
Noida International Airport : उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में बन रहे जेवर एयरपोर्ट को देश के विभिन्न हिस्सों से जोड़ने के लिए कवायद शुरू कर दी गई है। एशिया के सबसे बड़े इस एयरपोर्ट को न केवल रैपिड रेल से जोड़ा जा रहा है, बल्कि भारतीय रेलवे से जोड़ने के प्रोजेक्ट पर भी काम शुरू कर दिया गया है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को रेलवे कनेक्टिविटी पर सैद्धांतिक सहमति बन गई है। इसके लिए उत्तर मध्य रेलवे के पलवल-खुर्जा और चोला से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की रेलवे कनेक्टिविटी के लिए एक माह के अंदर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करेगा। चोला-नोएडा एयरपोर्ट लाइन के जरिये बोड़ाकी भी जुड़ जाएगा। बोड़ाकी में मल्टी मॉडल लाजिस्टिक हब प्रस्तावित है। रेलवे कनेक्टिविटी से इसका संपर्क नोएडा एयरपोर्ट के कार्गो टर्मिनल तक हो जाएगा।
पलवल खुर्जा के बीच प्रस्तावित रेलवे लिंक व चोला से नोएडा एयरपोर्ट तक रेलवे लिंक की डीपीआर एक माह में तैयार हो जाएगी। इसके बाद रेलवे मंत्रालय को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। दरअसल, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया जा रहा है। नोएडा एयरपोर्ट कार्गो का हब भी बनेगा। एयरपोर्ट तक माल की आवाजाही सुगम बनाने के लिए रेलवे कनेक्टिविटी तैयार करने की कवायद भी शुरू हो गई है। उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य सचिव डीएस मिश्रा की अध्यक्षता में सोमवार को हुई एक बैठक में उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक ने नोएडा एयरपोर्ट को रेलवे कनेक्टिविटी पर सैद्धांतिक सहमति जताते हुए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने पर भी स्वीकृति दे दी है।
एनसीआर प्लानिंग बोर्ड में पलवल खुजां रेलवे लिंक पहले से प्रस्तावित है। इस रेलवे लिंक से ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जोड़ा जाएगा। इसके लिए एयरपोर्ट के नजदीक स्टेशन बनाया जाएगा। पलवल, खुर्जा रेलवे लाइन की दूरी करीब 55 किमी. होगी। पलवल से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की दूरी करीब 28 किमी. है।
चोला से नोएडा एयरपोर्ट के कागों टर्मिनल तक रेलवे ट्रैक बनाया जाएगा। यह करीब 20 किमी. लंबा होगा। इस ट्रैक के जरिये नोएडा एयरपोर्ट दिल्ली हावड़ा रेलवे लाइन से जोड़ा जाएगा। ग्रेटर नोएडा के बोड़ाकी में बनने वाला मल्टी मॉडल लाजिस्टिक हब को भी इसके जरिये एयरपोर्ट से जोड़ा जाएगा। जिससे एयरपोर्ट पर माल ढुलाई का काम सुगम हो जाएगा। चोला में यूपीसीडा का औद्योगिक क्षेत्र है। खुर्जा से भी चीनी मिट्टी के उत्पाद का बड़े स्तर पर निर्यात होता है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 80 एकड़ में कार्गो हब विकसित किया जा रहा है। इसके लिए यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने एयर इंडिया सैट्स के साथ अनुबंध किया है। 37 एकड़ में कार्गो टर्मिनल बनेगा। नोएडा एयरपोर्ट पर शुरुआत में दो लाख टन सालाना कार्गो क्षमता होगी। जिसका सालाना 20 लाख टन तक विस्तार होगा।
इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने नोएडा एयरपोर्ट के लिए 1200 हेक्टेयर जमीन और आरक्षित की कर ली है। इसके बाद से नोएडा एयरपोर्ट के लिए आरक्षित जमीन अलीगढ़ जिले की सीमा तक पहुंच गई है। इससे सटकर अलीगढ़ जिले के टप्पल में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब परियोजना प्रस्तावित है। पलवल-खुर्जा लिंक से टप्पल मल्टी मॉडल लाजिस्टिक हब भी जुड़ जाएगा। अर्बिटल रेलवे से भी नोएडा एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी होगी। इससे यात्रियों को राहत होगी। एयरपोर्ट पहुंचने में समय की बचत होगी।
सरायकाले खां से वाराणसी के लिए हाई स्पीड रेल और गाजियाबाद से नोएडा एयरपोर्ट को रैपिड रेल से जोड़ने की योजना है। इससे नोएडा एयरपोर्ट पर यात्री और माल की ढुलाई के लिए कनेक्टिविटी शुरु की जाएगी।