नोएडा के दो ग्रुप हाउसिंग के 14 प्रमोटरों की होगी जांच
Noida News
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 03:01 AM
Noida News : नोएडा प्राधिकरण का आरोप है कि 14 प्रमोटरों ने परियोजना में जमीन लेने के बाद प्राधिकरण का बकाया नहीं जमा किया। यही नहीं फ्लैट बेचने वाले और खरीदारों का पैसा भी परियोजना में न लगाकर दूसरी जगह लगाया है। इस तरह प्राधिकरण और खरीदार दोनों ही इन परियोजनाओं में फंसे हैं। दोनों परियोजनाओं में प्राधिकरण का करीब 300 करोड़ का बकाया है। इसीलिए नोएडा प्राधिकरण ने दो ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं के 14 प्रमोटरों के खिलाफ आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) दिल्ली में शिकायत दर्ज कर जांच की सिफारिश की है। पहले भी कुछ परियोजनाओं में जांच की सिफारिश ईओडब्ल्यू से की जा चुकी है।
प्राधिकरण का बकाया कई नोटिस के बाद भी जमा नहीं किया गया
प्राधिकरण की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक सेक्टर-137 में शुभकामना बिल्डटेक परियोजना के लिए 2010 में 22565.77 वर्ग मीटर जमीन का आवंटन किया गया था। कब्जा भी उसी वर्ष मौके पर दे दिया गया था। लेकिन प्राधिकरण का बकाया कई नोटिस के बाद भी जमा नहीं किया गया। प्राधिकरण का आरोप है कि परियोजना के प्रमोटर मुकेश खुराना, दिवाकर वर्मा, कमल सिंह रोधान, हरीश कुमार, पीयूष तिवारी ने परियोजना में फ्लैट बेचकर तृतीय पक्ष के अधिकार सुजित किए। फ्लैट खरीदारों से मिले पैसे को प्राधिकरण में न जमा कर कहीं और उपयोग में लगाया गया।
जांच की मांग की गई
इससे निर्माण कार्य भी पूरा नहीं हो पाया। वहीं, दूसरी परियोजना सेक्टर-118 में आईवीआर प्राइम डेवलपर की है, इसमें करीब 133750 वर्गमीटर जमीन इसे 19 अप्रैल 2012 को लीज डीड की गई। इसके बाद 25 अप्रैल 2012 को आवंटी को भूखंड पर कब्जा दिया गया। इस मामले में भी आवंटी को पैसा जमा करने के लिए नोटिस जारी किए गए। आरोप है कि परियोजना के प्रमोटर ईला रेड्डी, ई सुधीर रेड्डी, टीएन चतुर्वेदी, आरसी सिन्हा, टीआर सी बॉस और आशीष ने परियोजना के फ्लैट बेचकर तृतीय पक्ष को सृजित किया। परियोजना के फ्लैट बेचने पर मिली धनराशि को प्राधिकरण में जमा नहीं कराया। इस परियोजना के खिलाफ भी आर्थिक अपराध शाखा में शिकायत दर्ज कराते हुए जांच की मांग की गई।
आरसी की वसूली करने के लिए लिखा पत्र
नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-76 स्थित सेठी बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड की ग्रुप हाउसिंग परियोजना में जारी 57.65 करोड़ की आरसी की वसूली भू-राजस्व की तरह कराने के लिए जिला प्रशासन को पत्र भेजा है। प्राधिकरण की तरफ से बताया गया, बिल्डर को 9 जून 2010 की जमीन का सब लीज किया गया। इसके बाद 10 जून 2010 को लीज डीड करते हुए प्लॉट पर कब्जा दिया गया। बकाया धनराशि जमा करने के लिए नोटिस जारी किए गए। कोविड लाभ देते हुए बकाया का 25 प्रतिशत जमा करने के लिए सूचित किया गया लेकिन बिल्डर ने बकाया नहीं जमा करवाया। 31 दिसंबर 2023 तक बिल्डर पर कुल 57.65 करोड़ रुपये बकाया है। इस धनराशि को वसूलने के लिए आरसी जारी की गई है। इसके लिए प्राधिकरण ने जिला अधिकारी को पत्र भेजा है। Noida News