
Noida News : भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर नोएडा (गौतमबुद्धनगर) समेत देशभर में बुजुर्ग मतदाताओं को सम्मानित किया जा रहा है। नोएडा में रहने वाली 100 वर्षीय महिला मतदाता को सम्मानित किया जाना वास्तव में सराहनीय काम है। इस काम की सभी ने सराहना की है।
आपको बता दें कि इन दिनों चुनाव आयोग एक विशेष अभियान चला रहा है। इस अभियान के तहत 100 वर्ष की उम्र तक पहुंच चुके बुजुर्ग मतदाताओं केा सम्मानित किया जा रहा है। इस मुद्दे पर नोएडा व ग्रेटर नोएडा के वरिष्ठ पत्रकार राजेश बैरागी की रिपोर्ट को नीचे ज्यों की त्यों प्रकाशित किया जा रहा है। आपको यह रिपोर्ट अवश्य ही पसंद आएगी।
लोकतांत्रिक व्यवस्था में वोट देने वाले लोग यदि 100 बरस के हो जाएं तो क्या वे किसी सम्मान के अधिकारी हो जाते हैं ? राष्ट्रीय निर्वाचन आयोग की योजना के पालन में गौतमबुद्धनगर जिला प्रशासन ने जनपद के तीनों विधानसभा क्षेत्रों में ऐसे 401 मतदाताओं को खोज निकाला है जिनकी आयु सौ बरस या उससे भी अधिक है। ये वो लोग हैं जो अंग्रेजशाही के साक्षी भी थे और आज की लोकशाही के भी साक्षी हैं। ये सभी लोग आमतौर पर प्रत्येक चुनाव में मतदान करते हैं।
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर ऐसी ही एक महिला मतदाता बुद्धिमती देवी से मिलकर सहायक निर्वाचन अधिकारी व उपजिलाधिकारी भैरपाल सिंह ने उन्हें सम्मानित मतदाता का प्रमाण पत्र दिया। यह एक सरकारी आयोजन था परंतु जो अच्छी बात हुई वह यह कि सहायक निर्वाचन अधिकारी ने सौ वर्षीय महिला मतदाता से यह प्रार्थना भी की कि वे जब तक जीवित रहें, मतदान करती रहें।
दरअसल, लोकतंत्र में मतदान कर्तव्य और अधिकार दोनों है। तमाम विसंगतियों के बावजूद लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था अन्य व्यवस्थाओं की अपेक्षा अधिक जनहितकारी होती है। चुनावी पराजय का भय राजनेताओं को जनता के प्रति जिम्मेदार बनाए रखता है। मतदान में नोटा का महत्व भी इसीलिए है कि जनप्रतिनिधि बनने के आकांक्षी लोग जनता की उपेक्षा को नजरंदाज न करें। लोकतांत्रिक व्यवस्था को अमृतकाल तक खींच लाने वाले सौ वर्षीय मतदाता वास्तव में सम्मान के अधिकारी हैं। जिला प्रशासन द्वारा उनका सम्मान किया जाना वास्तव में प्रशंसनीय कार्य है।
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