तीन दिन बाद कुछ इलाकों में मैसर्स ए.जी. एन्वायरो की गाड़ियां और रिक्शे जरूर नजर आए, लेकिन पहले जैसी नियमितता और समयबद्धता नहीं दिखी। नतीजा यह रहा कि कई स्थानों पर कचरा उठान आधा-अधूरा रहा और नई गंदगी लगातार जुड़ती चली गई।

Noida News : होली से पहले सफाईकर्मियों की हड़ताल ने नोएडा की हाईटेक सिटी वाली छवि पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। नोएडा शहर के कई सेक्टरों और ब्लॉकों में सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर दिखने लगे हैं। कॉलोनियों के अंदरूनी रास्तों से लेकर मुख्य सड़कों तक कचरा जमा होने से दुर्गंध फैल रही है और लोगों को घरेलू कूड़ा डालने के लिए भी भटकना पड़ रहा है। तीन दिन बाद कुछ इलाकों में मैसर्स ए.जी. एन्वायरो की गाड़ियां और रिक्शे जरूर नजर आए, लेकिन पहले जैसी नियमितता और समयबद्धता नहीं दिखी। नतीजा यह रहा कि कई स्थानों पर कचरा उठान आधा-अधूरा रहा और नई गंदगी लगातार जुड़ती चली गई।
बिगड़ती सफाई व्यवस्था को संभालने के लिए मंगलवार को नोएडा के अलग-अलग वर्क सर्किल के प्रभारी और मातहत अधिकारी खुद मैदान में उतर गए। अधिकारियों ने हड़ताली कर्मचारियों से बातचीत कर काम पर लौटने का आग्रह किया। कुछ सफाईकर्मी मान गए, लेकिन कई अब भी हड़ताल जारी रखने पर अड़े हुए हैं।
नोएडा में सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिशों के तहत वर्क सर्किल-1 और 2 के प्रभारी कपिल गौड़, वर्क सर्किल-5 के प्रभारी राजकमल सिंह, ओएसडी इंदु प्रकाश सिंह और वर्क सर्किल-3 के प्रभारी प्रवीण सलोनिया अलग-अलग क्षेत्रों में निरीक्षण करते और सफाई कार्य कराते नजर आए। इस दौरान कर्मचारियों को समझाकर ड्यूटी पर लौटने के लिए कहा गया। सफाईकर्मियों का आरोप है कि नोएडा प्राधिकरण की मौजूदा व्यवस्था और हालिया फेरबदल से कामकाज प्रभावित हुआ है। उनकी प्रमुख मांग है कि पुरानी व्यवस्था बहाल की जाए। वहीं कुछ कर्मचारियों ने ठेकेदारी व्यवस्था खत्म करने, वेतन समय पर न मिलने और प्रबंधन स्तर पर अनदेखी के आरोप भी लगाए हैं। Noida News