नोएडा विधानसभा क्षेत्र से बहुजन समाज पार्टी के पूर्व प्रत्याशी रहे कृपा राम शर्मा ने एक बार फिर कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लिया है। कांग्रेस में उनकी वापसी को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह देखने को मिल रहा है।

Noida News : नोएडा की राजनीति में बुधवार को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। नोएडा विधानसभा क्षेत्र से बहुजन समाज पार्टी के पूर्व प्रत्याशी रहे कृपा राम शर्मा ने एक बार फिर कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लिया है। कांग्रेस में उनकी वापसी को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह देखने को मिल रहा है। कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से भी कृपा राम शर्मा के पार्टी में शामिल होने की जानकारी साझा की गई है। कांग्रेस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, नोएडा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी कृपा राम शर्मा ने कांग्रेस की विचारधारा और नेतृत्व में विश्वास जताते हुए पार्टी में वापसी की है। इस दौरान उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय, अखिल भारतीय अल्पसंख्यक कांग्रेस के राष्ट्रीय चेयरमैन एवं सांसद इमरान प्रतापगढ़ी समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस ने कृपा राम शर्मा का पार्टी में स्वागत करते हुए इसे केवल राजनीतिक जुड़ाव नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और देश की एकता के लिए संघर्ष को मजबूत करने वाला कदम बताया है।
कृपा राम शर्मा नोएडा की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। उनका कांग्रेस से पुराना राजनीतिक जुड़ाव रहा है। नोएडा विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के साथ काम करते हुए उन्होंने संगठन और स्थानीय राजनीति में अपनी पहचान बनाई। इसके बाद विधानसभा चुनाव लड़ने की राजनीतिक तैयारी के दौरान उन्होंने कांग्रेस से अलग होकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का दामन थाम लिया था। बसपा ने उन्हें नोएडा विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी भी बनाया था। चुनावी राजनीति में कदम रखने के बाद कृपा राम शर्मा क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहे और उन्होंने अपने समर्थकों के बीच राजनीतिक आधार मजबूत करने का प्रयास किया। हालांकि, अब राजनीतिक परिस्थितियों के बीच उन्होंने एक बार फिर कांग्रेस में वापसी कर ली है। ऐसे में उनकी यह वापसी नोएडा की स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गई है। कृपा राम शर्मा ने नोएडा विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा था। कांग्रेस छोड़कर बसपा में जाने के उनके फैसले को उस समय नोएडा की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर देखा गया था। अब कुछ समय बाद कांग्रेस में उनकी वापसी ने एक बार फिर राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। उनके समर्थकों का मानना है कि कांग्रेस में उनका पुराना जुड़ाव और पार्टी संगठन के साथ काम करने का अनुभव उनकी वापसी को महत्वपूर्ण बनाता है। कृपा राम शर्मा की राजनीतिक यात्रा को देखें तो यह घटनाक्रम उस चर्चित कहावत की याद दिलाता है—‘लौट कर बुद्धू घर को आए।’ हालांकि राजनीतिक तौर पर देखा जाए तो नेताओं का दल बदलना और फिर पुराने राजनीतिक दल में लौटना भारतीय राजनीति में कोई नई बात नहीं है।
कांग्रेस में वापसी के दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और सांसद इमरान प्रतापगढ़ी समेत पार्टी के अन्य नेताओं ने कृपा राम शर्मा का स्वागत किया। इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिनेश अवाना एडवोकेट, पूर्व महानगर कांग्रेस कमेटी नोएडा अध्यक्ष शाहबुद्दीन, कांग्रेस नेता पंडित प्रमोद शर्मा, युवा कांग्रेस गौतमबुद्धनगर जिला महासचिव श्याम सुंदर दीक्षित सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता मौजूद रहे। कांग्रेस की ओर से जारी संदेश में कहा गया कि पार्टी का कारवां लगातार मजबूत हो रहा है और सामाजिक न्याय, लोकतंत्र तथा संविधान की रक्षा की लड़ाई को और मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा। कृपा राम शर्मा की कांग्रेस में वापसी को नोएडा की आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नोएडा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस लंबे समय से अपना राजनीतिक आधार मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर सक्रिय और चुनाव लड़ चुके नेता की पार्टी में वापसी से संगठन को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। दूसरी ओर, कृपा राम शर्मा के कांग्रेस में लौटने से उनके पुराने राजनीतिक समर्थकों के सामने भी एक स्पष्ट संदेश गया है कि वह एक बार फिर कांग्रेस के साथ सक्रिय राजनीति में दिखाई देंगे। नोएडा विधानसभा क्षेत्र में आने वाले समय में कांग्रेस किस तरह संगठन को मजबूत करती है और कृपा राम शर्मा को पार्टी की ओर से क्या राजनीतिक जिम्मेदारी दी जाती है, इस पर भी सबकी नजर रहेगी।
कांग्रेस के लिए कृपा राम शर्मा की वापसी इसलिए भी अहम है क्योंकि वह पहले पार्टी के साथ सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं और नोएडा विधानसभा क्षेत्र से चुनावी राजनीति में भी अपनी पहचान बना चुके हैं। ऐसे में पार्टी को उम्मीद है कि उनकी वापसी से स्थानीय स्तर पर संगठन और कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा मिलेगी। वहीं, कृपा राम शर्मा के लिए भी कांग्रेस में वापसी पुराने राजनीतिक घर में लौटने जैसा है। बसपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ने के बाद अब उन्होंने दोबारा कांग्रेस का रुख किया है। नोएडा की राजनीति में उनके इस फैसले के आने वाले दिनों में क्या राजनीतिक परिणाम सामने आते हैं, यह देखने वाली बात होगी।
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