क्या नोएडा के सबसे व्यस्त रूट में जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा ? क्या एमपी-1 रोड पर बनने वाला एलिवेटेड रोड दिल्ली, DND और NH-9 की ओर जाने वाले लाखों लोगों के सफर को आसान कर देगा ?

Noida News : नोएडा और दिल्ली के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर है। नोएडा में एमपी-1 रोड पर प्रस्तावित एलिवेटेड रोड की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की इस परियोजना की डीपीआर तैयार कर रहा है, जिसे 10 अक्टूबर 2026 तक नोएडा प्राधिकरण को सौंपने का लक्ष्य है। करीब 700 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के पूरा होने पर दिल्ली से डीएनडी होते हुए एनएच-9 और नोएडा के औद्योगिक एवं आवासीय सेक्टरों तक आवागमन आसान होने की उम्मीद है। Noida News
नोएडा में बढ़ते यातायात के दबाव को देखते हुए एमपी-1 रोड पर एलिवेटेड रोड बनाने की योजना पर काम चल रहा है। परियोजना की तकनीकी व्यवहार्यता, मार्ग की संरचना और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं को ध्यान में रखकर आईआईटी रुड़की डीपीआर तैयार कर रहा है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, 10 अक्टूबर तक डीपीआर नोएडा प्राधिकरण को सौंप दी जाएगी। इसके बाद प्राधिकरण की मंजूरी और जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने पर निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा। निर्माण शुरू होने के बाद परियोजना को लगभग दो वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, निर्माण शुरू होने की वास्तविक तारीख और परियोजना की अंतिम लागत डीपीआर की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगी। Noida News
प्रस्तावित एलिवेटेड रोड का विस्तार नोएडा के प्रमुख यातायात मार्गों को जोड़ने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इसकी लंबाई और कनेक्टिविटी में विस्तार का प्रस्ताव है। एलिवेटेड रोड सेक्टर-3 से शुरू होकर सेक्टर-10, सेक्टर-12, सेक्टर-22 के टी-प्वाइंट और सेक्टर-57 की ओर से सेक्टर-60 तक पहुंचेगी। यहां इसे एमपी-2 रोड से जोड़ने की योजना है। इस कनेक्टिविटी से शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच आवागमन के लिए एक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हो सकेगा। परियोजना की प्रस्तावित लंबाई लगभग 5.43 किलोमीटर बताई जा रही है। हालांकि, इसकी अंतिम लंबाई और डिजाइन की पुष्टि स्वीकृत डीपीआर से होगी। Noida News
इस परियोजना में सेक्टर-12 और सेक्टर-22 का टी-प्वाइंट तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यहां एलिवेटेड रोड को आगे की दिशा में जोड़ने के लिए मोड़ और कनेक्टिविटी का विशेष ध्यान रखना होगा। प्रस्तावित मार्ग में यदि इस स्थान पर सीधे 90 डिग्री का मोड़ दिया जाता है, तो वाहनों की आवाजाही और सड़क की डिजाइन से जुड़ी तकनीकी चुनौतियां पैदा हो सकती हैं। इसी वजह से आईआईटी रुड़की की डीपीआर में इस हिस्से की संरचना और उचित कनेक्टिविटी का विशेष अध्ययन किया जा रहा है। अंतिम डिजाइन तय होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि इस टी-प्वाइंट पर एलिवेटेड रोड को किस तरह आगे बढ़ाया जाएगा। Noida News
प्रस्तावित एमपी-1 एलिवेटेड रोड छह लेन की होगी। परियोजना पर करीब 700 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। हालांकि, यह शुरुआती अनुमान है। वास्तविक लागत का निर्धारण डीपीआर, तकनीकी परीक्षण और प्राधिकरण की मंजूरी के बाद किया जाएगा। परियोजना का उद्देश्य केवल सड़क की क्षमता बढ़ाना नहीं, बल्कि नोएडा के प्रमुख मार्गों पर यातायात के दबाव को कम करना भी है। एलिवेटेड रोड के जरिए वाहनों को सिग्नल और भीड़भाड़ वाले हिस्सों से बचाकर आगे बढ़ने का विकल्प मिल सकेगा। Noida News
नोएडा में सुबह और शाम के पीक आवर के दौरान एमपी-1 रोड पर वाहनों का भारी दबाव रहता है। रजनीगंधा चौराहे से लेकर सेक्टर-12, सेक्टर-22 और सेक्टर-56 के तिराहे तक कई बार वाहन धीमी गति से चलते हैं। शाम के समय स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो जाती है। इस मार्ग का इस्तेमाल नोएडा के औद्योगिक सेक्टरों में काम करने वाले कर्मचारी, विभिन्न आवासीय सेक्टरों के निवासी और दिल्ली तथा गाजियाबाद की ओर आने-जाने वाले लोग करते हैं। खास तौर पर खोड़ा, इंदिरापुरम और गाजियाबाद से नोएडा आने वाले वाहनों के साथ दिल्ली की ओर जाने वाले ट्रैफिक का दबाव भी इस क्षेत्र में दिखाई देता है। ऐसे में एलिवेटेड रोड का निर्माण यातायात प्रबंधन के लिहाज से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। Noida News
परियोजना पूरी होने के बाद डीएनडी से नोएडा के सेक्टर-62 तक पहुंचने में लगने वाला समय कम होने की उम्मीद है। प्रस्तावित योजना के अनुसार, अनुकूल यातायात परिस्थितियों में यह दूरी लगभग 10 मिनट में तय करने का लक्ष्य है। हालांकि, वास्तविक यात्रा समय एलिवेटेड रोड के प्रवेश और निकास बिंदुओं, ट्रैफिक की स्थिति तथा आसपास की सड़कों पर वाहनों के दबाव पर निर्भर करेगा। Noida News
एमपी-1 एलिवेटेड रोड का असर नोएडा के कई औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों की कनेक्टिविटी पर पड़ सकता है। बेहतर सड़क संपर्क से कर्मचारियों, कारोबारियों, स्थानीय निवासियों और दिल्ली-गाजियाबाद के बीच रोजाना सफर करने वालों को सुविधा मिलने की संभावना है। अब इस परियोजना की दिशा आईआईटी रुड़की की डीपीआर और नोएडा प्राधिकरण की मंजूरी पर निर्भर करेगी। डीपीआर सौंपे जाने, अंतिम बजट तय होने और निर्माण एजेंसी के चयन के बाद ही परियोजना की समयसीमा अधिक स्पष्ट हो सकेगी। Noida News
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