
Noida News (चेतना मंच)। नोएडा और ग्रेटर नोएडा समेत पूरे गौतमबुद्धनगर में सक्रिय विभिन्न किसान संगठन जमीन अधिग्रहण के सापेक्ष किसानों को 10 प्रतिशत भूखंड, समान मुआवजा दिए जाने सहित अन्य मांगों को पूरा करने की पिछले काफी समय से मांग कर रहे हैं। क्षेत्र के किसानों की जायज मांगों को पूरा कराने के लिए भारतीय किसान यूनियन मंच एक ठोस रणनीति बनाने में जुटा हुआ है। भाकियू मंच का कहना है कि अगर किसानों की जायज मांगें जल्द पूरी नहीं हुई तो क्षेत्र में सक्रिय सभी किसान संगठनों को एक बैनर के नीचे लाकर संयुक्त किसान मोर्चा का गठन किया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा किसानों की आवाज को पुरजोर तरीके से उठाने का कार्य किया जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुधीर चौहान ने बताया कि वर्ष 1997 से अब तक के सभी किसानों को 10 प्रतिशत आबादी भूखंड अथवा उसके समतुल्य धनराशि प्रदान किए जाने की मांग पिछले काफी समय से चली आ रही है। प्राधिकरण ने पूर्व में वादा खिलाफी करते हुए किसानों को महज 5 प्रतिशत के भूखंड दिए थे। किसानों की भूमि अर्जित करते समय दी गई धनराशि में से भी प्राधिकरण द्वारा 10 प्रतिशत राशि काट ली गई थी। समानता के आधार पर किसानों को लाभ दिए जाने की मांग पूर्व में भी किसान संगठनों द्वारा कई बार प्रमुखता से उठाई गई। किसानों की मांगों को लेकर पूर्व में कई बार विभिन्न किसान संगठनों द्वारा धरने प्रदर्शन किए गए। इसके बावजूद किसानों की इस मांगों को अभी तक पूरा नहीं किया गया है।
उन्होंने बताया कि प्राधिकरण अधिकारी किसानों के साथ छलावा कर रहे हैं। आंदोलन के समय किसानों की मांगे मानने का आश्वासन देकर उनका आंदोलन समाप्त करा कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि यदि किसानों की 10 प्रतिशत भूखंड दिए जाने की मांग को जल्द पूरा नही किया गया तो एक बड़े आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। क्षेत्र में सक्रिय सभी किसान संगठनों के पदाधिकारियों से वार्ता कर एक संयुक्त किसान मोर्चा बनाकर किसानों की मांगों को प्रमुखता से उठाकर उन्हें पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए भारतीय किसान यूनियन सहित क्षेत्र के विभिन्न किसान संगठनों से वार्ता कर आगे की रणनीति बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही भारतीय किसान यूनियन मंच इसकी पहल करने जा रहा है।