
Noida News Anil Dujana Funeral / ग्रेटर नोएडा। मेरठ एसटीएफ के साथ हुई मुठभेड़ में ढेर हुए कुख्यात अनिल दुजाना का आज दोपहर अंतिम संस्कार कर दिया गया। मेरठ से गांव में शव पहुंचते ही चीख पुकार मच गई। अंतिम संस्कार में दुजाना गांव के अलावा दूसरे गांव के लोग भी अंतिम संस्कार में पहुंचे हैं। दुजाना के अंतिम संस्कार को लेकर गांव में भारी मात्रा में पुलिस बल और पीएसी तैनात की गई है।
आपको बता दें दोपहर करीब दो बजे मेरठ के मेडिकल कालेज से अनिल दुजाना का शव उसके पैतृक गांव दुजाना पहुंचा। अनिल दुजाना की पत्नी पूजा अपने छह माह के बच्चे को लेकर गांव पहुंची। इसके अलावा आसपास के गांव के लोग भी अनिल दुजाना की अंतिम यात्रा में शामिल हुए। इससे पहले गांव के लोगों को कल जैसे ही यह खबर मिली कि अनिल दुजाना का एनकाउंटर हो गया है, गांव वालों ने अनिल के बंद पड़े मकान का ताला तोड़ कर वहां उग आई घास और झाडियों को साफ किया।
[video width="490" height="270" mp4="https://test.chetnamanch.com/wp-content/uploads/2023/05/QZWmz9aUbryGwhpl.mp4"][/video]आज दोपहर करीब दो ढाई बजे अनिल का शव गांव पहुंचा तो गांव में अनिल के घर पर मौजूद महिलाओं में चीख पुकार मच गई। चारों ओर से रोने और चीखने की आवाजे आ रही थी। गांव वालों और परिजनों ने अंतिम संस्कार से पूर्व की प्रक्रिया को पूर्ण किया और इसके तुरंत बाद अंतिम यात्रा निकाल दी गई। गांव के ही शमशान घाट ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया गया। कुख्यात के अंतिम संस्कार को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए गांव में एक कंपनी पीएसी और कई थानों की पुलिस फोर्स को तैनात किया गया था।
कुख्यात अनिल दुजाना गौतमबुद्ध नगर के बादलपुर के उसी दुजाना गांव का रहने वाला था, जहां के कुख्यात डकैत सुंदर नागर उर्फ सुंदर डाकू ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को जान से मारने की धमकी दी थी। 70-80 के दशक में सुंदर डाकू का दिल्ली-एनसीआर में खूब आतंक था। अनिल दुजाना का असली नाम अनिल नागर है। अनिल नागर ने अपनी दुश्मनी के चलते ही अपने बड़े भाई को भी खो दिया।
दुजाना गांव के कुख्यात गैंगस्टर अनिल दुजाना पर पहला मामला साल 2002 में गाजियाबाद के कवि नगर में दर्ज हुआ था। इस मामले में उस पर हरबीर पहलवान नाम के व्यक्ति की हत्या का आरोप था। अनिल दुजाना पर करीब 62 केस दर्ज हैं, जिनमें से 18 केस हत्या के हैं और बाकी लूटपाट, रंगदारी, जमीन कब्ज़ा और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले हैं। इसके अलावा उस पर गैंगस्टर और रासुका भी लग चुका है। अनिल दुजाना का खौफ तब ज्यादा हो गया, जब उसने गैंगस्टर सुंदर भाटी पर एके-47 से ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थी।
दरअसल, पश्चिमी यूपी में दो गैंगस्टर की गैंगवार बहुत चर्चा में रहती थी और वो दो नाम नरेश भाटी और सुंदर भाटी थे। लेकिन साल 2004 में जिला पंचायत अध्यक्ष नरेश भाटी की हत्या सुंदर भाटी गुट ने कर दी गई। नरेश के भाई रणदीप और भांजे अमित कसाना ने हत्या का बदला लेने के लिए अनिल दुजाना का साथ लिया। साल 2011 के नवंबर में सुंदर भाटी को मारने के लिए तीनों ने सुंदर भाटी के भांजे की शादी चुनी। मकसद सबके सामने मौत के घाट उतार कर दहशत फैलाना था। रणदीप, कसना और दुजाना ने गैंगस्टर सुंदर भाटी पर एके-47 से ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई, लेकिन भाटी बच निकल और इस घटना में तीन लोग मारे गए।
अनिल दुजाना उर्फ़ अनिल नागर को राजनीति में भी बड़ी रूचि थी। गाँव प्रधान का चुनाव हो अथवा जिला पंचायत का इलेक्शन हो, विधानसभा या लोकसभा के चुनाव हों हर चुनाव में वह ख़ास रुचि लेता था। गौतमबुद्धनगर ही नहीं पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राजनेताओं के साथ भी उसके अच्छे रसूख़ थे। कहा तो यहाँ तक जाता है कि चुनाव जीतने के लिए कई राजनेता उसकी मदद लेते थे और इस मदद के बदले उसे मोटा नज़राना भी पहुँचाते थे। वह खुद जेल में रहते हुए गौतमबुद्धनगर ज़िले में ज़िला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ चुका था। Noida News