
Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 12 फरवरी को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।
Noida News: समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “ओएनजीसी के सेवानिवृत्त जीएम से 1.79 करोड़ ठगे, सोशल मीडिया पर परिचय के बाद युवती ने की जालसाजी ” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि साइबर जालसाज ने ओएनजीसी के रिटायर्ड जीएम से 1.79 करोड़ की ठगी की है। सोशल मीडिया पर परिचय के बाद महिला ने ठगी की वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। ओएनजीसी के सेवानिवृत्त जीएम ने पुलिस को दी शिकायत बताया में पिछले साल सोशल मीडिया पर एक युवती की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी। दोनों के बीच बातचीत हुई। युवती ने बताया कि उसके पिता 2022 में सेवानिवृत हुए हैं और वह आपको जानते हैं। युवती ने कहा कि वह सोशल मीडिया पर ज्यादा सक्रिय नहीं हैं। इसके बाद युवती की तरफ से उन्हें वॉट्सऐप नंबर दिया गया। कुछ दिन बात करने बाद उसने फॉरेक्स एक्सचेंज में रुपये लगाकर कई गुना तक रिटर्न के बारे में जानकारी दी। इस दौरान उसने कुछ लोगों के प्रोफाइल भी दिखाए और उन्हें निवेश के सेफ होने के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें साइट के माध्यम को रुपये को यूएस डॉलर में बदलकर आगे निवेश के लिए कहा गया।
शुरुआत में उन्हें अच्छा रिटर्न साइट पर दिखाया गया। इसके बाद पीड़ित से लगातार रकम निवेश करवाती रही। युवती के झांसे में आकर 2 महीने में 1 करोड़ 79 लाख 88 हजार 334 रुपये लगा दिए। इसके बाद उनसे 14 लाख रुपये और निवेश करने के लिए कहा गया। ऐसा नहीं होने पर अकाउंट ब्लॉक होने के बारे में बताया गया। इसके बाद ठगों ने 20 लाख रुपये मांगे। तब उन्हें इस पर थोड़ा शक हुआ तो पीड़ित ने सवाल करना शुरू किया। इसके बाद जालसाजों ने अकाउंट ब्लॉक कर दिया। डीसीपी साइबर सेल प्रीति यादव ने बताया कि रमेश कुमार नामक एक शख्स की शिकायत पर साइबर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “एयरपोर्ट के पास एनसीआर का पहला व्यावसायिक केंद्र बनेगा, यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे कॉरपोरेट हब के साथ 776 हेक्टेयर में बनेगा सीबीडी” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि ग्रेनो औद्योगिक विकास प्राधिकरण एनसीआर का पहला सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट बिजनेस (सीबीडी) बनाएगा। इसके लिए यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे 776 हेक्टेयर जमीन पर कॉरपोरेट हब बनाने की योजना है। सीबीडी में दिल्ली की तर्ज पर एयरोसिटी को भी विकसित किया जाएगा।
केंद्रीय व्यावसायिक जिला (सीबीडी) को बोड़ाकी के मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब, दादरी के मल्टी मॉडल टर्मिनल के साथ ही 130 मीटर रोड से भी बेहतर कनेक्टिविटी दी जाएगी। सेंटर को लाइव, प्ले और वर्क की अवधारणा पर मूर्त रूप दिया जाएगा। मास्टर प्लान 2041 लागू होने के बाद ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण अब सीबीडी के लिए जमीन चिह्नित करने में जुट गया है। यमुना एक्सप्रेस के किनारे और नोएडा एयरपोर्ट के पास इस प्रमुख परियोजना के लिए जमीन की व्यवस्था की जाएगी। यहां उच्च-स्तरीय कार्यालय स्थान, रेस्तरां, होटल, वित्तीय संस्थान सहित व्यापार को बढ़ावा देने वाले अत्याधुनिक साधन-संसाधन मुहैया कराया जाएगा। इन सुविधाओं को विकसित करने के लिए इस सीबीडी में मिश्रित भू उपयोग के हिसाब से तैयार किया जाएगा। इसमें आवासीय विकास के साथ-साथ खुदरा, कार्यालय, होटल और अन्य व्यावसायिक उपयोगों का मिश्रण शामिल होगा। इसके पीछे कम लागत पर अधिक व्यावसायिक अवसर पैदा करने और ग्रेटर नोएडा के आर्थिक विकास को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
Hindi News:
अमर उजाला ने 12 फरवरी 2025 के अंक में प्रमुख समाचार “औद्योगिक सेक्टर साइट-4 और 5 में बनेंगे वेंडिंग जोन, यूपीसीडा ने दोनों सेक्टरों में जगह की चिह्नित, बजट तैयार कर जल्द शुरू होगा काम” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक सेक्टर साइट 4 और 5 में वेंडिंग जोन बनाएगा। दोनों सेक्टर में वेंडिंग जोन बनाने के लिए जगह चिह्नित कर ली गई है। बजट तैयार किया जा रहा है। बजट तय होने के बाद काम शुरू होगा। वेंडिंग जोन बनने के बाद सेक्टर के अतिक्रमण को हटाया जाएगा। स्ट्रीट वेंडर को जोन में जगह दी जाएगी।
ग्रेटर नोएडा में यूपीसीडा के चार औद्योगिक सेक्टर हैं। इनमें साइट-बी व सी और 4 व 5 शामिल हैं। इन सेक्टर में अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। उद्योगों के बाहर रेहडी व ठेली वाले खड़े रहते हैं। जगह-जगह ढाबे बन चुके हैं। किसी भी जगह अस्थायी दुकान लगा ली जाती है। इन सभी से उद्यमी परेशान हैं। उनका कहना है कि अतिक्रमण के कारण सेक्टरों में आपराधिक वारदात बढ़ी हैं। उद्यमियों की इस समस्या को देखकर यूपीसीडा ने दो सेक्टर साइट-4 व 5 में वेंडिंग जोन बनाने का फैसला लिया है। अफसरों ने बताया कि वेंडिंग जोन बनाने के लिए जगह चिह्नित कर ली गई है। साइट-4 में वेनिस मॉल के पास वेडिंग जोन बनाया जाएगा। वहीं, साइट-5 की गली नंबर तीन में यूपीसीडा की जमीन खाली है। वहां भी वेंडिंग जोन बनाया जाएगा। एक वेंडिंग जोन में करीब 60 से 70 स्ट्रीट वेंडर को जगह दी जाएगी। अफसरों ने बताया कि वेंडिंग जोन बनने के बाद सेक्टर के अंदर से अतिक्रमण और अवैध स्ट्रीट वेंडर को हटाया जाएगा।
Noida News: समाचार दैनिक जागरण से
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 12 फरवरी 2025 का प्रमुख समाचार “विद्युत विभाग की ओटीएस योजना का लाभ उठाने में सरकारी विभाग फिसड्डी” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि विद्युत विभाग की ओटीएस योजना अंतिम चरण में है, लेकिन इस योजना का लाभ उठाने में आम लोगों के साथ ही सरकारी विभाग भी फिसड्डी साबित हो रहे हैं। जेवर में अभी तक 24 हजार उपभोक्ताओं में से मात्र 4,070 उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराया है। इस योजना के प्रति आम लोग ही नहीं बल्कि सरकारी विभाग भी उदासीन हैं। जेवर तहसील के आवासीय परिसर का 90 लाख का बिल बकाया था, जिसपर 70 प्रतिशत सरचार्ज छूट के बाद 22 लाख रुपये की छूट मिलनी थी, लेकिन योजना का लाभनहीं उठाया गया।
विद्युत विभाग ने 15 दिसंबर को पुराने बिजली के बकाया बिलों पर सरचार्ज में 100 प्रतिशत की छूट देते हुए ओटीएस (एकमुश्त समाधान योजना) लागू की थी। जेवर में सरकारी विभागों के अलावा 24 हजार उपभोक्ताओं पर 73 करोड़ रुपये के बिजली बिल बकाया थे। विद्युत विभाग ने इन उपभोक्ताओं को ओटीएस योजना के लिए पात्र मानते हुए योजना में पंजीकरण कराने के लिए खूब प्रचार प्रसार किया। योजना का तृतीय चरण भी समाप्त होने जा रहा है, लेकिन 24 हजार उपभोक्ताओं में से कुल 4,070 उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराते हुए नौ करोड़ का भुगतान किया है। विद्युत विभाग ने तहसीलदार जेवर को दिसंबर में पत्र भेजते हुए बताया कि आपके तहसीलदार आवासीय परिसर पर 90 लाख का बिल बकाया चल रहा है, जिसपर ओटीएस के तहत वर्तमान में जमा कराने पर 22 लाख 76 हजार की छूट मिल रही है, लेकिन पत्र का आजतक न तो कोई जवाब मिला व न ही 22 लाख की धनराशि की छूट ली। ऐसा नहीं है कि अकेले तहसील आवासीय परिसर का बिल बकाया है वर्तमान में तहसील कार्यालय पर आठ लाख 14 हजार का बकाया है। सरकारी विभाग नहीं जमा कर रहे विद्युत विभाग के पांच करोड़ बकायाः वर्तमान में अधिक शिक्षा विभाग पर बकाया है, जिसमें प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा के संचालित स्कूलों पर दो करोड़ 35 लाख, पंचायती राज व पशुधन विभाग पर एक करोड़ 24 लाख, प्रशासन पर एक करोड़, चिकित्सा विभाग पर 10 लाख, पुलिस पर सात लाख, सहकारिता विभाग पर 10 लाख सहित पांच करोड़ का बकाया है।
दैनिक जागरण के 12 फरवरी 2025 के अंक में अगला प्रमुख समाचार “रेडियोलाजिस्ट की अघोषित 'छुट्टी' ने करा दी मरीजों की मैराथन, परेशान, जिला अस्पताल का मामला, रेडियोलाजिस्ट के चार पद स्वीकृत, तैनात सिर्फ दो” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि सेक्टर-39 के जिला अस्पताल में मरीजों को एक्सरे या रिपोर्ट के लिए रेडियोलाजी विभाग में कई दिनों तक मैराथन करनी पड़ती है। आरोप है कि अस्पताल में कई वर्षों से चार में से सिर्फ दो रेडियोलाजिस्ट ही तैनात हैं। इनमें से किसी की अद्योषित छुट्टी या आकस्मिक अवकाश पर जाने से मरीजों पर दोहरी मार पड़ती है।
आरोप है कि मरीजों को कई दिन बाद मंगलवार को मोबाइल पर एक्सरे की रिपोर्ट देकर लौटा दिया। वहीं, कई मरीज कागजी रिपोर्ट के लिए परेशान नजर आए। मामले में सीएमएस ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मेरठ मंडल में अपर निदेशक को पत्र लिखा हैं। एक्सरे कराने अस्पताल पहुंची रीता का आरोप था कि 27 जनवरी को पति के हाथ में चोट लगने पर एक्सरे कराया था। डाक्टरों ने दो दिन बाद रिपोर्ट लेने के लिए कहा था। वह अस्पताल आईं तो पता चला कि रेडियोलाजिस्ट डा. जैनेंद्र कुमार झा 28 जनवरी से छुट्टी पर चले गए हैं, जबकि दूसरी रेडियोलाजिस्ट डा. निरूपमा आत्रेय को आकस्मिक अवकाश लेना पड़ा। ऐसे में 50-60 मरीजों को एक्सरे रिपोर्ट के लिए परेशान होना पड़ा। मामले में कई परेशान मरीज सीएमओ से भी मिले। उनसे रिपोर्ट न मिलने पर नाराजगी जाहिर की थी। कार्यवाहक सीएमओ डा. ललित कुमार ने मरीजों को जल्द समाधान का आश्वासन दिया। उधर, सीएमएस ने भी मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अपर निदेशक को पत्र लिखकर रिक्त दो पदों पर जल्द भर्ती कराने और अवकाश पर गए रेडियोलाजिस्ट को तत्काल डयूटी ज्वाइन के आदेश पारित करने की मांग की। सीएमएस डा. रेनू अग्रवाल का कहना है कि रेडियोलाजिस्ट 28 जनवरी से 7 फरवरी तक छुट्टी पर थे। इसी बीच दूसरी रेडियोलाजिस्ट को भी आकस्मिक अवकाश लेना पड़ा।
दैनिक जागरण के 12 फरवरी के अंक में “औसतन 3 मिनट 23 सेकेंड में पीड़ित तक पहुंच रही गौतमबुद्ध नगर पुलिस, मिला दूसरा स्थान ” शीर्षक से भी समाचार प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट पुलिस पीड़ितों तक औसतन तीन मिनट 23 सेकेंड में भी पहुंच जा रही है। पुलिस की ओर से फरवरी के शुरुआती 10 दिनों का डाटा साझा किया गया है। उधर, पुलिस टीमों ने जरूरतमंद लोगों को भी रैन बसेरे तक पहुंचाने में महती भूमिका निभाई। गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट डायल 112 पुलिस को प्रदेश में दूसरा स्थान मिला है।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन और डीसीपी यातायात व डायल 112 के नोडल अधिकारी राम लखन सिंह की देखरेख में पीआरवी वाहन सुविधा का संचालन किया जा रहा है। पीड़ितों तक कम समय में त्वरित सहायता पहुंचाने की दिशा में कमिश्नरेट पुलिस प्रयासरत है। एक फरवरी से 10 फरवरी के बीच विभाग को 9930 सूचनाएं प्राप्त हुईं। इन शिकातयों के मामले में पुलिस टीम को पीड़ितों तक पहुंचने में औसतन समय तीन मिनट 23 सेकेंड रहा। उधर, सर्द मौसम में खुले आसमान के नीचे रात गुजराने वाले लोगों को लेकर भी कमिश्नरेट पुलिस संवेदनशील रही। 10 दिनों में रात के समय रास्तों, फुटपाथ, बस स्टैंड आदि स्थानों पर सोने वाले लगभग 36 बेसहारा लोगों तक पहुंच बनाई गई। यूपी 112 टीम ने रैन बसेरा पहुंचाया गया। लोगों ने भी पुलिस की सराहना की। डीसीपी लखन सिंह यादव ने बताया कि पुलिस की ओर से पीआरवी वाहनों के रूट चार्ट पर भी काम किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में डायल 112 पर ज्यादा सूचनाएं आती हैं। उन क्षेत्रों में पीआरवी वाहन की संख्या के साथ भ्रमण का समय भी बढ़ाने पर जोर है ताकि पीड़ितों को जल्दी पुलिस सहायता प्राप्त हो सके।
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