
Noida News : सेक्टर-32 स्थित सहायक संभागीय परिवहन विभाग (ARTO) में पिछले कुछ समय से वाहनों के वीआईपी नंबर रजिस्ट्रेशन को लेकर ‘बड़ा खेल’ चल रहा है। परिवहन विभाग द्वारा हाल ही में जारी 348 वीआइपी नंबरों की नीलामी में भी यह खेल खेला जा रहा है। इससे विभाग को राजस्व को लाखों रूपये की चपत लगती है।
विभाग द्वारा डीयू सीरीज के लिए कुल 348 वीआईपी नंबरों के लिए बोली लगाने का आमंत्रण दिया गया था। इसमें अधिकांश नंबर आवंटित भी हो गये। जबकि इस सीरीज के 00002, 00005 तथा 00007 भी नीलामी के लिए आवंटित कर दिये गये। उक्त नंबर क्रमश: रोहित भाटी ने 1 लाख रूपये, दिनेश नागर ने 2.89 लाख तथा सुशील अवाना ने 1.31 लाख रूपये की बोली लगाकर हासिल कर लिये। लेकिन डीयू सीरीज के वीवीआईपी नंबर 00001 के लिए अभी तक बोली नहीं लग पाई।
बताया जाता है कि इस नंबर के लिए कुल 11 लोगों ने पंजीकरण कराया था जिसमें अधिकतम बोली 15 लाख रूपये की लगाई गई। इस बीच 6 लोगों ने बोली में कदम पीछे खींच लिए। जिससे बोलीदाताओं की संख्या घटकर 5 रह गई तथा बोली की रकम भी गिरकर 6.6 लाख हो गई। लेकिन विभागीय अधिकारियों का मानना है कि बोलीदाताओं का एक सिंडीकेट यहां सक्रिय है जो पहले अधिक बोली लगाकर कीमत बढ़ा देते है। बाद में रकम जमा न करके पीछे हट जाते हैं। जिससे कम बोली लगाने वाले दूसरे बोलीदाता को वह नंबर आवंटित हो जाती है।
एआरटीओ सियाराम वर्मा का कहना है कि यह खेल पिछले 4 बार से हो रहा है। लेकिन ऐसा करने वालों पर इस बार कड़ी नजर रखी जा रही है। ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। Noida News