विज्ञापन
नोएडा शहर में भूमि घोटाले की चर्चा अक्सर होती रहती है। इस चर्चा के दौरान बार-बार यह साबित होता रहा है कि नोएडा की बेशकीमती जमीन पर कब्जा करके घोटालेबाजों ने अनेक छोटे-बड़े घोटाले किए हैं। इन दिनों नोएडा शहर के सेक्टर-110 में स्थापित महर्षि आश्रम की जमीन का घोटाला चर्चा का विषय बना हुआ है।

Noida News : नोएडा शहर में भूमि घोटाले की चर्चा अक्सर होती रहती है। इस चर्चा के दौरान बार-बार यह साबित होता रहा है कि नोएडा की बेशकीमती जमीन पर कब्जा करके घोटालेबाजों ने अनेक छोटे-बड़े घोटाले किए हैं। इन दिनों नोएडा शहर के सेक्टर-110 में स्थापित महर्षि आश्रम की जमीन का घोटाला चर्चा का विषय बना हुआ है। नोएडा के इतिहास तथा प्रोपर्टी की जानकारी रखने वाले विशेषज्ञों का दावा है कि महर्षि आश्रम की जमीन पर चल रहा भूमि घोटाला नोएडा का सबसे बड़ा घोटाला साबित होगा। Noida News
आपको बता दें कि नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में अब तक सैकड़ों जमीन घोटाले हुए हैं। नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के इतिहास में चर्चित भू-माफिया मोती गोयल द्वारा किया गया भूमि घोटाला सबसे बड़ा घोटाला माना जाता है। जानकारों का कहना है कि नोएडा के सेक्टर-110 में महर्षि आश्रम की जमीन पर चल रहा भूमि घोटाला मोती गोयल वाले भूमि घोटाले से भी बड़ा है। महर्षि आश्रम की अरबों रूपये मूल्य की जमीन पर अवैध रूप से पूरा शहर बसाया जा रहा है। अवैध रूप से बसाये जा रहे शहर का एक बड़ा हिस्सा बनकर तैयार खड़ा है। महर्षि आश्रम के इस भूमि घोटाले में भू-माफिया, राजनेता, नोएडा प्राधिकरण के छोटे-बड़े अधिकारी तथा अनेक व्यापारी शामिल बताए जाते हैं। हाल ही में भारत सरकार का प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी नोएडा के इस घोटाले की जांच में लगा है। Noida News
महर्षि आश्रम की जमीन से जुड़े घोटाले की जांच ED ने आगे बढ़ाई है। ED की जांच में सामने आया है कि महर्षि आश्रम की ज्यादातर जमीन स्पिारिचुअल रिजनेरेशन मूवमेंट फाउंडेशन ऑफ इंडिया ट्रस्ट के नाम पर है। इसी ट्रस्ट का फर्जी कोषाध्यक्ष बनकर रामचन्द्र मोहन नाम के एक व्यक्ति ने इस पूरे घोटाले की नींव डाली। ED ने रामचन्द्र मोहन तथा उसके सहयोगी आकाश मालवीय को गिरफ्तार कर लिया है। ज्ञात हुआ है कि ED की जांच की दिशा नोएडा प्राधिकरण की तरफ बढ़ रही है। ED के अधिकारी मान रहे हैं कि नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इतना बड़ा भूमि घोटाला नहीं हो सकता। इस कारण ED इस मामले में जल्द ही नोएडा प्राधिकरण का रूख कर सकती है। Noida News
इस बात पर यकीन करना मुश्किल है कि ED जैसी संस्था की जांच के दौरान भी कोई घोटाला जारी रह सकता है। नोएडा के महर्षि आश्रम की जमीन के भूमि घोटाले के मामले में यह कड़वा सच है कि ED की जांच के बावजूद भी यह भूमि घोटाला धड़ल्ले से चल रहा है। महर्षि आश्रम के आसपास रहने वाले नागरिकों ने बताया कि महर्षि आश्रम की जमीन पर 1 दर्जन से अधिक स्थानों पर रात-दिन अवैध प्लाटिंग की जा रही है। इतना ही नहीं महर्षि आश्रम की जमीन को कब्जाकर उस जमीन पर 8 से 10 मंजिल तक के करोड़ों रूपए मूल्य के फ्लैट तथा बिला बना दिए गए हैं। महर्षि आश्रम के पास चल रहे एक स्कूल की जमीन पर कब्जा करके उसके ऊपर मॉल बना डाला गया है। महर्षि आश्रम की जमीन पर अवैध कब्जे करके प्रतिदिन करोड़ों रूपए की जमीन 1 लाख रूपये प्रति वर्ग के हिसाब से बेची जा रही है। Noida News
महर्षि आश्रम की जमीन पर चल रहे भूमि घोटाले में नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों की मिलीभगत के स्पष्ट प्रमाण मौजूद हैं। नोएडा प्राधिकरण की मिलीभगत के बिना नोएडा शहर के बीचोंबीच इतना बड़ा घोटाला संभव ही नहीं है। महर्षि आश्रम की जमीन के घोटाले में शामिल भू-माफियाओं ने नोएडा प्राधिकरण के अनेक अधिकारियों को अपने साथ मिला रखा है। यह भू-माफिया जब तक अवैध रूप से कब्जाई गई जमीन पर निर्माण कार्य पूरा नहीं कर लेते तब तक नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी इस तरफ से आँख बंद कर लेते हैं। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद बोल दिया जाता है कि वहां तो लोग रह रहे हैं अब उस जमीन पर कब्ज कैसे लिया जाए। इस प्रकार वर्षों से महर्षि आश्रम की जमीन राजनेताओं, भू-माफियाओं, बिल्डरों तथा नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के लिए सोने की खान बन गई है। इस घोटाले की जानकारी रखने वालों का दावा है कि महर्षि आश्रम की जमीन का यह घोटाला अरबों रूपए से भी बड़ा घोटाला है। Noida News
विज्ञापन