
Noida News : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा 'हलाल सर्टिफाइड' प्रॉडक्ट को बैन किए जाने के बाद देश की राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भी खाद्य विभाग सक्रिय हो गया है। खाद्य विभाग की टीम द्वारा नोएडा और ग्रेटर नोएडा में डेढ़ दर्जन से अधिक रिटेल स्टोर और मॉल पर छापेमारी करके हलाल प्रॉडक्ट की जांच पड़ताल की। जांच के दौरान नोएडा के डीएलएफ मॉल में हलॉल प्रॉडक्ट मिले। विभागीय अधिकारियों की टीम ने नाचो चिप्स के पांच पैकेट सीज कर दिए, जबकि अन्य तीन उत्पाद को स्टोर से हटवाया गया।
आपको बता दें कि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने 18 नवंबर को हलाल सर्टिफाइड उत्पादों की बिक्री पर बैन लगा दिया था। शासन से आदेश मिलने के बाद नोएडा प्रशासन द्वारा हलाल प्रॉडक्ट के खिलाफ कार्यवाही शुरू कर दी गई। बुधवार को जिले की खाद्य विभाग की टीम ने ग्रेटर नोएडा के कासना और जगत फार्म की करीब 10 दुकानों की जांच की। इसके अलावा नोएडा सेक्टर-50 में दुकानों की जांच की गई। लेकिन हलाल उत्पाद नहीं मिले। मुख्य खाद्य अधिकारी अक्षय गोयल ने बताया कि डीएलएफ मॉल में ली मार्च रिटेल स्टोर में हलाल सर्टिफाइड उत्पाद मिले। इनमें चिप्स, टॉफी और मैजिक स्टिक शामिल हैं। सभी उत्पाद को स्टोर से हटा दिया गया है। हलाल प्रॉडक्ट पर बैन लगने के बाद भी उत्पाद बेचने पर खाद्य अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया जाएगा।
हलाल सर्टिफाइड उत्पादों के खिलाफ शुरू हुई कार्रवाई के मामले में स्थानीय व्यापारी स्टोर से स्टॉक हटाने के लिए समय देने की मांग की है। उनका कहना है कि व्यापारी केवल उत्पाद बेचते हैं। यह माल उनको कंपनियां बेचने के लिए देती हैं। व्यापारी प्रतिबंध के खिलाफ नहीं हैं। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापारी प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष नरेश कुच्छल का कहना है कि व्यापारी प्रतिबंध का समर्थन करते हैं। अगर समय दिया जाता तो व्यापारी डिस्ट्रीब्यूटर्स को ऐसे उत्पाद खुद ही वापस कर देते।
केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूप खन्ना का कहना है कि हलाल सर्टिफाइड उत्पाद बिक्री रोकने के लिए स्टोर से हटाने के लिए चेतावनी तक नहीं दी गई। व्यापारी ऐसे उत्पाद प्रतिबंध के खिलाफ नहीं बेचेंगे। अधिकारियों को उनके नुकसान का ध्यान भी रखना चाहिए। सीएम को लिखे पत्र में खन्ना ने कहा कि जिन दुकानों पर पहले से माल जमा है, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न की जाए।