
नोएडा लेटेस्ट न्यूज : भारतीय किसान यूनियन ने किसान नेताओं के विरूद्ध दर्ज कराई गई FIR को बड़ी साजिश करार दिया है। इस FIR के विरोध में भाकियू ने नोएडा के सेक्टर-49 के थाने को घेर लिया है। यह पूरा मामला नोएडा शहर के प्रसिद्ध गांव बरौला में स्थित जमीन के एक टुकड़े से जुड़ा हुआ है। किसान नेताओं का आरोप है कि नोएडा कमिश्नरी की पुलिस साजिश करके किसान नेताओं को झूठे मामले में फंसाना चाहती है।
भारतीय किसान यूनियन के झंडे व बैनर लेकर बड़ी संख्या में किसान नोएडा के सेक्टर-49 थाने पर पहुंच रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक हजारों किसानों ने नोएडा के सेक्टर-49 थाने का घेराव कर लिया था। घेराव का नेतृत्व किसान नेता पवन खटाना कर रहे हैं। पवन खटाना ने आरोप लगाया कि उनके नेतृत्व में चल रहे किसानों के आंदोलन से जिला प्रशासन व नोएडा कमिश्नरी की पुलिस घबरा गई है। उसी घबराहट के कारण उनके तथा उनके साथियों के खिलाफ फर्जी एफआईआर.... दर्ज कराई गई है। उन्होंने कहा कि हम किसानों व मजदूरों की लड़ाई लड़ रहे हैं। हम जेल जाने के लिए तैयार हैं। प्रशासन अपनी जेल के दरवाजे खोल दे। हमें जेल जाने से डर नहीं लगता।
https://twitter.com/ManchChetna/status/1712742972381708764?t=rxpjAQbrnWAzkC-EbyXSzg&s=08आपको बता दें कि नोएडा के बरौला गांव की एक जमीन के मामले को लेकर नोएडा के सेक्टर-49 थाने में FIR दर्ज कराई गई है। यह एफआईआर रविन्द कुमार सिंह निवासी कौशलपुरी कालोनी गोमतीनगर विस्तार लखनऊ ने दर्ज कराई है। FIR में कहा गया है कि कमल सिंह, उसकी पत्नी व बेटे मोहित निवासी ग्राम बरौला से 170 गज की जमीन खरीदने का सौदा किया। उन्होंने आरोपी कमल सिंह से ग्राम बरौला में खसरा नंबर 941 पर 109 वर्गगज जमीन का बैनामा 17 अगस्त 2022 को अपनी कंपनी रेज इसीपी प्रा.लि. के नाम से करवाया। इसके बाद उन्होंने खसरा नंबर 941 में रकवा 170 वर्ग जमीन खरीदने का सौदा किया। यह सौदा 1 करोड, 30 लाख, 90 हजार रूपये में हुआ।
https://twitter.com/ManchChetna/status/1712759011333050612?s=08सौदे के अनुसार उन्होंने 42 लाख 50 हजार रूपये कमल सिंह के एकाउंट में ट्रांसफर किए तथा 21-21 लाख के 40 पीडीसी चैक कमल सिंह को दिये। कमल सिंह के कहने पर उन्होंने संदीप बैसोया व रेशा बैसोया के खाते में 9 लाख 40 हजार रूपये जमा कराए। 19 जून 2023 को कमल सिंह ने बैनामा कराने के दौरान बताया कि 170 वर्गगज जमीन दो हिस्सों में विभाजित है और दोनों उसी के नाम पर पंजीकृत हैं। जब उन्होंने कमल सिंह से जमीन की रजिस्ट्री की मूल प्रति मांगी तो कमल सिंह ने कहा कि वह बैंक के लॉकर में रखी है। एक-दो दिन में बैंक से लाकर उन्हें सौंप देंगे। लेकिन कमल सिंह के दिमाग में षड़यंत्र चल रहा था उसने रजिस्ट्री की मूल कॉपी दिए बिना ही बैंक में पीडीसी चैक को लगा दिया जो बाउंस हो गए।
रविन्द्र कमार ने बताया कि उन्होंने 2 अगस्त 2023 को प्लॉट पर मजदूर बुलाकर काम शुरू करवाया तो भारतीय किसान यूनियन के पश्चिमी प्रदेश अध्यक्ष पवन खटाना व किसान नेता सुभाष चौधरी मौके पर आए और मजदूरों के साथ गाली-गलौज करने लगे। सुभाष चौधरी व पवन खटाना ने उनसे 1 करोड़ 40 लाख रूपये की डिमांड की तथा मजदूरों को पीट कर मौके से भगा दिया।
रविन्द्र कुमार ने बताया कि कमल सिंह ने 100 वर्ग गज जमीन की रजिस्ट्री पूर्व में ही किसी और के नाम करा दी थी और उससे 20 लाख रूपये उठा रखे थे। जबकि 70 वर्ग गज प्लॉट को भी उसने दो लोगों को बेच दिया था। इस मामले में पीड़ित ने कमल सिंह व उसके संगठित गिरोह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी है। रविन्द्र सिंह की शिकायत पर पुलिस ने कमल सिंह, उसकी पत्नी, पुत्र मोहित, सुभाष चौधरी, पवन खटाना, भूरा गुर्जर, अभय सिंह, संदीप बैसोया, रेशा बैसोया व एक अज्ञात के विरूद्ध धारा-420, 406, 467, 468, 471, 504, 506 व 120बी के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
भारतीय किसान यूनियन के आहवान पर किसानों ने नोएडा के सेक्टर-49 थाने का घेराव कर रखा है। समाचार लिखे जाने तक इस घेराव में भाकियू के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी सुभाष चौधरी, भाकियू के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष पवन खटाना, मनोज मावी, सुरेंद्र प्रधान, सुरेंद्र भाटी, सुभाष भाटी, प्रविंद्र अवाना, निदेश भाटी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हो चुके थे।