
Noida News (चेतना मंच)। नोएडा प्राधिकरण द्वारा सेक्टर-12 में 100 फुट ऊंचे मोबाइल टावर लगाने के तुगलकी फरमान के खिलाफ आज जनसैलाब का आक्रोश फूट पड़ा। सैकड़ों लोगों ने आज मोबाइल टावर के आसपास लगाई गई लोहे की जाली तोडक़र फेंक दी तथा बिजली का कनेक्शन काट दिया। खबर लिखे जाने तक मौके पर लोगों का हंगामा चल रहा था।
आज फिर लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। सेक्टर के सैकड़ों लोगों के अलावा भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा तथा बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर एकत्रित हो गए तथा उन्होंने मोबाइल टावर के आस-पास लगी लोहे की ग्रिल तोडक़र फेंक दी तथा बिजली का कनेक्शन काट दिया।
आपको बता दें कि नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी रितु माहेश्वरी ने सेक्टर-12 के डी तथा एन ब्लॉक में रिहायशी मकानों के बीच में स्थित पार्क में मोबाइल टावर बनाने का आदेश जारी किया था। जबकि मोबाइल टॉवर के आसपास दो बड़े स्कूल तथा मंदिर भी स्थित हैं। वहीं पार्क से सटे सैकड़ों मकानों में हजारों लोग रह रहे हैं। लेकिन नोएडा प्राधिकरण ने लोगों की जान की परवाह किए बिना मोबाइल टावर बनाने का तुगलकी फरमान जारी कर दिया था। इसके खिलाफ आसपास के सैकड़ों लोगों में शुरू से ही आक्रोश व्याप्त था।
लोगों ने बीच में कई बार धरना प्रदर्शन करके काम रोकने का भी प्रयास किया। लेकिन प्राधिकरण अधिकारियों के निर्देश के तहत ठेकेदार पुलिस की सांठगांठ तथा सहयोग से लोगों को धमका कर लगातार काम करवाता रहा तथा प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ पुलिस ने नोटिस जारी कर दिए थे।बताते चलें कि चंद पैसों की चाहत में नोएडा प्राधिकरण यहां के लोगों की जिंदगी भी दांव पर लगाने में नहीं चूक रहा है। ऐसा ही एक मामला नोएडा के सबसे पुराने तथा सबसे बड़े सेक्टर-12 में प्रकाश में आया है। यहां पर प्राधिकरण ने डी ब्लॉक पार्क में 100 मीटर ऊंचे मोबाइल टॉवर को मंजूरी दे दी। नतीजा यहां 100 फुट ऊंचा टॉवर भी खड़ा कर दिया गया। जब लोगों ने इसका विरोध किया तो टॉवर लगाने वाली कंपनी के अधिकारी व कर्मचारी ने यह कहकर लोगों को गुमराह करते रहे कि यहां इस टॉवर में हाईमास्ट लाइट लगेगी। जिसके कारण लोग शांत हो गए। बाद में जब पता चला कि यह मोबाइल टॉवर है तो सेक्टर के लोगों ने व्यापक विरोध शुरू कर दिया।
पार्क के सामने रहने वाली श्रीमती प्रमिला राणा ने बताया कि मोबाइल टॉवर से निकलने वाली रेडियेशन का दुष्प्रभाव यहां रहने वाले हर सेक्टरवासी पर पड़ेगा। जिससे गंभीर बीमारी की हमेशा आशंका बनी रहेगी। ऐसे टॉवर किसी ग्रीन बेल्ट व आवासीय सेक्टर से दूर बनाने चाहिए। उन्होंने कहा कि टॉवर के 10 मीटर की परिधि में सरस्वती शिशु मंदिर तथा मॉडर्न स्कूल है। पास में प्राचीन कलरिया बाबा मंदिर है। टॉवर से 3 मीटर दूर सैकड़ों आवासीय मकान हैं। ऐसे में टॉवर लगाना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है।