
उपजिलाधिकारी (न्यायिक) व जनगणना प्रभारी अधिकारी विवेक भदौरिया ने बताया कि जेवर के जिन 14 गांवों में यह काम चल रहा है, उनमें प्रमुख गांव हैं रोही, बनवारीवास, पारोही, रामनेर, बंकापुर, चौरोली, ख्वाजपुर, थोरा, नीमका, दयानतपुर, साबौता, मुकीमपुर शिवारा, किशोरपुर और जेवर बांगर। इन गांवों के किसानों की कुल 1857 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। अधिकारी ने बताया कि जनगणना का कार्य 30 जून तक पूरा करने का लक्ष्य है ताकि रिपोर्ट समय पर तैयार कर पुनर्वासन योजना का ड्राफ्ट सौंपा जा सके।
हालांकि जहां अधिकांश गांवों में काम 90% तक पूरा हो चुका है, वहीं थोरा, नीमका और ख्वाजपुर जैसे गांवों में अब भी जनगणना लगभग 50% के आसपास ही हो पाई है। इस कारण संबंधित टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे काम में और तेजी लाएं।
इस पूरी कवायद का मकसद है कि जिन परिवारों की जमीन ली जा रही है, उन्हें सही और समय पर मुआवजा, पुनर्वासन सुविधाएं और सामाजिक पुनर्व्यवस्था मिल सके। यह योजना भूमि अधिग्रहण अधिनियम की धारा 16 के तहत तैयार की जा रही है, जिसमें विस्थापितों के हितों की रक्षा को प्राथमिकता दी जाती है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना को लेकर प्रशासन गंभीर है और कोशिश है कि कोई परिवार पीछे न छूटे। Noida News