नोएडा प्राधिकरण पहुंची सीबीआई, बिल्डर साइट का किया निरीक्षण
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 03:12 AM
Noida News :सबवेंशन स्कीम के तहत फ्लैट खरीदारों से लोन कराकर बुकिंग के नाम पर ठगने वाले बिल्डरों-बैंकों के गठजोड़ की जांच सीबीआई ने तेज कर दी है। नोएडा में बुधवार को सीबीआई की पांच सदस्यीय टीम नोएडा प्राधिकरण के दफ्तर पहुंची। टीम ने ग्रुप हाउसिंग विभाग के अधिकारियों से सबवेंशन स्कीम के तहत बुकिंग कराने वाले प्रोजेक्टों की जानकारी मांगी। यही नहीं, टीम ने नोएडा के इस बिल्डर साइट पर पहुंचकर प्रोजेक्ट की मौजूदा स्थिति का निरीक्षण किया। इन सभी परियोजनाओं में बड़ी संख्या में फ्लैट खरीदार फंसे हुए हैं।
सीबीआई साइट पर पहुंची
प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक सुबह बुधवार को सीबीआई की टीम सेक्टर-6 दफ्तर पहुंची। सीबीआई को उन परियोजना स्थल का निरीक्षण करना था। प्राधिकरण से पता आदि लेने के बाद जांच टीम साइट पर गई। यहां प्राधिकरण के जूनियर स्तर के अधिकारियों ने सीबीआई टीम की मदद की। अधिकारियों के मुताबिक सीबीआई की ओर से परियोजना की कुल यूनिट, सबवेंशन स्कीम के तहत बुकिंग वाली यूनिट, परियोजना को आॅक्यूपेंसी और कंप्लीशन सर्टिफिकेट, परियोजना में प्राधिकरण का बकाया परियोजना में निर्माण का प्रतिशत आदि की जानकारी मांगी जाएगी।
इन बिल्डरों की परियोजनाएं रडार पर
नोएडा में कुल आठ बिल्डरों की 10 परियोजनाए जांच के रडार पर हैं। इनमें सुपरटेक की तीन परियोजनाएं सेक्टर-74 नार्थ आई केन सेक्टर-118 की रोमानों शामिल है। सुपरटेक के कुल पर खरीदारों ने कोर्ट में याचिका लगाई थी। इसी तरह सेक्टर-143 में साहा बिल्डर सेक्टर-143 में विक्ट्री एस जों ड्रीम प्रोकॉन और लाजिक्स सिटी डेवलपर्स की साझेदारी है। इसके अलावा सेक्टर-143 में लाजिक्स ब्लासम जेस्ट, सेक्टर-137 के शुभकामन टेक होम्स, सेक्टर-131 के द आर्चर्ड, सेक्टर 79 के द बोल्विडिर, सेक्टर 118 के अजनारा एंब्रोसिया परियोजना और उसके बिल्डरों के नाम एफआईआर में है। Noida News
यह है सबवेंशन स्कीम
सबवेंशन स्कीम में फ्लैट की बुकिंग के तीन साल तक खरीदार को पैसा भी नहीं देना होता है। बुकिंग अमाउंट देने के बाद बिल्डर खरीदारों का बैंक से लोन कराकर पूरे पैसे ले लेते हैं। खरीदारों से वादा किया गया था कि तीन साल तक जो ब्याज बनता है वो बिल्डर चुकाएंगे। फ्लैट पर कब्जा मिलने के बाद ही खरीदार आगे का किश्त चुकाएंगे।
वादे के मुताबिक बिल्डरों ने न तीन साल का ब्याज दिया और न ही फ्लैट पर कब्जा दिया गया। खरीदारों को घर नहीं मिला और किश्त भी भरनी पड़ी। Noida News