
Noida News : नोएडा पुलिस द्वारा फर्जी कॉल सेंटर के खुलासे की चर्चा भारत देश के साथ साथ विदेश में भी हो रही है। खास कर अमेरिकी नागरिकों को ठगी का शिकार बनाने वाले इस कॉल सेंटर का पर्दाफाश होने के बाद वाशिंगटन अमेरिकी सोशल मीडिया पर गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट पुलिस की जमकर सराहना हो रही है। अमेरिकी नागरिक सोशल मीडिया के जरिए नोएडा पुलिस के इस बेहतरीन कार्य जमकर प्रशंसा कर रहे हैं।
डीसीपी हरिश्चंद्र ने बताया कि नोएडा पुलिस को अमेरिकी एजेंसी से इनपुट मिला कि सेक्टर 6 में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर के जरिए अमेरिकी नागरिकों से ठगी की जा रही है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने शुरुआत में गोपनीय जांच की। जांच में सूचना सही पाए जाने पर पुलिस ने छापेमारी की कार्रवाई कर यहां से 84 लोगों को गिरफ्तार किया। कॉल सेंटर से करीब 38 लड़कियों को भी गिरफ्तार किया गया। इस कॉल सेंटर के जरिए आरोपी अमेरिकी नागरिकों को उनके सोशल सिक्योरिटी नंबर से संबंधित आपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने का डर दिखाकर उनसे ठगी करते थे।
गुरुवार को फर्जी कॉल सेंटर के खुलासे के बाद मामला जब सोशल मीडिया की सुर्खी बना तो नोएडा पुलिस की जमकर तारीफ हुई। वाशिंगटन अमेरिका से सोशल मीडिया एवं पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के अधिकारियों को फोन पर फर्जी कॉल सेंटर के शिकार हुए विदेशी नागरिकों द्वारा इस खुलासे पर बधाइयां दी जा रही हैं। नोएडा पुलिस द्वारा फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर के पर्दाफाश का मामला फिलहाल अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बना हुआ है।
नोएडा के सेक्टर-6 में ठगी का एक ऐसा अड्डा पकड़ा गया है जिसे सुन व पढ़ कर आप भी हैरान हो जाएंगे। इस अडडे पर छापा मारने वाली नोएडा पुलिस की टीम भी इस अड्डे के ठगों की करतूत सुनकर हैरत में है।
थाना फेस-1 पुलिस ने नोएडा में चल रहे इस फर्जी कॉलसेंटर (Call Center) का खुलासा किया था। ए-18, सेक्टर-6 में चलाए जा रहे इस फर्जी कॉलसेंटर के निशाने पर अमेरिका के नागरिक थे। यह लोग आईबीम डायलर का प्रयोग करके आईवीआर के जरिए ड्रार्कवेब से लिए गए अमेरिकी व्यक्तियों का डाटा लेकर अमेरिकी नम्बरों पर सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट ऑफ यूएस का अधिकारी बताकर वायस मैसेज भेजा करते थे जिसमें अमेरिकी नागरिकों की सोशल सिक्योरिटी नम्बर से संबंधित अपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने का कारण बताते हुए उनके अकाउंट को सीज किए जाने को लेकर धमकाते थे।
Noida Newsभेजे गए वायस मैसेज में दिए गए हेल्प नम्बर पर जब अमेरिकी नागरिकों द्वारा कॉलिंग की जाती थी तो विभिन्न ऑप्शन दिए जाते थे। प्रेस-1 टाईप होने के बाद उनका कॉल कॉलसेंटर में रिसीव होता था। आरोपियों द्वारा एक विशेष सॉफ्टवेयर का प्रयोग कर पहले से तैयार स्क्रिप्ट का प्रयोग कर उन्हें सोशल सिक्योरिटी नंबर सीज होने का डर दिखाया जाता था और उनसे गिफ्ट कार्ड व क्रिप्टो करंसी के माध्यम से ठगी की जाती थी। Noida News