नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा की पहचान अब केवल शिक्षा, उद्योग और तेजी से विकसित हो रहे शहर के रूप में ही नहीं, बल्कि बेटियों को विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में आगे बढ़ाने वाली वैश्विक पहलों के केंद्र के रूप में भी मजबूत हो रही है।

Noida News : नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा की पहचान अब केवल शिक्षा, उद्योग और तेजी से विकसित हो रहे शहर के रूप में ही नहीं, बल्कि बेटियों को विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में आगे बढ़ाने वाली वैश्विक पहलों के केंद्र के रूप में भी मजबूत हो रही है। इसी कड़ी में ग्रेटर नोएडा में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सेशेल्स की प्रथम महिला महामहिम मैडम वेरोनिक हर्मिनी ने मिशन शक्तिसैट से जुड़कर दुनिया की बेटियों को विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में आगे बढ़ने का प्रेरक संदेश दिया। मिशन शक्तिसैट के 19वें फाउंडेशन डे के अवसर पर गौतम बुद्ध नगर यूनिवर्सिटी में आयोजित ग्लोबल वीमेन लीडरशिप एंड डिप्लोमैसी समिट में सेशेल्स की प्रथम महिला ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न देशों से पहुंचीं युवा बालिका वैज्ञानिकों और प्रतिभागियों से संवाद किया और उन्हें बड़े सपने देखने तथा विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। Noida News
मैडम वेरोनिक हर्मिनी को उनके देश में स्नेहपूर्वक ‘सेशेल्स की माँ’ के रूप में जाना जाता है। ग्रेटर नोएडा में उन्होंने मिशन शक्तिसैट की प्रेरक शक्ति एवं नेतृत्वकर्ता से मुलाकात की, जिन्हें प्यार से ‘स्पेस मॉम’ कहा जाता है। कार्यक्रम में महिला नेतृत्व और अंतरिक्ष विज्ञान के इस अनूठे संगम ने युवा प्रतिभागियों को खास तौर पर प्रभावित किया। मैडम हर्मिनी ने कहा कि बेटियों को यदि उचित अवसर, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिले तो वे विज्ञान, तकनीक, अंतरिक्ष अनुसंधान और नेतृत्व के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कर सकती हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बेटियों के सपनों की कोई सीमा नहीं होनी चाहिए। वे धरती से लेकर अंतरिक्ष तक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकती हैं और चांद तक पहुंचने का सपना भी साकार कर सकती हैं। Noida News
मिशन शक्तिसैट को दुनिया के सबसे बड़े ऑल-गर्ल्स चंद्र मिशनों में से एक बताया जा रहा है। इस वैश्विक पहल का उद्देश्य 108 से अधिक देशों की बालिका वैज्ञानिकों और युवा प्रतिभाओं को एक साझा मंच से जोड़ना है। मिशन के जरिए अगली पीढ़ी की महिलाओं को अंतरिक्ष विज्ञान एवं अन्वेषण के क्षेत्र से जोड़ने, वैज्ञानिक सोच विकसित करने, तकनीकी कौशल बढ़ाने और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। आयोजकों के मुताबिक, मिशन शक्तिसैट के माध्यम से दुनिया के अलग-अलग देशों की बेटियों को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की शिक्षा, मार्गदर्शन और नए अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। Noida News
मिशन शक्तिसैट में सेशेल्स की प्रथम महिला की भागीदारी को इस वैश्विक अभियान के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनकी उपस्थिति से मिशन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महिला नेतृत्व, वैश्विक सहयोग और वैज्ञानिक शिक्षा को बढ़ावा देने वाला मजबूत संदेश मिला है। कार्यक्रम में यह संदेश भी प्रमुखता से सामने आया कि अंतरिक्ष विज्ञान केवल रॉकेट, उपग्रह और प्रयोगशालाओं तक सीमित विषय नहीं है। इसके पीछे नई पीढ़ी को प्रेरित करने वाले शिक्षक, वैज्ञानिक, महिला नेतृत्वकर्ता और सामाजिक संगठन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मिशन शक्तिसैट को स्पेस किड्ज इंडिया से भी जोड़ा गया है। संगठन युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान एवं तकनीक से जोड़ने और विज्ञान शिक्षा को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में काम करता है। आयोजकों के अनुसार, स्पेस किड्ज इंडिया को 27 उपग्रह मिशनों के निर्माण और प्रक्षेपण का अनुभव है और संगठन ने विद्यार्थी-संचालित अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। मिशन शक्तिसैट को संगठन की अब तक की व्यापक वैश्विक पहलों में से एक बताया जा रहा है, जिसका दायरा भारत से आगे बढ़कर दुनिया के अनेक देशों की बेटियों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। Noida News
ग्रेटर नोएडा में दुनिया के विभिन्न देशों की युवा बालिका वैज्ञानिकों को जोड़ने वाली ऐसी पहल का आयोजन शहर की बढ़ती वैश्विक पहचान के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। इससे नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र को विज्ञान, शिक्षा, महिला नेतृत्व और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए केंद्र के रूप में प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है।
सेशेल्स की प्रथम महिला वेरोनिक हर्मिनी की मिशन शक्तिसैट से जुड़ी यह यात्रा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि इसने नोएडा-ग्रेटर नोएडा की धरती से दुनिया की बेटियों को एक स्पष्ट संदेश दिया हैं कि : सही अवसर, शिक्षा और प्रोत्साहन मिले तो बेटियां धरती से अंतरिक्ष तक अपनी पहचान बना सकती हैं। Noida News
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