नोएडा के सेक्टर-94 स्थित अंतिम निवास में पितृपक्ष की अमावस्या पर नोएडा लोकमंच ने ज्ञात-अज्ञात पितरों की शांति के लिए सामूहिक यज्ञ-हवन का आयोजन किया। महासचिव महेश सक्सेना और चेतना मंच के संपादक आर.पी. रघुवंशी यजमान बने।

नोएडा लोकमंच ने पितृपक्ष की अमावस्या पर किया आयोजन, महेश सक्सेना और आर.पी. रघुवंशी बने मुख्य यजमान; उन दिवंगत आत्माओं के लिए भी की गई प्रार्थना, जिन्हें याद करने वाला शायद कोई नहीं
Noida News : नोएडा में सामाजिक सेवा और मानवीय संवेदनाओं को समर्पित संस्था नोएडा लोकमंच ने पितृपक्ष की अमावस्या के अवसर पर एक ऐसी पहल की, जो समाज को करुणा, परोपकार और अपने पूर्वजों के प्रति कर्तव्य का संदेश देती है। शनिवार, 10 अक्टूबर को सेक्टर-94 स्थित अंतिम निवास में नोएडा के ज्ञात और अज्ञात पितरों तथा दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए सामूहिक यज्ञ-हवन का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में शामिल लोगों ने आहुतियां अर्पित कर उन दिवंगत आत्माओं की शांति और सद्गति के लिए प्रार्थना की, जिनका किसी कारणवश विधिवत तर्पण अथवा अन्य धार्मिक संस्कार नहीं हो पाया। इस आयोजन की विशेषता यह रही कि इसमें केवल अपने परिवार के पूर्वजों के लिए ही नहीं, बल्कि उन अज्ञात दिवंगत आत्माओं के लिए भी सामूहिक प्रार्थना की गई, जिनकी पहचान, नाम अथवा पारिवारिक पृष्ठभूमि का पता नहीं है। ऐसे अनेक लोग जीवन की परिस्थितियों के कारण इस दुनिया से विदा हो गए, जिनके बारे में यह तक ज्ञात नहीं हो सका कि वे कौन थे, उनका परिवार कहां था और उनके पूर्वजों या परिजनों में कौन-कौन शामिल थे। नोएडा लोकमंच की इस पहल ने ऐसे ही ज्ञात-अज्ञात दिवंगत लोगों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए समाज को यह संदेश दिया कि मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक दायित्वों की सीमा अपने परिवार और परिचितों तक ही सीमित नहीं होनी चाहिए। Noida News
नोएडा लोकमंच द्वारा संचालित अंतिम निवास सेक्टर-94 में स्थित एक व्यवस्थित श्मशान स्थल है, जहां अंतिम संस्कार से संबंधित व्यवस्थाएं संचालित की जाती हैं। नोएडा में रहने वाले अनेक नागरिकों के अंतिम संस्कार से जुड़ा यह स्थल शहर की सामाजिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। अंतिम निवास का नाम भी अपने आप में जीवन की अंतिम यात्रा से जुड़ी एक गंभीर अनुभूति को व्यक्त करता है। जीवन में व्यक्ति की पहचान, पद, प्रतिष्ठा और पारिवारिक संबंधों का अपना महत्व है, लेकिन मृत्यु के बाद कई बार ऐसे लोग भी होते हैं जिनकी पहचान और पारिवारिक पृष्ठभूमि का पता नहीं चल पाता। कुछ दिवंगत लोगों के परिजन उपलब्ध नहीं होते, तो कुछ के बारे में जानकारी जुटाना संभव नहीं हो पाता। पितृपक्ष की अमावस्या पर आयोजित इस सामूहिक हवन के माध्यम से ऐसी ही दिवंगत आत्माओं के प्रति श्रद्धा व्यक्त की गई। उपस्थित लोगों ने धार्मिक विधि-विधान के अनुसार आहुतियां अर्पित कीं और उनकी शांति एवं सद्गति की कामना की। Noida News

नोएडा लोकमंच शहर में सामाजिक गतिविधियों से जुड़ी एक पुरानी संस्था है। संस्था के महासचिव महेश सक्सेना के नेतृत्व और देखरेख में इसके विभिन्न सामाजिक कार्य संचालित होते हैं। सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सक्रिय महेश सक्सेना को नोएडा में कई लोग ‘नोएडा के गांधी’ के उपनाम से भी जानते हैं। अंतिम निवास का संचालन भी नोएडा लोकमंच की जिम्मेदारियों में शामिल है। संस्था की ओर से आयोजित यह हवन धार्मिक अनुष्ठान के साथ-साथ सामाजिक संवेदनशीलता को अभिव्यक्त करने का माध्यम बना। नोएडा लोकमंच का मानना है कि समाज के प्रति मनुष्य का दायित्व केवल अपने परिवार, रिश्तेदारों और परिचितों तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन लोगों के प्रति भी संवेदना रखनी चाहिए, जिनके लिए प्रार्थना करने वाला या उनकी स्मृति को संजोने वाला शायद कोई न हो। इसी भावना को केंद्र में रखकर संस्था ने पितृपक्ष की अमावस्या पर सामूहिक हवन का आयोजन किया। Noida News

इस धार्मिक आयोजन में नोएडा लोकमंच के महासचिव महेश सक्सेना मुख्य यजमान के रूप में शामिल हुए। चेतना मंच के संपादक और चेतना मंच मीडिया हाउस के संचालक आर.पी. रघुवंशी ने भी यजमान के रूप में अनुष्ठान में भाग लिया। चेतना मंच के संपादक आर.पी. रघुवंशी ने इस आयोजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नोएडा के ज्ञात और अज्ञात पितरों के लिए यज्ञ-हवन का आयोजन विशेष महत्व रखता है। समाज में ऐसे अनेक दिवंगत लोग हो सकते हैं, जिनकी पहचान आज तक सामने नहीं आ पाई। यह भी संभव है कि किसी व्यक्ति के परिजनों या पूर्वजों के बारे में जानकारी उपलब्ध न हो और उनकी स्मृति में कोई धार्मिक अनुष्ठान करने वाला भी न हो। ऐसे में सामूहिक रूप से उन सभी दिवंगत आत्माओं के लिए प्रार्थना करना मानवीय संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचायक है। इस आयोजन के माध्यम से उन लोगों को भी श्रद्धांजलि देने का प्रयास किया गया, जिनका नाम और परिचय भले ही समाज के सामने न हो, लेकिन जिनके प्रति संवेदना व्यक्त करना मानवीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है। Noida News

इस आयोजन में डॉ. बी.जी. सिंह, विनीत गर्ग, रामपाल रघुवंशी, जफर खान, आर.एन. श्रीवास्तव, आदित्य श्रीवास्तव, अरुण सक्सेना, नितेश, रुपेश, गौरव दुबे और वीरेंद्र सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। धार्मिक अनुष्ठान दिल्ली के कृष्णा नगर से आए पंडित आचार्य गौरव दुबे ने संपन्न कराया। हवन के दौरान उपस्थित लोगों ने विधि-विधान से आहुतियां अर्पित कीं और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए सामूहिक प्रार्थना की। कार्यक्रम के समापन पर प्रसाद वितरित किया गया। Noida News

गोस्वामी तुलसीदास की प्रसिद्ध पंक्तियां—‘परहित सरिस धरम नहिं भाई, पर पीड़ा सम नहिं अधमाई’—इस आयोजन की मूल भावना को स्पष्ट करती हैं। दूसरों के हित के लिए काम करना और दूसरों के दुख के प्रति संवेदनशील रहना भारतीय सामाजिक एवं सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। पितृपक्ष के दौरान लोग अपने पूर्वजों की स्मृति में तर्पण, श्राद्ध और अन्य धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। इस परंपरा के बीच नोएडा लोकमंच ने अज्ञात दिवंगत आत्माओं के लिए सामूहिक हवन कर श्रद्धा का दायरा व्यापक बनाने का प्रयास किया। यह आयोजन इस विचार को सामने लाता है कि किसी व्यक्ति का नाम, पहचान या पारिवारिक परिचय ज्ञात न होने के बावजूद उसके प्रति मानवीय संवेदना समाप्त नहीं हो जाती। जिन दिवंगत लोगों को याद करने वाला कोई नहीं है, उनके लिए भी सामूहिक प्रार्थना की जा सकती है। नोएडा लोकमंच की यह पहल धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता, निःस्वार्थ सेवा और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का संदेश देती है। सेक्टर-94 स्थित अंतिम निवास में आयोजित इस हवन के माध्यम से संस्था ने यह भाव व्यक्त किया कि समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी जीवन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उन दिवंगत लोगों के प्रति सम्मान और संवेदना व्यक्त करना भी उसका हिस्सा है, जिनकी स्मृति समय के साथ गुमनाम हो गई है। Noida News
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