसके बाद पीड़िता ने दोनों आरोपियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
थाना सेक्टर-39 में एक व्यक्ति ने तीन ज्वेलर्स के खिलाफ ठगी का मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़ित का आरोप है कि उसने अपनी बहन के विवाह के लिए ज्वेलरी का ऑर्डर देते हुए भुगतान किया था लेकिन उसे जेवरात नहीं दिए गए। पीड़ित शिवम पाल, निवासी ग्राम छलेरा, सेक्टर-44 नोएडा ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि सदरपुर स्थित मोती ज्वेलर्स के संचालक लक्की उर्फ विकास वर्मा ने उसकी बहन की शादी के लिए जेवर उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाकर उससे कुल 3.50 लाख रुपये लिए। इसमें 2.90 लाख रुपये ऑनलाइन और 60 हजार रुपये नकद दिए गए। शिवम के अनुसार, उसकी बहन की शादी 11 मार्च 2026 को थी, लेकिन लक्की उर्फ विकास द्वारा तय समय पर जेवर नहीं दिए गए। आरोपी ने केवल करीब 50 हजार रुपये का आंशिक सामान देकर शेष रकम और जेवर हड़प लिए।
पीडि़त का कहना है कि आरोपी ने अपने भाई राहुल वर्मा की श्रीराम ज्वेलर्स से भी सामान दिलाने का भरोसा दिया लेकिन वहां से भी कोई मदद नहीं मिली।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि शादी समय पर संपन्न कराने के लिए उसे ब्याज पर उधार लेकर व्यवस्था करनी पड़ी। जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी लक्की वर्मा,राहुल वर्मा और उनके पिता मोतीलाल वर्मा ने अलग-अलग नंबरों से फोन कर जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित के मुताबिक आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी कर उसकी रकम हड़प ली जिससे वह आर्थिक संकट में आ गया है और उधार चुकाने में असमर्थ है। पीड़ित की तहरीर पर सेक्टर-39 थाना पुलिस ने लक्की उर्फ विकास वर्मा, राहुल वर्मा और मोतीलाल वर्मा के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सेक्टर-62 स्थित राजकीय बल गृह (बालिका) की तीन किशोरियों के स्कूल से लापता होने के मामले में दो कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी, संस्थाध्यक्ष ने यह मुकदमा थाना सेक्टर-49 में दर्ज कराया है। हालांकि स्कूल से लापता हुई तीनों किशोरियों को पुलिस ने कुछ ही घंटे बाद अलीगढ़ सकुशल बरामद कर लिया था।
वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी, संस्थाध्यक्ष अनुदिता सिंह ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि वर्तमान में राजकीय बाल गृह बालिका में 157 बालिकाएं रह रही हैं जिनमें से 36 निराश्रित बालिकाएं हैं। इन निराश्रित बालिकाओं की शिक्षा के लिए उच्च न्यायालय द्वारा स्कूलों में प्रवेश दिलाए जाने के लिए निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के तहत 14 बालिकाओं के दाखिले की प्रक्रिया सेक्टर-51 होशियापुर गांव स्थित प्राथमिक कंपोजिट विद्यालय में की गई थी। बच्चियों को लाने ले जाने के लिए एक बस लगाई गई थी। बालिकाओं को स्कूल भेजते समय उनकी सुरक्षा व सहायता के लिए चार हेल्पर की ड्यूटी लगी हुई थी। केंद्र प्रभारी के मुताबिक मंगलवार को स्कूल की छुट्टी के समय तीन किशोरियां स्कूल से अचानक लापता हो गई। इस बात की जानकारी स्कूल प्रबंधन ने बाल गृह को दी। किशोरियों के गायब होने की जानकारी मिलने पर तुरंत थाना सेक्टर-49 पुलिस को सूचना दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कई टीम में गठित कर किशोरियों की तलाश शुरू की और उन्हें अलीगढ़ से बरामद कर लिया।
वन स्टॉप केंद्र प्रभारी ने बताया कि विद्यालय में किशोरियों के देखरेख के लिए सुश्री सरिता एवं मनीषा की ड्यूटी हेल्पर के तौर पर लगाई गई थी। इस मामले में दोनों की लापरवाही सामने आई है। दोनों के खिलाफ थाना सेक्टर-49 में मामला दर्ज कराया गया है।
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