अधिकारियों के मुताबिक 11.56 किमी लंबे इस कॉरिडोर को पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड से स्वीकृति मिल चुकी है और इसे अंतिम अनुमोदन के लिए MoHUA को भेजा गया है। मंत्रालय से मंजूरी मिलते ही नोएडा के प्रमुख ऑफिस कॉरिडोर को जोड़ने वाली यह परियोजना तेजी से धरातल पर आने की संभावना है।

Noida News : नोएडा में मेट्रो नेटवर्क को और मजबूत करने की दिशा में बड़ी पहल सामने आई है। बोटेनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक प्रस्तावित नई मेट्रो लाइन का प्रस्ताव अब अंतिम मंजूरी की ओर बढ़ रहा है। अधिकारियों के मुताबिक 11.56 किमी लंबे इस कॉरिडोर को पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड से स्वीकृति मिल चुकी है और इसे अंतिम अनुमोदन के लिए MoHUA को भेजा गया है। मंत्रालय से मंजूरी मिलते ही नोएडा के प्रमुख ऑफिस कॉरिडोर को जोड़ने वाली यह परियोजना तेजी से धरातल पर आने की संभावना है।
नोएडा के प्रस्तावित नए मेट्रो कॉरिडोर पर करीब 2245 करोड़ रुपये की लागत अनुमानित है। यह पूरा रूट एलिवेटेड होगा, जिससे नोएडा की व्यस्त सड़कों पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। परियोजना में एडवांस्ड सिग्नलिंग, डिजिटल कंट्रोल और ऑटोमेटेड ड्राइविंग जैसी आधुनिक तकनीकों को शामिल करने की तैयारी है, ताकि नोएडा मेट्रो की स्पीड के साथ सुरक्षा मानक भी और मजबूत हो सकें।
नोएडा में प्रस्तावित नई मेट्रो लाइन की कमान Noida Metro Rail Corporation (NMRC) के हाथ में रहेगी। NMRC अभी नोएडा–ग्रेटर नोएडा की एक्वा लाइन संचालित कर रही है, इसलिए इस नए कॉरिडोर को लेकर एजेंसी पूरी तरह तैयार मानी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, केंद्र से अंतिम स्वीकृति मिलते ही नोएडा में टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। समय पर मंजूरी की स्थिति में 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है, जबकि परियोजना को पूरा करने में 3 से 4 साल लग सकते हैं।
नोएडा में प्रस्तावित इस कॉरिडोर पर कई प्रमुख स्टेशन सुझाए गए हैं, जिनमें शामिल हैं—
सेक्टर-142 को खास तौर पर रणनीतिक माना जा रहा है, क्योंकि Noida के इस हिस्से में बड़ी संख्या में आईटी कंपनियां, कॉरपोरेट ऑफिस और वर्कफोर्स मौजूद है। यही वजह है कि इस लाइन को “ऑफिस ट्रैफिक कॉरिडोर” के तौर पर देखा जा रहा है।
नोएडा में नई मेट्रो लाइन की योजना आगे बढ़ रही है, लेकिन इसके साथ ही आर्थिक व्यवहार्यता का बड़ा सवाल भी केंद्र में आ गया है। NMRC की Aqua Line के घाटे में चलने की चर्चा लंबे समय से होती रही है, इसी वजह से PIB की बैठक में भी यह मुद्दा उठा कि Noida के इस नए कॉरिडोर पर यात्री संख्या कितनी होगी और क्या यह लाइन वाकई कमाई के लिहाज से टिकाऊ साबित होगी। हालांकि, NMRC और Noida अथॉरिटी का कहना है कि यह रूट मुख्यतः कॉरपोरेट और ऑफिस कम्यूट पर आधारित रहेगा। अनुमान है कि रोजाना 1 से 1.25 लाख यात्री Noida Metro की इस नई लाइन से सफर कर सकते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि यह नया मेट्रो कॉरिडोर शुरू होते ही नोएडा की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करने में मदद करेगा और शहर की कॉरपोरेट बेल्ट तक सफर पहले से ज्यादा तेज व भरोसेमंद हो जाएगा। नोएडा मेट्रो के इस विस्तार से आसपास के सेक्टरों में रियल एस्टेट, निवेश और कमर्शियल गतिविधियों को भी नया बूस्ट मिलने की उम्मीद है। साथ ही, निर्माण और बाद के ऑपरेशन चरण में रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। नोएडा अथॉरिटी का दावा है कि यह प्रोजेक्ट लंबे समय में शहर के शहरी विकास को नई रफ्तार देगा और ऑफिस जाने वाले लाखों प्रोफेशनल्स की रोजमर्रा की आवाजाही को आसान बनाएगा। Noida News