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नोएडा में श्रमिकों के वेतन विवाद से शुरू हुआ मामला अब राजनीतिक टकराव का रूप लेता दिख रहा है। हाल ही में नोएडा में मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं के बाद शुक्रवार को इस मुद्दे पर सियासी सरगर्मी और तेज हो गई।

Noida News : नोएडा में श्रमिकों के वेतन विवाद से शुरू हुआ मामला अब राजनीतिक टकराव का रूप लेता दिख रहा है। हाल ही में नोएडा में मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं के बाद शुक्रवार को इस मुद्दे पर सियासी सरगर्मी और तेज हो गई। श्रमिक परिवारों से मुलाकात करने पहुंचे समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को नोएडा पुलिस ने डीएनडी फ्लाईओवर पर ही रोक दिया, जिसके बाद वहां विरोध और नारेबाजी का माहौल बन गया। Noida News
जानकारी के मुताबिक, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे की अगुवाई में सपा का 10 सदस्यीय दल नोएडा की ओर बढ़ रहा था। प्रतिनिधिमंडल जैसे ही डीएनडी फ्लाईओवर पर पहुंचा, नोएडा पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मौके पर राजनीतिक माहौल अचानक गर्म हो गया। इस प्रतिनिधिमंडल में सपा नेता अतुल प्रधान भी शामिल थे। नोएडा में श्रमिक परिवारों तक पहुंचने से पहले ही पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए दल की आगे की आवाजाही पर रोक लगा दी। इसके विरोध में सपा नेताओं ने वहीं जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ ही देर में डीएनडी पर स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। Noida News
पुलिस के रोकने के विरोध में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे और सपा नेता अतुल प्रधान समेत अन्य नेता डीएनडी फ्लाईओवर पर ही धरने पर बैठ गए। नोएडा में श्रमिक विवाद को लेकर पहले से गर्म माहौल के बीच इस घटनाक्रम ने सियासी हलचल और बढ़ा दी है। दरअसल, नोएडा में हाल में मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ ने प्रशासन को पहले ही अलर्ट पर रखा हुआ है। ऐसे में राजनीतिक दलों की सक्रियता ने इस पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है। सपा का कहना है कि वह प्रभावित श्रमिक परिवारों की बात सुनने और हालात का जायजा लेने नोएडा पहुंची थी, जबकि पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रतिनिधिमंडल को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। Noida News
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