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इस नए रास्ते के बनने के बाद करीब 30 से अधिक सेक्टर और आसपास के कई गांव सीधे नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि ग्रेटर नोएडा से एक्सप्रेसवे पर पहुंचने के लिए अब परीचौक होकर लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।

नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। जल्द ही दोनों शहरों के बीच एक नया संपर्क मार्ग शुरू होने जा रहा है जिससे रोजाना सफर करने वाले हजारों लोगों का समय बचेगा। इस नए रास्ते के बनने के बाद करीब 30 से अधिक सेक्टर और आसपास के कई गांव सीधे नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि ग्रेटर नोएडा से एक्सप्रेसवे पर पहुंचने के लिए अब परीचौक होकर लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
लंबे समय से रुकी इस परियोजना को अब नई रफ्तार मिलने वाली है। जानकारी के मुताबिक, जिस जमीन की वजह से सड़क निर्माण का काम अटका हुआ था उसके लिए किसान की सहमति मिल गई है। जरूरी सरकारी प्रक्रियाएं पूरी होते ही बचा हुआ निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। अगर सब कुछ तय समय पर हुआ तो अगले तीन से चार महीनों में यह सड़क लोगों के लिए खोल दी जाएगी। इसके बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच यात्रा पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज हो जाएगी।
इस परियोजना का सबसे अहम हिस्सा हिंडन नदी पर बना पुल है जिसका निर्माण पहले ही पूरा किया जा चुका है। यह पुल ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-3 को नोएडा के सेक्टर-146 और सेक्टर-147 से जोड़ता है। नोएडा की ओर सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है लेकिन ग्रेटर नोएडा की तरफ करीब 200 मीटर हिस्से में जमीन से जुड़ी समस्या के कारण काम रुका हुआ था। अब यह बाधा भी दूर हो गई है और जल्द ही शेष सड़क का निर्माण शुरू होने की उम्मीद है।
नई सड़क बनने के बाद एलजी चौक से नॉलेज पार्क-3 के शारदा गोलचक्कर होते हुए लोग सीधे नोएडा के सेक्टरों और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकेंगे। अभी ग्रेटर नोएडा से एक्सप्रेसवे पर जाने के लिए लोगों को परीचौक के रास्ते करीब 16 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करना पड़ता है। नया मार्ग शुरू होने के बाद यह लंबा चक्कर खत्म हो जाएगा और यात्रा काफी आसान हो जाएगी।
इस संपर्क मार्ग का सबसे बड़ा लाभ आसपास के 30 से अधिक सेक्टरों और कई गांवों को मिलेगा। इन इलाकों के लोगों को रोजाना आने-जाने में कम समय लगेगा और ट्रैफिक का दबाव भी घटेगा। नया रास्ता शुरू होने के बाद वाहन चालक एक्सप्रेसवे से ग्रेटर नोएडा के एलजी चौक तक सिर्फ सात से आठ मिनट में पहुंच सकेंगे। अभी इसी दूरी को तय करने में काफी ज्यादा समय लगता है। अनुमान है कि इस परियोजना के पूरा होने से करीब 20 मिनट तक की यात्रा बच सकेगी।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण इस सड़क के निर्माण पर लगभग 25 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। ग्रेटर नोएडा की तरफ बनने वाली सड़क की कुल लंबाई करीब एक किलोमीटर है। प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, जमीन से जुड़ी प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी। वहीं ग्रेटर नोएडा के सीईओ एनजी रवि कुमार ने भी अधिकारियों को परियोजना जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं ताकि पुल और सड़क दोनों का लाभ लोगों को जल्द मिल सके।
इसी बीच नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-150 में सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक और कदम उठाया है। यहां टेबल टॉप स्पीड ब्रेकर बनाने के लिए दूसरी बार निकाले गए टेंडर में कोई एजेंसी सामने नहीं आई जिसके बाद अब तीसरी बार आवेदन मांगे गए हैं। इस परियोजना के तहत सेक्टर-150 में कुल 27 टेबल टॉप स्पीड ब्रेकर बनाए जाएंगे। इस पर करीब 7.18 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह फैसला उस दर्दनाक हादसे के बाद लिया गया जिसमें एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की जान चली गई थी। जांच में सामने आया था कि सुनसान सड़कों पर सामान्य स्पीड ब्रेकर की बजाय टेबल टॉप या रंबल स्ट्रिप जैसे सुरक्षित विकल्प ज्यादा प्रभावी होते हैं।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा लगातार तेजी से विकसित हो रहे हैं। ऐसे में दोनों शहरों के बीच बेहतर सड़क संपर्क की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। नया संपर्क मार्ग शुरू होने के बाद न सिर्फ लोगों का समय बचेगा बल्कि ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा। इससे रोजाना ऑफिस आने-जाने वाले लोगों, छात्रों और आसपास के गांवों के निवासियों को सीधा फायदा मिलेगा।
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