Noida Metro News: नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) की ओर से जारी एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) के बाद कई कंपनियों ने इस परियोजना में रुचि दिखाई है। अगर किसी एजेंसी का चयन होता है तो उसे स्टेशन के साथ अपना ब्रांड नाम जोड़ने का मौका मिलेगा।

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मेट्रो कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नोएडा सेक्टर-142 से बॉटेनिकल गार्डन और ग्रेटर नोएडा डिपो से बोड़ाकी तक प्रस्तावित मेट्रो विस्तार योजना को आगे बढ़ाने के लिए 13 एजेंसियां सामने आई हैं। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) की ओर से जारी एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) के बाद कई कंपनियों ने इस परियोजना में रुचि दिखाई है। अगर किसी एजेंसी का चयन होता है तो उसे स्टेशन के साथ अपना ब्रांड नाम जोड़ने का मौका मिलेगा। इसके अलावा स्टेशन परिसर में व्यावसायिक गतिविधियों के जरिए कमाई का अवसर भी दिया जाएगा। यह मॉडल यूपी और दिल्ली-एनसीआर में पहली बार लागू किया जा सकता है।
हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, एनएमआरसी ने इस योजना को पहली बार शुरू किया है। अब तक मेट्रो स्टेशनों के निर्माण के बाद ही किसी कंपनी या संस्था को नाम जोड़ने की अनुमति दी जाती थी लेकिन इस बार निर्माण से पहले ही एजेंसियों को शामिल करने की योजना बनाई गई है। अब सामने आई एजेंसियों के साथ बैठक की जाएगी और उनसे योजना को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने के लिए सुझाव लिए जाएंगे। जिन स्टेशनों के लिए इस चरण में एजेंसी का चयन नहीं हो पाएगा उनके लिए दोबारा आवेदन मांगे जा सकते हैं।
प्रस्तावित मेट्रो रूट की लंबाई करीब 11.56 किलोमीटर होगी। यह रूट नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे से होकर गुजरेगा और एक्वा लाइन के सेक्टर-142 स्टेशन को बॉटेनिकल गार्डन स्टेशन से जोड़ेगा। इस रूट पर कई महत्वपूर्ण स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें शामिल हैं-
बॉटेनिकल गार्डन स्टेशन पर यात्रियों को ब्लू लाइन और मजेंटा लाइन से कनेक्टिविटी मिलेगी जिससे दिल्ली और नोएडा के बीच सफर आसान होगा।
एनएमआरसी एक्वा लाइन को ग्रेटर नोएडा डिपो से आगे बोड़ाकी तक बढ़ाने की योजना पर भी काम कर रहा है। इस विस्तार की लंबाई करीब 2.6 किलोमीटर होगी। इस रूट पर दो नए मेट्रो स्टेशन बनाए जाने हैं जुनपत गांव और बोड़ाकी। भविष्य में बोड़ाकी में मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब विकसित किया जाना प्रस्तावित है। इससे मेट्रो, रेल और अन्य परिवहन सेवाओं को जोड़ने में मदद मिलेगी।
एनएमआरसी ने इस योजना के जरिए मल्टीनेशनल कंपनियों, आईटी कंपनियों, शैक्षणिक संस्थानों और बिल्डरों को जोड़ने की कोशिश की है। चयनित एजेंसी को स्टेशन पर ब्रांडिंग का अधिकार मिल सकता है। इसके साथ ही स्टेशन परिसर में कमर्शियल गतिविधियों के जरिए राजस्व जुटाने का अवसर भी मिलेगा। नोएडा और जेवर एयरपोर्ट के बीच कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए प्रस्तावित नमो भारत गाजियाबाद-जेवर कॉरिडोर पर भी काम आगे बढ़ रहा है। यह कॉरिडोर करीब 72.44 किलोमीटर लंबा होगा, जो गाजियाबाद से शुरू होकर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र से होते हुए जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक जाएगा। इस परियोजना में कुल 12 स्टेशन और दो डिपो प्रस्तावित हैं। इसकी अनुमानित लागत करीब 20,640 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
नमो भारत कॉरिडोर को अधिकतम 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए डिजाइन किया जाएगा। इसके शुरू होने के बाद गाजियाबाद, नोएडा और जेवर एयरपोर्ट के बीच यात्रा का समय घटकर करीब 40 से 50 मिनट तक रह सकता है। इस कॉरिडोर से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और आसपास के तेजी से विकसित हो रहे इलाकों को सीधा फायदा मिलेगा। इससे रोजगार, व्यापार और यातायात व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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