नोएडा-ग्रेटर नोएडा वालों के लिए बड़ी खुशखबरी, दिपावली पर मजे से जलाएं पटाखे
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 02:24 AM
नोएडा-ग्रेटर नोएडा और एनसीआर वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा तथा एनसीआर के लोगों को दिवाली से पहले सुप्रीम कोर्ट ने यह बड़ी खुशखबरी दी है। सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा एंव एनसीआर में ग्रीन पटाखों की बिक्री और जलाने की सीमित अवधि के लिए अनुमति दे दी है। अदालत ने आदेश दिया है कि 18 अक्टूबर से 21 अक्टूबर 2025 तक लोग ग्रीन पटाखे खरीद और जला सकते हैं। Noida News
सीजीआई बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन द्वारा कहा गया कि हमने सॉलिसिटर और एमिकस के सुझावों पर विचार किया है। कोर्ट ने कहा कि प्रदूषण पर नियंत्रण बनाए रखते हुए त्योहारों की परंपरा को भी सम्मान देना जरूरी है।
क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने?
पीठ ने कहा कि उन्होंने सॉलिसिटर जनरल और एमिकस क्यूरी की सलाहों पर विचार करने के बाद यह फैसला लिया है। कोर्ट ने माना कि पारंपरिक पटाखों की तस्करी (smuggling) अब भी एक गंभीर समस्या है जिससे प्रदूषण स्तर तेजी से बढ़ता है। वहीं, ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल से पिछले छह वर्षों में प्रदूषण के स्तर में कमी आई है।
किन तारीखों में मिलेगा ग्रीन पटाखे चलाने का मौका?
18 अक्टूबर 2025 से 21 अक्टूबर 2025 तक ग्रीन पटाखों की बिक्री और चलाने की अनुमति होगी। ये नियम दिल्ली-NCR यानी नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुड़गांव, फरीदाबाद, गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में लागू होंगे।
क्या हैं ग्रीन पटाखे और क्यों हैं ये बेहतर?
ग्रीन पटाखे ऐसे आतिशबाजी उत्पाद हैं जिन्हें नेशनल एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (NEERI) ने विकसित किया है। ये सामान्य पटाखों की तुलना में 30% से 40% तक कम हानिकारक उत्सर्जन (emissions) करते हैं। इनमें कम नॉइज लेवल होता है। ये बिना किसी खतरनाक रसायन के बनाए जाते हैं।
सुरक्षा और निगरानी के निर्देश भी जारी
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि, पटाखा निर्माण इकाइयों की नियमित जांच की जाएगी। प्रत्येक ग्रीन पटाखे के साथ एक QR कोड अनिवार्य होगा जिसे ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इस दौरान पेट्रोलिंग टीमें ग्रीन पटाखों के नाम पर पारंपरिक पटाखों की बिक्री पर निगरानी रखेंगी। फैसले में साफ कहा गया है कि ग्रीन पटाखों के नाम पर पारंपरिक पटाखों की बिक्री गैरकानूनी होगी। अगर कोई दुकानदार या व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कोर्ट ने माना कि कोविड काल को छोड़कर जब पटाखों पर बैन लगाया गया तब भी दिल्ली-NCR की एयर क्वालिटी में खास सुधार नहीं हुआ। इसलिए अब एक संतुलित नीति जरूरी है जहां लोगों की आस्था और पर्यावरण दोनों का ख्याल रखा जा सके। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लोग अब राहत की सांस ले सकते हैं कि वे इस दिवाली पर भी अपनी खुशियों को रोशनी से सजा सकेंगे। Noida News