
Noida News : ग्रेटर नोएडा क्षेत्र की दादरी तहसील के कई गांवों में अवैध रूप से जमीनों पर प्रोजेक्ट बनाने का दावा करने वाले भूमाफिया सर्वोत्तम बिल्डर के खिलाफ चेतना मंच द्वारा छेड़ी गई मुहिम का असर शुरू हो गया है। भूमाफिया सर्वोत्तम बिल्डर के खिलाफ कार्यवाही शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश भू संपदा विनियामक प्राधिकरण (UP RERA) ने सर्वोत्तम बिल्डर से सभी बॉयर्स को सावधान रहने तथा उनके प्रोजेक्ट में पैसा न लगाने की सलाह दी है।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा क्षेत्र की दादरी तहसील के बील अकबरपुर, दतावली, भोगपुर व रामगढ़ समेत 18 गांवों में भूमाफिया सर्वोत्तम बिल्डर कई प्रोजेक्ट लाने के नाम पर बड़े पैमाने पर बॉयर्स को अपने जाल में फंसा रहा है। इतना ही नहीं सर्वोत्तम बिल्डर ने ग्रेटर नोएडा स्थित सुशांत मैगापोलिस प्रोजेक्ट को सर्वोत्तम वर्ल्ड बिल्डर नाम से बेचने की भी साजिश रची है, जबकि यह प्रोजेक्ट उत्तम स्टील एंड एसोसिएट और अंसल हाईटेक टाउनशिप बिल्डर का था। उत्तर प्रदेश भू संपदा विनियामक प्राधिकरण (UP RERA) ने चेतना मंच के समाचारों का संज्ञान लेकर जब सर्वोत्तम बिल्डर के इस कारनामे की जांच शुरू की तो बड़ा खुलासा हुआ।
सर्वोत्तम बिल्डर के इस कारनामे की जांच के बाद कई खुलासे हुए हैं। जिसके बाद यूपी रेरा के सचिव प्रमोद कुमार उपाध्याय ने बॉयर्स और निवेशकों को भूमाफिया सर्वोत्तम बिल्डर के किसी भी प्रोजेक्ट में निवेश करने के प्रति आगाह किया है। इस मामले में सचिव प्रमोद कुमार उपाध्याय ने बताया कि प्रमोटर सर्वोत्तम वर्ल्ड द्वारा न्यू नोएडा नाम की एक हाईटेक टाउनशिप मैगापोलिस और सर्वोत्तम मैगापोलिस परियोजना का विज्ञापन मीडिया और समाचार पत्रों तथा रेडियो में प्रसारित किया है। यह विज्ञापन पूरी तरह से भ्रामक व कपटपूर्ण है। इस नाम से कोई परियोजना यूपी रेरा में पंजीकृत नहीं हुई है। विज्ञापन में दिए तीन यूपी रेरा का पंजीकृत संख्या उत्तम स्टील एंड एसोसिएट तथा मैसर्स अंसल हाईटेक टाउनशिप के नाम पर दर्ज है। सर्वोत्तम बिल्डर ने दूसरे के प्रोजेक्ट को अपना बताकर खरीदारों को ठगा है। इस प्रोजेक्ट में हजारों खरीदार कब्जा मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
सर्वोत्तम बिल्डर द्वारा धोखाधड़ी से दूसरे के प्रोजेक्ट को अपना बताकर बेचने का यह मामला रेरा अधिनियम 2016 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है और इसके लिए उचित कार्यवाही की जाएगी। यूपी रेरा के सचिव प्रमोद कुमार उपाध्याय ने बताया कि रेरा अधिनियम 2016 के अंतर्गत विभिन्न स्तरीय सजा का प्रावधान है। इस अधिनियम का मकसद रियल स्टेट से जुड़े सभी हितधारकों के हितों की रक्षा करना और प्रमोटर से रेरा अधिनियम के पालन को सुनिश्चित कराना है।