नोएडा में औद्योगिक विकास को बड़ी राहत, 100 इंडस्ट्रियल प्लॉटों पर शुरू होगा निर्माण
जमीन अधिग्रहण के मुआवजे और अलॉटमेंट से जुड़े विवादों के चलते इन प्लॉटों पर किसी तरह की औद्योगिक गतिविधि शुरू नहीं हो पा रही थी। इसका सीधा असर रोजगार और निवेश दोनों पर पड़ रहा था।

Noida News : नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र के लिए यह साल एक बड़ी सौगात लेकर आया है। लंबे समय से कानूनी विवादों में उलझे करीब 100 इंडस्ट्रियल प्लॉट अब पूरी तरह से कोर्ट केस से मुक्त हो चुके हैं। इन प्लॉटों पर वर्षों से निर्माण कार्य रुका हुआ था, लेकिन अब सभी कानूनी अड़चनें दूर होने के बाद जल्द ही फैक्ट्रियों और औद्योगिक इकाइयों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। जमीन अधिग्रहण के मुआवजे और अलॉटमेंट से जुड़े विवादों के चलते इन प्लॉटों पर किसी तरह की औद्योगिक गतिविधि शुरू नहीं हो पा रही थी। इसका सीधा असर रोजगार और निवेश दोनों पर पड़ रहा था। कई उद्योगपति चाहकर भी अपनी यूनिट स्थापित नहीं कर पा रहे थे, जिससे नोएडा के औद्योगिक इलाकों में बड़ी संख्या में प्लॉट खाली पड़े हुए थे।
प्राधिकरण की सक्रियता से सुलझे मामले
नोएडा प्राधिकरण ने बीते कुछ महीनों में इन लंबित मामलों को प्राथमिकता पर लेते हुए तेजी से कार्रवाई की। शासन स्तर पर तालमेल बनाकर अदालतों में चल रहे मामलों का निपटारा कराया गया। इसके परिणामस्वरूप अब करीब 100 इंडस्ट्रियल प्लॉट पूरी तरह विवाद-मुक्त घोषित कर दिए गए हैं। प्राधिकरण का कहना है कि अब इन प्लॉटों पर औद्योगिक इकाइयों के निर्माण में कोई कानूनी बाधा नहीं रहेगी। इन इंडस्ट्रियल प्लॉटों पर फैक्ट्रियां और यूनिट्स शुरू होने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। अनुमान है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने पर हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। खासकर एमएसएमई सेक्टर को इससे बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे छोटे और मध्यम उद्योगों को मजबूती मिलेगी।
अलॉटियों को जल्द भेजे जाएंगे नोटिस
प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार, विवाद समाप्त होने के बाद संबंधित अलॉटियों को नोटिस जारी किए जाएंगे। उन्हें तय समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए जाएंगे। यदि कोई अलॉटी निर्धारित समय में निर्माण कार्य शुरू नहीं करता है, तो उसके खिलाफ नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
औद्योगिक गतिविधियों को मिलेगी नई गति
वर्तमान में नोएडा में तीन हजार से अधिक इंडस्ट्रियल प्लॉट आवंटित हैं, लेकिन कानूनी अड़चनों और निर्माण में देरी के कारण कई क्षेत्रों में विकास की रफ्तार धीमी रही है। इन 100 प्लॉटों के विवाद समाप्त होने से औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। प्राधिकरण का लक्ष्य है कि शेष लंबित मामलों को भी जल्द सुलझाकर औद्योगिक भूमि का पूर्ण और प्रभावी उपयोग किया जाए, ताकि नोएडा को एक मजबूत औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सके।
Noida News : नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र के लिए यह साल एक बड़ी सौगात लेकर आया है। लंबे समय से कानूनी विवादों में उलझे करीब 100 इंडस्ट्रियल प्लॉट अब पूरी तरह से कोर्ट केस से मुक्त हो चुके हैं। इन प्लॉटों पर वर्षों से निर्माण कार्य रुका हुआ था, लेकिन अब सभी कानूनी अड़चनें दूर होने के बाद जल्द ही फैक्ट्रियों और औद्योगिक इकाइयों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। जमीन अधिग्रहण के मुआवजे और अलॉटमेंट से जुड़े विवादों के चलते इन प्लॉटों पर किसी तरह की औद्योगिक गतिविधि शुरू नहीं हो पा रही थी। इसका सीधा असर रोजगार और निवेश दोनों पर पड़ रहा था। कई उद्योगपति चाहकर भी अपनी यूनिट स्थापित नहीं कर पा रहे थे, जिससे नोएडा के औद्योगिक इलाकों में बड़ी संख्या में प्लॉट खाली पड़े हुए थे।
प्राधिकरण की सक्रियता से सुलझे मामले
नोएडा प्राधिकरण ने बीते कुछ महीनों में इन लंबित मामलों को प्राथमिकता पर लेते हुए तेजी से कार्रवाई की। शासन स्तर पर तालमेल बनाकर अदालतों में चल रहे मामलों का निपटारा कराया गया। इसके परिणामस्वरूप अब करीब 100 इंडस्ट्रियल प्लॉट पूरी तरह विवाद-मुक्त घोषित कर दिए गए हैं। प्राधिकरण का कहना है कि अब इन प्लॉटों पर औद्योगिक इकाइयों के निर्माण में कोई कानूनी बाधा नहीं रहेगी। इन इंडस्ट्रियल प्लॉटों पर फैक्ट्रियां और यूनिट्स शुरू होने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। अनुमान है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने पर हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। खासकर एमएसएमई सेक्टर को इससे बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे छोटे और मध्यम उद्योगों को मजबूती मिलेगी।
अलॉटियों को जल्द भेजे जाएंगे नोटिस
प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार, विवाद समाप्त होने के बाद संबंधित अलॉटियों को नोटिस जारी किए जाएंगे। उन्हें तय समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए जाएंगे। यदि कोई अलॉटी निर्धारित समय में निर्माण कार्य शुरू नहीं करता है, तो उसके खिलाफ नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
औद्योगिक गतिविधियों को मिलेगी नई गति
वर्तमान में नोएडा में तीन हजार से अधिक इंडस्ट्रियल प्लॉट आवंटित हैं, लेकिन कानूनी अड़चनों और निर्माण में देरी के कारण कई क्षेत्रों में विकास की रफ्तार धीमी रही है। इन 100 प्लॉटों के विवाद समाप्त होने से औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। प्राधिकरण का लक्ष्य है कि शेष लंबित मामलों को भी जल्द सुलझाकर औद्योगिक भूमि का पूर्ण और प्रभावी उपयोग किया जाए, ताकि नोएडा को एक मजबूत औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सके।












