
Noida News (चेतना मंच)। यूपी के नोएडा में सैकड़ों सरकारी टीचर्स के खाते पर डाका डाले जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में तैनात एक बाबू पर आरोप है कि उसने एक प्राइवेट बैंक के कर्मचारियों के साथ सांठ-गांठ करके सरकारी धन को प्राइवेट बैंक में ट्रांसफर करवा दिया।
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉक्टर धर्मवीर चौधरी ने ग्रेटर नोएडा के थाना सूरजपुर में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि डीएसओ कार्यालय के अधीन जनपद गौतमबुद्धनगर में 547 अध्यापक कर्मचारी न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) के हकदार हैं। इनको प्रतिमाह 10 प्रतिशत की दर से वेतन की एनपीएस की कटौती के साथ राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए 14 प्रतिशत राज्यांश के साथ एनएसडीएल मुंबई को धनराशि हस्तांतरित की जाती है। धनराशि ट्रांसफर करने से पूर्व संबंधित अध्यापक कर्मचारी खाता खुलवाने के लिए आवेदन करता है।
इस दौरान आवेदन पत्र पर कर्मचारियों द्वारा स्पष्ट किया जाता है कि उनका अंशदान एनएसडीएल द्वारा किस फंड मैनेजर को ट्रांसफर किया जाए। उन्होंने बताया कि जनपद में उपरोक्त 547 कर्मचारियों ने राजकीय फंड मैनेजर एसबीआई लिंक में जमा करने की सहमति दी थी।
जांच करने पर पाया गया कि 547 अध्यापकों व कर्मचारियों की एनपीएस कटौती तथा राज्यांश की धनराशि को एनएसडीएल को हस्तांतरित नहीं किया गया है। इस धनराशि को एसबीआई लिक फंड मैनेजर को हस्तांतरित ना करके एचडीएफसी को हस्तांतरित किया गया है। जांच में पता चला कि यह सारा धंधा कार्यालय के लेखाकार देवेंद्र कुमार ने एचडीएफसी बैंककर्मी श्रीमती योग्यता व रवि कुमार की मिलीभगत से किया है।
जिला विद्यालय निरीक्षक ने आरोप लगाया कि उनके एनपीएस पासवर्ड लेखाकार देवेंद्र कुमार के पास रहता है। देवेंद्र कुमार ने पासवर्ड का दुरुपयोग कर एनपीएस की धनराशि को गैर कानूनी तरीके से सरकारी फंड मैनेजर एसबीआई यूटीआई एलआईसी की बजाय अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए एचडीएफसी बैंक को ट्रांसफर कर दिया। थाना प्रभारी में बताया कि जिला विद्यालय निरीक्षक की शिकायत पर लेखाकार सहित दोनों बैंक कर्मियों के खिलाफ धोखाधड़ी व गबन का मामला दर्ज कर लिया है।