नोएडा में मानवता की मिसाल बनीं सिस्टर सेलिन, मिला बड़ा सम्मान
नोएडा शहर में जरूरतमंदों, खासकर रिक्शा चालकों के जीवन को सम्मानजनक दिशा देने वाली वरिष्ठ समाजसेविका सिस्टर सेलिन को उनके उल्लेखनीय सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया है।

Noida News : नोएडा शहर में जरूरतमंदों, खासकर रिक्शा चालकों के जीवन को सम्मानजनक दिशा देने वाली वरिष्ठ समाजसेविका सिस्टर सेलिन को उनके उल्लेखनीय सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया है। ऑल इंडिया मलयाली एसोसिएशन की उत्तर प्रदेश इकाई ने नोएडा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्हें एआईएमए सोशल सर्विस अवार्ड से नवाजा। नोएडा के सेक्टर-62 स्थित कल्याण सिंह ऑडिटोरियम, एनआईओएस में आयोजित समारोह में सिस्टर सेलिन को प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश कुमार नायर ने प्रदान किया। कार्यक्रम में सिस्टर सेलिन की दशकों से चली आ रही निस्वार्थ सेवा, सामाजिक प्रतिबद्धता और जरूरतमंदों के प्रति समर्पण की विशेष सराहना की गई।
नोएडा से शुरू हुआ सम्मानजनक जीवन का अभियान
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि नोएडा में सिस्टर सेलिन ने सिर्फ सहायता का काम नहीं किया, बल्कि अनेक जरूरतमंद परिवारों को आत्मनिर्भर बनने का रास्ता भी दिखाया। उन्होंने अब तक करीब 465 लोगों को रिक्शा उपलब्ध कराकर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर दिया। बताया गया कि सिस्टर सेलिन ने नोएडा और आसपास के जरूरतमंद लोगों के बीच काम करते हुए यह समझा कि आर्थिक मदद से ज्यादा जरूरी है किसी व्यक्ति को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का साधन देना। इसी सोच के साथ उन्होंने रिक्शा वितरण का अभियान शुरू किया, जिसने सैकड़ों परिवारों की जिंदगी बदल दी।
जरूरतमंदों के लिए हर मोर्चे पर सक्रिय रहीं सिस्टर सेलिन
एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश कुमार नायर ने कहा कि सिस्टर सेलिन का जीवन समाजसेवा को समर्पित रहा है। उन्होंने बिना किसी भेदभाव के जरूरतमंदों की मदद की और हमेशा ऐसे लोगों तक पहुंचीं, जिन्हें वास्तव में सहारे की जरूरत थी। उन्होंने बताया कि नोएडा में रिक्शा चालकों की मदद के अलावा सिस्टर सेलिन ने दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद उन कैदियों की भी सहायता की, जिनकी जमानत तो हो चुकी थी, लेकिन जुर्माना जमा नहीं कर पाने के कारण वे जेल से बाहर नहीं आ पा रहे थे। इसके साथ ही कोरोना काल में भी उन्होंने जरूरतमंदों तक भोजन और जरूरी सामग्री पहुंचाने का काम किया। सिस्टर सेलिन लगातार नेत्रदान जागरूकता से जुड़े प्रयासों में भी सक्रिय रही हैं। उनका मानना है कि समाज में सेवा की भावना तभी सार्थक है, जब उससे किसी जरूरतमंद के जीवन में वास्तविक बदलाव आए।
जरूरतमंदों की सेवा को जीवन का उद्देश्य मानती हैं सिस्टर सेलिन
सम्मान ग्रहण करने के बाद सिस्टर सेलिन ने कहा कि उनके जीवन का उद्देश्य शुरू से ही जरूरतमंदों की सेवा करना रहा है। उन्होंने बताया कि करीब एक दशक पहले जब उन्होंने रिक्शा चालकों की कठिनाइयों को करीब से देखा, तब उन्होंने उनकी मदद के लिए पहल की। उन्होंने कहा कि शुरुआत केवल एक व्यक्ति को रिक्शा देने से हुई थी, लेकिन धीरे-धीरे यह प्रयास एक बड़े मिशन में बदल गया। आज यह पहल सैकड़ों जरूरतमंदों को आत्मनिर्भर बनाने का माध्यम बन चुकी है। सिस्टर सेलिन ने कहा कि वह सिर्फ रिक्शा उपलब्ध नहीं कराती थीं, बल्कि लोगों को बुरी आदतों से दूर रहने, परिवार की जिम्मेदारी निभाने और मेहनत से सम्मानजनक जीवन जीने के लिए भी प्रेरित करती थीं। उन्होंने कहा कि जब तक उनमें सांस है, तब तक वह जरूरतमंदों की मदद के लिए काम करती रहेंगी।
नोएडा में जरूरतमंदों के बीच भरोसे का नाम बनीं सिस्टर सेलिन
मूल रूप से केरल के इरिंजलाकुडा की रहने वाली सिस्टर सेलिन का नोएडा से गहरा जुड़ाव रहा है। वह नोएडा में स्थापित एसीसी कॉन्वेंट स्कूल की सीनियर और जूनियर विंग की प्रधानाचार्य रह चुकी हैं। शिक्षा क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए भी उन्होंने सामाजिक सरोकारों को कभी पीछे नहीं छोड़ा। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने खुद को पूरी तरह समाजसेवा के लिए समर्पित कर दिया। नोएडा में जरूरतमंदों के बीच उनके काम ने उन्हें एक संवेदनशील और प्रेरक समाजसेविका के रूप में पहचान दिलाई है। उनके निस्वार्थ योगदान के लिए इससे पहले भी कई संस्थाएं उन्हें सम्मानित कर चुकी हैं। Noida News
Noida News : नोएडा शहर में जरूरतमंदों, खासकर रिक्शा चालकों के जीवन को सम्मानजनक दिशा देने वाली वरिष्ठ समाजसेविका सिस्टर सेलिन को उनके उल्लेखनीय सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया है। ऑल इंडिया मलयाली एसोसिएशन की उत्तर प्रदेश इकाई ने नोएडा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्हें एआईएमए सोशल सर्विस अवार्ड से नवाजा। नोएडा के सेक्टर-62 स्थित कल्याण सिंह ऑडिटोरियम, एनआईओएस में आयोजित समारोह में सिस्टर सेलिन को प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश कुमार नायर ने प्रदान किया। कार्यक्रम में सिस्टर सेलिन की दशकों से चली आ रही निस्वार्थ सेवा, सामाजिक प्रतिबद्धता और जरूरतमंदों के प्रति समर्पण की विशेष सराहना की गई।
नोएडा से शुरू हुआ सम्मानजनक जीवन का अभियान
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि नोएडा में सिस्टर सेलिन ने सिर्फ सहायता का काम नहीं किया, बल्कि अनेक जरूरतमंद परिवारों को आत्मनिर्भर बनने का रास्ता भी दिखाया। उन्होंने अब तक करीब 465 लोगों को रिक्शा उपलब्ध कराकर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर दिया। बताया गया कि सिस्टर सेलिन ने नोएडा और आसपास के जरूरतमंद लोगों के बीच काम करते हुए यह समझा कि आर्थिक मदद से ज्यादा जरूरी है किसी व्यक्ति को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का साधन देना। इसी सोच के साथ उन्होंने रिक्शा वितरण का अभियान शुरू किया, जिसने सैकड़ों परिवारों की जिंदगी बदल दी।
जरूरतमंदों के लिए हर मोर्चे पर सक्रिय रहीं सिस्टर सेलिन
एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश कुमार नायर ने कहा कि सिस्टर सेलिन का जीवन समाजसेवा को समर्पित रहा है। उन्होंने बिना किसी भेदभाव के जरूरतमंदों की मदद की और हमेशा ऐसे लोगों तक पहुंचीं, जिन्हें वास्तव में सहारे की जरूरत थी। उन्होंने बताया कि नोएडा में रिक्शा चालकों की मदद के अलावा सिस्टर सेलिन ने दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद उन कैदियों की भी सहायता की, जिनकी जमानत तो हो चुकी थी, लेकिन जुर्माना जमा नहीं कर पाने के कारण वे जेल से बाहर नहीं आ पा रहे थे। इसके साथ ही कोरोना काल में भी उन्होंने जरूरतमंदों तक भोजन और जरूरी सामग्री पहुंचाने का काम किया। सिस्टर सेलिन लगातार नेत्रदान जागरूकता से जुड़े प्रयासों में भी सक्रिय रही हैं। उनका मानना है कि समाज में सेवा की भावना तभी सार्थक है, जब उससे किसी जरूरतमंद के जीवन में वास्तविक बदलाव आए।
जरूरतमंदों की सेवा को जीवन का उद्देश्य मानती हैं सिस्टर सेलिन
सम्मान ग्रहण करने के बाद सिस्टर सेलिन ने कहा कि उनके जीवन का उद्देश्य शुरू से ही जरूरतमंदों की सेवा करना रहा है। उन्होंने बताया कि करीब एक दशक पहले जब उन्होंने रिक्शा चालकों की कठिनाइयों को करीब से देखा, तब उन्होंने उनकी मदद के लिए पहल की। उन्होंने कहा कि शुरुआत केवल एक व्यक्ति को रिक्शा देने से हुई थी, लेकिन धीरे-धीरे यह प्रयास एक बड़े मिशन में बदल गया। आज यह पहल सैकड़ों जरूरतमंदों को आत्मनिर्भर बनाने का माध्यम बन चुकी है। सिस्टर सेलिन ने कहा कि वह सिर्फ रिक्शा उपलब्ध नहीं कराती थीं, बल्कि लोगों को बुरी आदतों से दूर रहने, परिवार की जिम्मेदारी निभाने और मेहनत से सम्मानजनक जीवन जीने के लिए भी प्रेरित करती थीं। उन्होंने कहा कि जब तक उनमें सांस है, तब तक वह जरूरतमंदों की मदद के लिए काम करती रहेंगी।
नोएडा में जरूरतमंदों के बीच भरोसे का नाम बनीं सिस्टर सेलिन
मूल रूप से केरल के इरिंजलाकुडा की रहने वाली सिस्टर सेलिन का नोएडा से गहरा जुड़ाव रहा है। वह नोएडा में स्थापित एसीसी कॉन्वेंट स्कूल की सीनियर और जूनियर विंग की प्रधानाचार्य रह चुकी हैं। शिक्षा क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए भी उन्होंने सामाजिक सरोकारों को कभी पीछे नहीं छोड़ा। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने खुद को पूरी तरह समाजसेवा के लिए समर्पित कर दिया। नोएडा में जरूरतमंदों के बीच उनके काम ने उन्हें एक संवेदनशील और प्रेरक समाजसेविका के रूप में पहचान दिलाई है। उनके निस्वार्थ योगदान के लिए इससे पहले भी कई संस्थाएं उन्हें सम्मानित कर चुकी हैं। Noida News












