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नोएडा के थाना सेक्टर-142 क्षेत्र में एक बड़े वित्तीय घोटाले का मामला प्रकाश में आया है, जिसमें ‘मोमेंटम कैटेलिस्ट सर्विस’ और ‘माय ट्रेड’ नामक कथित निवेश योजनाओं के जरिए करीब 200 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का दावा किया गया है।

Noida News : नोएडा के थाना सेक्टर-142 क्षेत्र में एक बड़े वित्तीय घोटाले का मामला प्रकाश में आया है, जिसमें ‘मोमेंटम कैटेलिस्ट सर्विस’ और ‘माय ट्रेड’ नामक कथित निवेश योजनाओं के जरिए करीब 200 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का दावा किया गया है। इस संबंध में दो शिकायतकर्ताओं ने पुलिस को तहरीर देकर एफआईआर दर्ज कराई है। थाना सेक्टर-142 में शिकायतकर्ताओं राजत (पुत्र जितेंद्र सिंह) और शिवम (पुत्र सुधीर चौधरी) ने आरोप लगाया है कि नूर मोहम्मद, बिलाल, अब्दुल रहमान, अनस मोहम्मद, शाहवेज सहित अन्य अज्ञात लोग मिलकर एक संगठित गिरोह की तरह काम कर रहे थे। Noida News
आरोप है कि इन लोगों ने खुद को अनुभवी ट्रेडर बताकर निवेशकों को शेयर बाजार में 6' से 15' तक मासिक रिटर्न का लालच दिया। इसके लिए कथित रूप से फर्जी NISM प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेज दिखाकर भरोसा बनाया गया। शिकायत के अनुसार, निवेशकों को नोएडा के भूटानी अल्फाथम और डीएलएफ मॉल जैसे स्थानों पर बुलाकर कई बैठकों में योजनाओं को सुरक्षित और लाभकारी बताकर भारी निवेश के लिए प्रेरित किया गया। Noida News
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उन्होंने कई लेन-देन के माध्यम से कुल 56 लाख रुपये का निवेश किया, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया गया। शुरुआत में छोटे-छोटे रिटर्न देकर विश्वास बनाया गया, लेकिन बाद में अचानक भुगतान रोक दिया गया। आरोप है कि यह पूरा नेटवर्क पोंजी और एमएलएम (मनी सर्कुलेशन) मॉडल पर आधारित था, जिसमें नए निवेशकों से प्राप्त धन से पुराने निवेशकों को भुगतान किया जाता था। साथ ही आरोपियों पर फर्जी कंपनियों का संचालन करने और बार-बार ऑफिस बदलकर पुलिस से बचने का भी आरोप लगाया गया है। पीडि़तों का यह भी कहना है कि जब उन्होंने अपनी राशि वापस मांगी तो उन्हें और उनके परिवार को धमकियां दी गईं। शिकायत में दावा किया गया है कि इस पूरे नेटवर्क के जरिए करीब 200 करोड़ रुपये या उससे अधिक की ठगी हुई है, जिससे यह एक संगठित आर्थिक अपराध का गंभीर मामला बनता है। शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से मांग की है कि सभी आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गहन जांच की जाए, बैंक खातों को फ्रीज किया जाए, संपत्तियों की जांच हो और पूरे फंड ट्रेल की विस्तृत जांच की जाए। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। Noida News
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