
Noida News : यदि आप नोएडा, ग्रेटर नोएडा अथवा गौतमबुद्धनगर जिले में कहीं भी रहते हैं तो सावधान हो जाएं। इस क्षेत्र में अनेक प्रकार के ठग सक्रिय हैं। ये ठग कभी रुपये डबल करने के नाम पर, कभी सरकारी प्राधिकरणों से जमीन अलॉट कराने के नाम पर तो कभी सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी ठगते हैं। इसी प्रकार की ठगी का एक ताजा प्रकरण प्रकाश में आया है। इस प्रकरण में एक दर्जन ग्रामीण युवकों व उनके परिवार जनों को ठग लिया गया है।
इस ताजे मामले में मर्चेंट नेवी में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगों ने कई व्यक्तियों से लाखों रुपए ठग लिए। पैसे लेकर ठग ने एक युवक की फर्जी ज्वायनिंग तक करा दी। नौकरी ना लगने पर युवकों ने जब अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने उनके साथ गाली गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। पीड़ितों की शिकायत पर थाना जेवर में तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
ग्राम हबीबपुर, थाना खुर्जा जिला बुलंदशहर निवासी लेखराज ने चेतना मंच को बताया कि उसके परिचित प्रवीण ने उसे ग्रेटर नोएडा के जेवर थाना क्षेत्र में पड़ने वाले चोरोली गांव निवासी संजीव से मिलवाया था। प्रवीण ने बताया कि संजीव रुपये लेकर मर्चेंट नेवी में नौकरी लगवाता है। नौकरी लगवाने की बात करने पर संजीव ने उससे ढाई लाख रुपये में डील की। लेखराज ने बताया कि उसने पेशगी के तौर पर 1 लाख 10 हजार रुपये संजीव कुमार द्वारा बताए गए उसके दोस्त सुरेंद्र व नीरज कुमार पाठक के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके पश्चात उसने एक लाख रुपये संजीव कुमार को नकद दिए। संजीव कुमार ने बताया कि उसके कुछ फर्जी कागजात बनवाने होंगे जो उसकी नौकरी लगने में काम आएंगे। लेखराज ने बताया कि उसके दोस्त प्रदीप कुमार के बेटे, मणिकांत व अन्य लोगों से भी संजीव कुमार, इंद्रपाल आदि ने मर्चेंट नैवी में नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये ले लिए।
लेखराज ने बताया कि संजीव ने मणिकांत से पैसे लेकर उसे फर्जी ज्वायनिंग करा दी। मणिकांत ने 9 महीने मीनाक्षी नामक जहाज पर नौकरी की। नौकरी की एवज में उसे प्रतिमाह केवल केवल 8 हजार रूपये मिले, जबकि उसे बताया गया था कि उसकी सेलरी 45 हजार रूपये होगी। परेशान होकर मणिकांत वापस लौट आया। नौकरी ना लगने पर जब उन्होंने संजीव से पैसे मांगे तो उसने अपने साथियों के साथ मिलकर गाली गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का भी प्रयोग भी किया। जेवर के थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी संजीव उसके चचेरे भाई व इंद्रपाल के खिलाफ धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
नोएडा व ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में ठगी के ऐसे ही अनेक मामले हैं। मजेदार बात यह है कि ठगी हो जाने के बाद नोएडा कमिश्नरी की पुलिस रिपोर्ट तक दर्ज नहीं करती है। पीड़ित पक्ष को अदालत के माध्यम से रिपोर्ट दर्ज कराने में महीनों लग जाते हैं। जब तक रिपोर्ट दर्ज होती है ठग भाग चुके होते हैं। पुलिस का डर न होने के कारण ठगी का धंधा धड़ल्ले से चलता है। Noida News