नोएडा के सेक्टर-48 स्थित श्री श्री रविशंकर आश्रम में तीन दिवसीय नवरात्र महोत्सव का समापन श्री चंडी होम, कन्या पूजन, शक्ति नाद, भरतनाट्यम और गरबा के साथ हुआ।

Noida News : नोएडा के सेक्टर-48 स्थित श्री श्री रविशंकर आश्रम में आयोजित तीन दिवसीय नवरात्र महोत्सव का समापन रविवार, 18 अक्टूबर को श्री चंडी होम एवं कन्या पूजन के साथ हुआ। वैदिक धर्म संस्थान की ओर से आयोजित इस महोत्सव में वैदिक परंपराओं, आध्यात्मिक साधना और भारतीय संस्कृति की मनोहारी झलक देखने को मिली। पूरे आयोजन में भक्ति, शांति और सकारात्मकता का वातावरण बना रहा। महोत्सव के दौरान विभिन्न वैदिक अनुष्ठानों, पूजा-पाठ, सत्संग और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से नवरात्र के आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित किया गया। आयोजन में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और भारतीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। Noida News :
तीन दिवसीय नवरात्र महोत्सव की शुरुआत महागणपति होम के साथ हुई। इसके बाद नवग्रह होम, वास्तु शांति होम और श्री सुदर्शन होम का आयोजन किया गया। 17 अक्टूबर को महारुद्र पूजा एवं होम संपन्न हुए। बेंगलुरु से आए वैदिक पंडितों ने स्वामी शिवपाद जी की उपस्थिति में विधि-विधान के साथ वैदिक अनुष्ठान संपन्न कराए। महोत्सव के अंतिम दिन श्री चंडी होम और कन्या पूजन के साथ धार्मिक आयोजनों का समापन हुआ। इन अनुष्ठानों के माध्यम से शक्ति उपासना, आध्यात्मिक चेतना और भारतीय सनातन परंपराओं के महत्व को प्रदर्शित किया गया।
यह भी पढ़ें : नोएडा में घर से निकलने से पहले देख लें नोएडा पुलिस की यह एडवाइजरी
गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा ने भी नवरात्र महोत्सव में भाग लिया। उन्होंने पूज्य गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की और उनके मार्गदर्शन से जीवन में आए सकारात्मक बदलावों का उल्लेख किया। कार्यक्रम में आध्यात्मिक साधना, मानवीय मूल्यों और सकारात्मक जीवनशैली के महत्व पर भी चर्चा हुई। आयोजन ने श्रद्धालुओं को धार्मिक आस्था के साथ-साथ आत्मचिंतन और जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा दी।
स्वामी शिवपाद जी ने नवरात्र के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व ध्यान, प्रार्थना और आत्मचिंतन के माध्यम से आंतरिक शांति प्राप्त करने का अवसर प्रदान करता है। नवरात्र केवल धार्मिक अनुष्ठानों का पर्व नहीं, बल्कि स्वयं के भीतर सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक चेतना विकसित करने का भी अवसर है। उन्होंने आध्यात्मिक साधना और प्रार्थना को जीवन में संतुलन, शांति और सद्भाव बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
महोत्सव के समापन दिवस पर श्री चंडी होम और कन्या पूजन के साथ 'शक्ति नाद' कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस सांस्कृतिक आयोजन में भरतनाट्यम सहित विभिन्न पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए गए। इन प्रस्तुतियों ने भारतीय कला और सांस्कृतिक विरासत की सुंदरता को सामने रखा। इसके साथ ही सत्संग और गरबा का आयोजन भी हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। भक्ति संगीत, पारंपरिक नृत्य और सामूहिक सहभागिता ने महोत्सव के वातावरण को उत्साह और उल्लास से भर दिया। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
यह भी पढ़ें : दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बस-ट्रैक्टर की टक्कर, यात्रियों में मचा हड़कंप
आर्ट ऑफ लिविंग के स्वयंसेवकों के सहयोग से संपन्न इस महोत्सव ने आध्यात्मिक जागरूकता, सामाजिक सद्भाव और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संदेश दिया। धार्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के संयोजन ने नवरात्र के आध्यात्मिक पक्ष के साथ-साथ सामूहिक सहभागिता के महत्व को भी रेखांकित किया। वैदिक धर्म संस्थान की ओर से आगामी आयोजनों के अंतर्गत आयुष होम, गौ माता पूजा और दीपावली पर विशेष ऑनलाइन लक्ष्मी स्थापना पूजा आयोजित करने की मंशा भी व्यक्त की गई। नोएडा में आयोजित इस तीन दिवसीय नवरात्र महोत्सव का समापन धार्मिक आस्था, आध्यात्मिक साधना और सांस्कृतिक उत्सव के यादगार संगम के रूप में हुआ।
विज्ञापन