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आधुनिक विकास और ऊंची इमारतों के लिए पहचाने जाने वाला नोएडा केवल एक औद्योगिक शहर ही नहीं, बल्कि इतिहास की अमूल्य धरोहरों को अपने भीतर समेटे हुए है। यहां की जमीन 18वीं शताब्दी से लेकर स्वतंत्रता संग्राम तक की कई महत्वपूर्ण घटनाओं की गवाह रही है।

Noida News : आधुनिक विकास और ऊंची इमारतों के लिए पहचाने जाने वाला नोएडा केवल एक औद्योगिक शहर ही नहीं, बल्कि इतिहास की अमूल्य धरोहरों को अपने भीतर समेटे हुए है। यहां की जमीन 18वीं शताब्दी से लेकर स्वतंत्रता संग्राम तक की कई महत्वपूर्ण घटनाओं की गवाह रही है। नोएडा के सेक्टर-145 स्थित नलगढ़ा गांव आज भी उस ऐतिहासिक दौर की याद दिलाता है, जब देश को आजादी दिलाने के लिए क्रांतिकारी गुप्त योजनाएं बनाते थे। बताया जाता है कि वर्ष 1929 में दिल्ली असेंबली में बम फेंकने की योजना यहीं तैयार की गई थी। इस योजना को अंजाम देने वाले महान क्रांतिकारियों में भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु शामिल थे। Noida News
नलगढ़ा गांव के गुरुद्वारे में आज भी वह पत्थर सुरक्षित रखा गया है, जिसका इस्तेमाल क्रांतिकारियों द्वारा बारूद पीसने के लिए किया गया था। यह पत्थर न केवल उस दौर की तकनीक को दर्शाता है, बल्कि स्वतंत्रता सेनानियों के साहस और समर्पण की जीवंत निशानी भी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, योजना तैयार करने के बाद भगत सिंह अपने साथियों के साथ नाव के जरिए यमुना नदी पार कर दिल्ली पहुंचे थे। यह घटना नोएडा के इस क्षेत्र को स्वतंत्रता संग्राम के नक्शे पर विशेष स्थान देती है। Noida News
नलगढ़ा गांव में आज भी क्रांतिकारियों से जुड़े परिवारों की मौजूदगी इस इतिहास को और जीवंत बनाती है। भगत सिंह के सहयोगी करनाल सिंह का परिवार वर्तमान में सेक्टर-141 क्षेत्र में निवास करता है, जो इस विरासत को आगे बढ़ा रहा है। Noida News
धरोहर विश्व दिवस के अवसर पर सेक्टर-62 स्थित भारतीय विरासत संस्थान के पूर्व कुलपति एवं पुरातत्त्व विशेषज्ञ डॉ. बुद्ध रश्मि मणि ने जानकारी दी कि ब्रिटिश काल में भारत से चोरी कर विदेश ले जाई गई कई बेशकीमती मूर्तियों को भारत सरकार के प्रयासों से वापस लाया गया है। इन दुर्लभ मूर्तियों को संस्थान के संग्रहालय में संरक्षित किया गया है। इनमें भगवान विष्णु के वाराह अवतार सहित कई महत्वपूर्ण प्रतिमाएं शामिल हैं। आने वाले समय में इस संग्रहालय को आम जनता के लिए भी खोलने की योजना है, जिससे लोग अपनी सांस्कृतिक धरोहर से सीधे जुड़ सकेंगे। Noida News
नोएडा आज भले ही आईटी हब और रियल एस्टेट के लिए जाना जाता हो, लेकिन इसकी जमीन में छिपी ऐतिहासिक कहानियां इसे और भी खास बनाती हैं। जरूरत है इन धरोहरों को सहेजने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की, ताकि इतिहास केवल किताबों में ही नहीं बल्कि वास्तविक रूप में भी जीवित रह सके। Noida News
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