
Noida News (चेतना मंच)। बैंक ऑफ इंडिया की सेक्टर-62 शाखा ने नोएडा प्राधिकरण के खाते में सावधि जमा (FD) के जमा 196.20 करोड़ रूपये वापस कर दिये हैं। बैंक ने प्राधिकरण को आश्वासन दिया है कि बाकी 3.80 करोड़ रूपये की राशि तथा देय ब्याज की रकम एक सप्ताह में बैंक के बोर्ड से अनुमोदित कराकर वापस कर दी जाएगी। यह जानकारी नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी इन्दू प्रकाश ने दी है।
उन्होंने बताया कि 23 जून को नोएडा प्राधिकरण ने बैंक ऑफ इंडिया की सेक्टर-62 स्थित शाखा में एफडी किये जाने के लिए 200 करोड़ रूपये की रािश हस्तांतरित की थी। बैंक ने प्राधिकरण के किसी आदेश के बिना 3.80 करोड़ रूपये की राशि तीन व्यक्तियों के खातों में ट्रांसफर कर दी थी। आदेश के बाद भी शेष धनराशि 196.20 करोड़ रूपये प्राधिकरण के खाते में हस्तांतरित नहीं की थी। बाद में वह वापस कर दी गई।
यह पूरा प्रकरण बेहद सनसनीखेज है। आपको धैर्य से समझना पड़ेगा। दरअसल, नोएडा प्राधिकरण विभिन्न माध्यमों से आने वाली धनराशि में से एक बड़ी राशि को अलग अलग बैंकों में फिक्स डिपोजिट (FD) में रखता है। यह प्रक्रिया नोएडा प्राधिकरण की स्थापना के समय से ही चल रही है। आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ था जो इस बार हो गया।
आपको बता दें कि नोएडा प्राधिकरण ने 23 जून को बैंक आफ इंडिया की सेक्टर 62 शाखा में FD कराने के मकसद से 200 करोड़ रुपये जमा कराए थे। FD कराने के लिए प्राधिकरण ने सभी कागज भी बैंक को भेज दिए थे। इस धन को FD में न लगाकर बैंक एक खाते में जमा किए हुए था। इसी बीच एक व्यक्ति नोएडा प्राधिकरण का एकाउंट अफसर बनकर बैंक में पहुंचा और उसने 200 करोड़ रुपये में से 3.90 करोड़ रुपये तीन अलग अलग खातों में ट्रांसफर करा दिए। बैंक ने बड़ी आसानी से यह धन अलग अलग खातों में ट्रांसफर कर दिया।
3.90 करोड़ तीन खातों में जमा कराने वाला नोएडा प्राधिकरण एकाउंट अफसर एक बार फिर बैंक में पहुंचा और उसने 9 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू की। इस पर बैंक अधिकारियों को शक हुआ। बैंक के अधिकारियों ने नोएडा प्राधिकरण से जानकारी की तो बैंक से लेकर प्राधिकरण तक में हड़कंप मच गया। पता चला कि अब्दुल खादर नाम का जो व्यक्ति बैंक को नोएडा प्राधिकरण का एकाउंट अफसर बता रहा है उस नाम का कोई अधिकारी पूरे नोएडा प्राधिकरण में है ही नहीं। इस बीच वह फर्जी एकाउंट अधिकारी धीरे से खिसक लिया। इस प्रकार नोएडा प्राधिकरण के 200 करोड़ पूरे के पूरे तो डूबने से बच गए किंतु चार करोड़ की ठगी हो गई। Noida News