Noida : नोएडा । उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने समीक्षा बैठक में 1976 से लेकर अब तक विकास और नीतियों की समीक्षा की। करीब साढ़े तीन घंटे की बैठक चली। किसानों के मुद्दे पर अधिकारियों से कहा कि किसान कभी गलत नहीं हो सकता लेकिन जो लोग आंदोलन करने आ रहे है उसमे कितने किसान है ये महत्वपूर्ण है। इसी तरह अदालतों में पैरवी करने वाले वकीलों को मेरिट के आधार पर रखा जाए। जब प्राधिकरण उन पर खर्च करती है। इसके बाद भी वे केस हार रहे है। जाहिर है कही न कही लूप होल है। वकीलों के पैनलों की समीक्षा की जाए। बता दे हाल ही में हाईकोर्ट में एक मामले में नोएडा प्राधिकरण की सीईओ के खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी की थी। हालांकि मामले में सुप्रीम कोर्ट से स्टे मिल गया है।
बैठक में नंदी ने शहर में अतिक्रमण को वर्गीकत कर हटाने के लिए कहा है। जहां एक बार कार्यवाही के बाद दोबारा निर्माण हो रहा है उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए कहा गया है। इसके अलावा लैंड बैंक कैसे बढ़ाया जाए इस पर चर्चा की गई। भू लेख विभाग से अतिक्रमण और नए विकसित किए जा रहे सेक्टरों के लिए लैंड कैसे उपलब्ध हो सके इस पर चर्चा की गई। आईजीआरएस को लेकर मामला ठीक रहा और कहा गया कि ध्यान रहे कि कोई भी फर्जी निस्तारण न किया जाए। ऑनलाइन सुविधा को बढ़ाया जाए ताकि प्राधिकरण में फुटफाल कम से कम हो।
प्राधिकरण में जो भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायत आ रही है। या जिनकी संलिप्तता भ्रष्टाचार में है। और वे 50 साल के ऊपर है उनके खिलाफ एक्शन लीजिए और बाहर का रास्ता दिखाया जाए। प्राधिकरण में पारदर्शिता लाने के लिए जो भी प्रयास किए जा रहे है उनको और बढ़ाया जाए। साथ ही सीएजी की रिपोर्ट में जिनके नाम भी है उनकी भी समीक्षा की जाए।