
Noida News : नोएडा व ग्रेटर नोएडा में पिछले कुछ दिनों से आवारा कुत्तों का आतंक फैला हुआ है। आए दिन आवारा कुत्ते नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बच्चों के साथ ही बड़ों को भी निशाना बना रहे हैं। इस बीच फरीदाबाद के बल्लभगढ़ कस्बे में एक कुत्ते द्वारा 3 बच्चों सहित 6 लोगों को काटने की घटना सामने आने के बाद से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लोगों में दहशत और भी बढ़ गई है।
बता दें कि रविवार को ही बल्लभगढ़ कस्बे के सूर्य विहार सेहतपुर पल्ला में एक कुत्ते ने 6 लोगों को काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इनमें 4 वर्ष का ऋषभ, 6 वर्ष का प्रेम और 12 वर्ष की अंशी के साथ ही अंशी के पिता राजेश कुमार, किशन कुमार और राजा शामिल हैं।
Noida News : बल्लभगढ़ की घटना की जानकारी मिलने के बाद नोएडा व ग्रेटर नोएडा के लोगों के मन में एक बार फिर से दहशत भर गई है। यहां के लोगों का कहना है कि हाल ही में आवारा कुत्ते ने पूर्व आईएएस अधिकारी को भी काट लिया था। इतना ही नहीं, कुछ ही दिन पहले कुत्ते के काटने से गाजियाबाद में एक 12 वर्षीय बच्चे की मौत भी हो गई थी।
गाजियाबाद में बच्चे की मौत, फिर नोएडा में एक पूर्व आईएएस अधिकारी पर कुत्ते के हमले और बल्लभगढ़ में एक ही कुत्ते द्वारा 6 लोगों को काटे जाने की बात से नोएडा व ग्रेटर नोएडा के लोग काफी डरे हुए हैं। सड़क पर चलने के दौरान लोगों को अतिरिक्त सावधानियां बरतनी पड़ रही हैं।
Noida News : लोगों का आरोप है कि आवारा कुत्तों पर लगाम लगाने में नोएडा व ग्रेटर नोएडा के प्राधिकरण पूरी तरह से नाकाम रहे हैं। नोएडा में इन कुत्तों पर लगाम लगाने के नाम पर हर वर्ष लगभग 10 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। इनमें सेक्टर-50 और सेक्टर-135 में डॉग शेल्टर (Dog Shelter) बनाना, कुत्तों की नसबंदी करवाना, आवारा कुत्तों के रहने, खाने और इलाज की व्यवस्था करने जैसी व्यवस्थाएं भी शामिल हैं।
नोएडा प्राधिकरण हर महीने साढ़े 7 हजार कुत्तों की नसबंदी करवाता है। यानी हर साल 90 हजार कुत्तों की नसबंदी की जाती है। नसबंदी करने वाले एजेंसी को हर नसबंदी के लिए 1,000 रुपए दिए जाते हैं। इस तरह प्राधिकरण की ओर से केवल कुत्तों की नसबंदी पर ही हर साल 9 करोड़ रुपए का खर्च किया जाता है।
इसके अलावा नोएडा प्राधिकरण आवारा कुत्तों और अन्य जानवरों के रहने, खाने और इलाज के नाम पर भी हर महीने 15 लाख रुपए खर्च करता है। यानी इस काम के लिए एक वर्ष में 1 लाख 80 हजार रुपए खर्च कर दिए जाते हैं। इसके अलावा नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-50 और सेक्टर-135 में डॉग शेल्टर की शुरुआत भी की थी। इस योजना पर भी प्राधिकरण के लगभग 15 लाख रुपए खर्च हुए थे। लेकिन यह सबकुछ बेकार साबित हो रहा है।
Noida News : दूसरी ओर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अभी तक डॉग पॉलिसी (Dog Policy) लागू नहीं कर सका है। पिछले साल दिसंबर के अंतिम सप्ताह में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बैठक में यह फैसला भी लिया गया था कि एक जनवरी 2023 से डॉग पॉलिसी को लागू कर दिया जाएगा, लेकिन यह फैसला किस डिब्बे में बंद हो गया, कोई नहीं जानता। इस पॉलिसी को लागू करने में अबतक पहले ही 8 महीने की देर हो चुकी है।
हालांकि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का दावा है कि ग्रेटर नोएडा के लिए डॉग पॉलिसी जल्द ही लागू कर दी जाएगी। इसके तहत एक ऐप भी बनाए जाने की बात है। लेकिन धरातल पर कुछ भी नजर नहीं आ रहा है। इस कारण ग्रेटर नोएडा के लोगों में भी आवारा कुत्तों का खौफ लगातार बढ़ता ही जा रहा है।
Noida News : जारी है समाज सेवा, समाजसेवकों ने बाँटे मुफ्त चश्मे
देश-दुनिया की लेटेस्ट खबरों से अपडेट रहने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें।
ग्रेटर नोएडा– नोएडा की खबरों से अपडेट रहने के लिए चेतना मंच से जुड़े रहें।