
Noida News : नोएडा, ग्रेटर नोएडा (गौतमबुद्धनगर), समेत यूपी के तमाम जनपदों की सड़कों पर आवारा घुमने वाले सांड व अन्य गौवंश से आम जनता को निजात दिलाने के लिए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ी पहल की है। अगले तीन माह के भीतर सड़कों पर घुमने वाले आवारा गौवंशीय पशुओं का संरक्षण किए जाने के आदेश यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा दिए गए हैं।
आपको बता दें कि ग्रेटर नोएडा, नोएडा, आगरा, सुलतानपुर और पीलीभीत आदि जनपदों में सड़कों में आवारा घुमने वाले सांड की वजह से कई लोगों की जान जा चुकी है। ग्रेटर नोएडा के दनकौर क्षेत्र में तीन दिन पूर्व एक सांड ने स्कूल जा रही 8 साल की मासूम बच्ची को सड़क पर पटककर गंभीर रुप से घायल कर दिया था। इसके अलावा नोएडा क्षेत्र में आवारा सांड की वजह से कई लोगों की मौत हो चुकी है।
सरकारी आंकड़ों में अभी भी लगभग 2.5 से 3 लाख निराश्रित गौवंश होने की जानकारी है। योगी सरकार ने सभी के संरक्षण के निर्देश जारी किए हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने लखनऊ में आयोजित एक बैठक में कहा कि अगले 3 महीने में निराश्रित गोवंश का संरक्षण किया जाए। साथ ही घटनाओं की पुनरावृति को पूरी तरह से काबू किया जाएगा। पंचायतों द्वारा नगरीय क्षेत्रों में संरक्षित गोवंशों में पौष्टिक आहार की व्यवस्था की जाए।
Also Read - G20 Summit 2023 : G20 के आयोजन पर कितने हजार करोड़ रुपये हुए खर्च, जानें पूरी डिटेल्सबुंदेलखंड क्षेत्र में 15 सितम्बर तक खुले पशुओं को संरक्षित कर लिया जाए। नोएडा, जिला हरदोई, सीतापुर, रायबरेली, प्रतापगढ़, फतेहपुर, बदायूं आदि की सड़कों एवं नदियों के किनारों पर बहुत अधिक संख्या में गोवंश घूमते रहते हैं। शहरों में भी मंडियों के समीप एवं कालोनियों में गौवंश इधर उधर टहलते रहते हैं। नगर आयुक्त और अधिशाषी अधिकारी का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाए। नए अस्थायी गो- आश्रय स्थलों की स्थापना की सूचना तुरंत दी जाए। जिलाधिकारी से लेकर एसडीएम तक उचित संवाद एवं पोर्टल का प्रयोग सुनिश्चित हो ।
मुख्य सचिव ने कहा कि नदियों के किनारे हजारों की संख्या में गोवंश विचरण करते हैं। ट्रैक्टर माउंटेड कैटल कैचर की व्यवस्था एवं ट्रैक्टर का क्रय सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी विशेष दस्ते बनाकर आपरेशन चलाएं। हाइवे पर अन्तर्विभागीय कार्मिकों की विशेष टीमें बनाई जाएं। टीमों के लिए टीम लीडर, कार्मिक, उपकरण एवं वित्तीय व्यवस्था हो। किसी तरह के आंकड़े भी नहीं छिपाए जाने चाहिए। Noida News