नोएडा की गार्डेनिया सोसाइटी में 1450 खरीदारों को रजिस्ट्री का इंतजार
Noida News
नोएडा
RP Raghuvanshi
28 Nov 2025 10:54 AM
नोएडा
RP Raghuvanshi
28 Nov 2025 10:54 AM
Noida News : नोएडा की सेक्टर 46 स्थित गार्डेनिया एम्स ग्लोरी सोसाइटी में 2015 से रह रहे डेढ़ हजार के करीब लोग आज भी मालिकाना हक की उम्मीद लगाए बैठे हैं। आज 10 साल होने वाले हैं लेकिन नोएडा की इस सोसाइटी में एक भी फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं हुई है। नोएडा की सोसाइटी के 1450 परिवार पिछले 10 साल से अपने घर का मालिकाना हक मिलने का इंतजार कर रहे हैं लेकिन आजतक मालिकाना हक नहीं मिला। ये लोग यहां घर खरीदकर फंस चुके हैं। बिल्डर और शासन-प्रशासन कोई भी खरीदारों की बात नहीं सुन रहा है।
बिल्डर के बकाया जमा नहीं करने के कारण नहीं हुई रजिस्ट्री
इस सोसाइटी के निवासियों ने बताया, बिल्डर पर नोएडा प्राधिकरण का करीब 650 करोड़ बकाया है लेकिन उन्हे परेशान किया जा रहा है। जबकि सभी ने फ्लैट का 100 फीसदी भुगतान कर दिया गया है। अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों के तहत बिल्डर ने बकाए की 25 फीसदी धनराशि जमा करने की बात की लेकिन जमा नहीं की जिसके कारण हम लोगों की रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है और हमें मालिकाना हक नहीं मिल पा रहा है। इस गार्डेनिया एम्स ग्लोरी सोसाइटी में करीब 1450 फ्लैट है, जिसमें लोग रह तो रहे हैं लेकिन उनके घरों की रजिस्ट्री नहीं हुई है।
शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं
सेक्टर 46 स्थित गार्डेनिया एम्स ग्लोरी सोसाइटी के निवासियों ने बताया कि पीएम आॅफिस, नोएडा प्राधिकरण, आवास विकास, डीएम को कई बार ईमेल कर चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। हम लोगों ने सौ प्रतिशत पेमेंट कर दिया है लेकिन अभी तक हम लोगों को मालिकाना हक नहीं मिला है। दरअसल बिल्डर ने प्राधिकरण का 25 फीसदी पैसा भी नहीं जमा किया है इसलिए प्राधिकरण किसी की रजिस्ट्री नहीं कर रहा है। हम वर्षों से मालिकाना हक का इंतजार कर रहे। Noida News
उपकरण के बिना आग लगने की घटना भी हो सकती है यहां
सोसाइटी निवासी आरएस चौहान ने बताया कि यहां पर फायर फाइटिंग उपकरण अधूरे हैं। यदि आग लगने की घटना होती है तो आग बुझाने के लिए उपकरण नहीं हैं। सोसाइटी के बी3, बी4, बी8, ए7, बी6 टावर में आग लगने की घटना हो चुकी है। उपकरण नहीं चल सके। सोसाइटी निवासी पुनीत धनखड़ ने बताया कि नोएडा प्राधिकरण की ओर से करीब 600 फ्लैट के हिसाब से पानी दिया जा रहा है। जबकि यहां पर अधिक लोग रहते हैं। सोसाइटी निवासी महेंद्र गोयल, अंकित गुप्ता ने बताया कि यहां पर कुल 20 टावर हैं लेकिन किसी टावर का आॅक्यूपेंसी सार्टिफिकेट (ओसी) नहीं है। 2019 में सात टावर का कंडीशनल ओसी मिला था लेकिन मानक पूरे न होने पर ओसी एक्सपायर हो चुका है।