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नोएडा पुलिस के मुताबिक, आरोपी नियाज ने बताया कि वह पहले जनपद महाराजगंज में भी इसी तरह की धोखाधड़ी कर चुका है और कई बार जेल जा चुका है। जेल से बाहर आने के बाद उसने वहां काम बंद किया और दिल्ली-नोएडा की ओर आकर फिर से ठगी का नेटवर्क खड़ा किया।

Noida News : नोएडा में विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक शातिर कबूतरबाज गैंग का खुलासा हुआ है। नोएडा थाना सेक्टर-126 पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो जालसाजों को गिरफ्तार किया है, जो ऊंची सैलरी, तत्काल वीजा और सीमित सीटों का लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। पुलिस ने इनके पास से 9 भारतीय पासपोर्ट, 4 मोबाइल फोन, नकदी, लैपटॉप, फर्जी पंपलेट, फर्जी एयर टिकट और वीजा के प्रिंट आउट बरामद किए हैं।
एडीसीपी के मुताबिक, 27 फरवरी को तमिलनाडु निवासी त्रिमूर्ति ने थाना सेक्टर-126 में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि अज्ञात लोगों ने विदेश में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाकर उससे करीब डेढ़ लाख रुपये ठग लिए और अब उससे दोबारा रकम की मांग की जा रही है। आरोपियों ने रकम लेने के लिए उसे नोएडा के सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा बिल्डिंग के पास बुलाया था। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सुमेश कुमार और टीम ने सेक्टर-94 के आसपास घेराबंदी कर दी। तय योजना के तहत पीड़ित ने आरोपियों को फोन किया। कुछ ही देर में टाटा नेक्सॉन कार से दो युवक मौके पर पहुंचे और पीड़ित से बातचीत शुरू कर दी। इसी दौरान पहले से अलर्ट पुलिस टीम ने दोनों को मौके से दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपियों ने अपनी पहचान राजू शाह (पुत्र रामप्रवेश) और नियाज अहमद उर्फ अरमान (पुत्र साजिद अली) के रूप में बताई। पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि वे लोगों को विदेश भेजने, नौकरी लगवाने और वीजा बनवाने के नाम पर मोटी रकम वसूलते थे। खास तौर पर वे बाहरी राज्यों से आए लोगों को निशाना बनाते थे, ताकि पहचान और शिकायत का खतरा कम रहे। पुलिस के अनुसार, आरोपी लैपटॉप के जरिए आकर्षक और लुभावने फर्जी विज्ञापन तैयार करते थे जिसमें ऊंची सैलरी, तुरंत जॉइनिंग, तत्काल वीजा और सीमित सीटों जैसी बातें लिखी होती थीं। इसके बाद इन पंपलेट्स को प्रिंट कराकर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से फैलाया जाता था। पकड़े जाने से बचने के लिए वे ज्यादातर सिर्फ व्हाट्सएप कॉल पर बात करते थे, सामान्य कॉल और आमने-सामने संपर्क से दूरी बनाए रखते थे।
कार की तलाशी में पुलिस को 9 भारतीय पासपोर्ट, फर्जी पंपलेट/विज्ञापन, फर्जी टिकटों के प्रिंट आउट समेत कई अहम सबूत मिले। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ये पासपोर्ट उन्हीं लोगों के हैं, जिन्हें वे ठगी का शिकार बना चुके हैं। वे वीजा प्रक्रिया और टिकट बुकिंग का बहाना बनाकर लोगों से पासपोर्ट ले लेते थे और फिर फर्जी वीजा व फर्जी एयर टिकट थमाकर पैसा ऐंठते। रकम मिलने के बाद ही वे पासपोर्ट लौटाने की बात करते थे। नोएडा पुलिस के मुताबिक, आरोपी नियाज ने बताया कि वह पहले जनपद महाराजगंज में भी इसी तरह की धोखाधड़ी कर चुका है और कई बार जेल जा चुका है। जेल से बाहर आने के बाद उसने वहां काम बंद किया और दिल्ली-नोएडा की ओर आकर फिर से ठगी का नेटवर्क खड़ा किया। इसी दौरान उसने राजू शाह को भी अपने साथ जोड़ लिया। नियाज के खिलाफ महाराजगंज में चार मुकदमे दर्ज होने की बात भी सामने आई है।
दोनों आरोपियों ने दर्जन भर से अधिक लोगों के साथ ठगी करने की बात स्वीकार की है। अब नोएडा पुलिस उनसे पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया, किन-किन शहरों में इनके संपर्क थे, और क्या इसमें कोई और एजेंट/सहयोगी भी शामिल है। पुलिस बरामद पासपोर्ट के आधार पर पीड़ितों की पहचान कर उनसे संपर्क करने की प्रक्रिया भी शुरू कर रही है। Noida News