Noida News: देश को पोषण सुरक्षा की आवश्यकता: डा. श्रीदेवी
भारत
चेतना मंच
30 Mar 2022 06:18 PM
Noida: नोएडा । एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी (Amity institute of food technology) द्वारा ''खाद्य स्थिरता: भविष्य के लिए चुनौतियां और अवसर" ("Food Sustainability: Challenges and Opportunities for the Future") विषय पर पांचवे अंर्तराष्ट्रीय सम्मेलन एमिफोस्ट 2022 का आयोजन किया गया। इस त्रिदिवसीय सम्मेलन का शुभारंभ मैसूर के सीएसआईआर केन्द्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान की निदेशक डा श्रीदेवी अन्नपूर्णा सिंह, इटली के टयूरिन विश्वविद्यालय के ड्रग साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग के प्रो गियानकार्लो कारवोटो, एमिटी शिक्षण समूह के संस्थापक अध्यक्ष डा. अशोक कुमार चौहान, एमिटी विश्वविद्यालय उत्तरप्रदेश की वाइस चांसलर डा बलविंदर शुक्ला, एमिटी साइंस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फांउडेशन के अध्यक्ष डा डब्लू सेल्वामूर्ती, एमिटी फूड एंड एग्रीकल्चर फांउडेशन की महानिदेशक डा नूतन कौशिक और एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी के निदेशक डा वी के मोदी ने किया।
मैसूर के सीएसआईआर केन्द्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान की निदेशक डा श्रीदेवी अन्नपूर्णा सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि विश्व की बढ़ रही जनसंख्या के अनुसार हमें भविष्य में लोगों को भोज्य और पोषण युक्त भोजन की उपलब्धता के लिए तैयार रहना होगा। स्थिर खाद्य प्रणाली के अंर्तगत आर्थिक समाजिक और पर्यावरणीय स्तर पर खाद्य सुरक्षा और पोषण दोनो का समावेश होता है जिसमें आने वाले भविष्य के साथ समझौता ना करना पड़ें। स्वास्थ्यवर्धक गुणवत्ता पूर्ण जीवन के संतुलित और विवेकपूर्ण आहार को विकसित करना होगा। आज हमें पोषण सुरक्षा की भी आवश्यकता है क्योकी किसी भी एक स़्त्रोत से सभी प्रकार के पोषण संभव नही है और पोषण तत्वों की कमी से स्वास्थय कमजोर होगा।
एमिटी शिक्षण समूह के संस्थापक अध्यक्ष व प्रसिद्घ शिक्षाविद् डा. अशोक कुमार चौहान ने संबोधित करते हुए कहा कि सभी को खाद्य सुरक्षा के दायरे में लाने के लिए और उनके पूर्ण विकास के लिए पोषण युक्त भोजन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी हम सभी की है और अकादमिक, वैज्ञानिक, उद्योगों, सभी को मिलकर साझा प्रयास करना होगा। डा चौहान ने कहा कि खाद्य स्थिरता की चुनौतियों का निवारण शोध और नवाचार के माध्यम से ही संभव है और इसके लिए छात्रों को आगे आकर समस्या के निवारणों को खोजना होगा।
एमिटी विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश की वाइस चांसलर डा बलविंदर शुक्ला ने कहा कि खाद्य स्थिरता की चुनौतियों से निपटने के लिए हमें गुणवत्ता के साथ उत्पादकता को बढ़ाना होगा और खाद्य का बर्बाद होने से बचाना होगा। इस अवसर एमिटी फूड एंड एग्रीकल्चर फांउडेशन की महानिदेशक डा नूतन कौशिक और एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी के निदेशक डा वी के मोदी ने अपने विचार व्यक्त किये।